Old Testament
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इफिसियों 3:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उस सनातन मनसा के अनुसार जो उसने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थीं।
इफिसियों 3:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
इफिसियों 3:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 तीमुथियुस 1:9 (HINIRV) »
जिस ने हमारा उद्धार किया, और पवित्र बुलाहट से बुलाया, और यह हमारे कामों के अनुसार नहीं; पर अपनी मनसा और उस अनुग्रह के अनुसार है; जो मसीह यीशु में अनादि काल से हम पर हुआ है।

इफिसियों 1:11 (HINIRV) »
मसीह में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहले से ठहराए जाकर विरासत बने।

यशायाह 46:10 (HINIRV) »
मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूँ जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूँ, 'मेरी युक्ति स्थिर रहेगी* और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूँगा।'
इफिसियों 3:11 पर टिप्पणी: सनातन मसनसा कैसे चला
यह पद पंक्ति में एक उच्चतर योजना का स्मरण कराता है। प्रेरित पौलुस यहाँ उस भूमिका को उजागर करते हैं जिसे परमेश्वर ने जगत के संदर्भ में पहले से निर्धारित कर रखा था—यानी प्रभु यीशु मसीह के द्वारा चलाई गई ईश्वर की “सनातन मसनसा”। यह वाक्य, जो भाषा में सरल पर अर्थ में गहरा है, बताता है कि आपसी विश्वास के संदर्भ में हमारे जीवन का उद्देश्य पहले से निर्धारित है और वह योजना यीशु के माध्यम से प्रकट होती है।
पद का वातावरण और अध्याय के भीतर भूमिका
इफिसियों के अध्याय 3 में मार्मिक तरीके से प्रकाश डाला गया है कि ईसाई जीवन के भीतर परमेश्वर की योजनाओं का कार्य कैसे होता है—पहचान, आस्था और विश्वभर के लिए उद्घोषणा। verse 11 विशेष रूप से यह बताता है कि यह सब सनातन मंसूबे के अनुसार हुआ है जो उसने हमारे प्रभु यीशु मसीह में किया। यह बताता है कि यीशु के जीवन, क्रूस, पुनरुत्थान और आसन्न उद्धार का क्रम एक निश्चित उद्देश्य की पूर्ति के लिए है: ईश्वरीय योजना का आधिकारिक क्रिया-क्रम।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्यंध पवित्र शास्त्रों से संगति
यहाँ कुछ संबंधित उद्धरण उनके बिना पूर्ण पाठ नहीं लेकिन विचारों के संगत संदर्भ देखें संभावित प्रबल संदेश देते हैं:
व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) ईश्वर की योजना पर भरोसा रखें: जीवन में कभी-कभी स्थितियाँ अस्पष्ट लगती हैं; फिर भी हमारा आत्म-विश्वास यही कहता है कि परमेश्वर के उद्देश्य समय पर पूरे होंगे।
2) यीशु के माध्यम से पहचान और साक्षात्कार: हमारे जीवन की दिशा उसकी शिक्षाओं और प्रेरणा के अनुसार ढलती है—करुणा, निष्ठा और आस्था की मिसाल बनें।
चर्च-पूर्वक संदर्भ और संकल्पनात्मक लिंक
यहाँ तीन संक्षिप्त cross-reference दिए जा रहे हैं, प्रत्येक का छोटा स्पष्टीकरण:
संक्षेप सार
इफिसियों 3:11 हमें याद दिलाता है कि प्रभु यीशु के माध्यम से परमेश्वर की पूर्व-योजना मानवीय इतिहास के हर चक्र में संचालित होती है। यह योजना ईश्वर के Glory के लिए है और विश्वासियों के लिए जीवन की दिशा—एक स्थिर, पवित्र और उद्धारमय राह देते हैं।
उद्धरण-तथ्य: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के उपलब्ध सामान्य विचारों से प्रेरित संकल्पनाएं सम्मिलित की गई हैं। उनके स्पष्ट वाक्यांशों का संक्षेप उल्लेख नीचे उद्धृत है (केवल संदिग्ध-उद्धरण यदि मूल पाठ से लिया गया हो):
“...सनातन मसा के अनुसार”—पौलुस का यह शब्द ईश्वर की पूर्व-निर्धारण योजना की एक दृढ़ अभिव्यक्ति है।