Old Testament
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इफिसियों 3:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी विनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ्य के अनुसार जो हम में कार्य करता है,
इफिसियों 3:20 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इफिसियों 3:20 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 कुरिन्थियों 9:8 (HINIRV) »
परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है*। जिससे हर बात में और हर समय, सब कुछ, जो तुम्हें आवश्यक हो, तुम्हारे पास रहे, और हर एक भले काम के लिये तुम्हारे पास बहुत कुछ हो।

रोमियों 4:21 (HINIRV) »
और निश्चय जाना कि जिस बात की उसने प्रतिज्ञा की है, वह उसे पूरा करने में भी सामर्थी है।

इफिसियों 3:20 पर.commentary: हमारे विनयपूर्ण विश्वास के अनुसार उससे कहीं अधिक शक्तिशाली कर्म
यह पद हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर की सामर्थ्य मानवीय सीमा से परे है। प्रेरित पॉल का यह अभिवचन उस विश्वास-आधार को पुष्ट करता है जो परमेश्वर के कल्याणकारी योजनाओं की अद्भुत पूर्ति की ओर ले जाता है। उनके लिखे यह शब्द न केवल अद्भुत "कर्म" की बात कहते हैं, बल्कि वे यह भी बताते हैं कि वह शक्ति किस प्रकार विश्वासयोग्य जीवों में कार्य करती है—“जो हमारे भीतर कार्य करता है।”
परिप्रेक्ष्य और मूल संदर्भ
उच्चारण के अनुसार इफिसियों के पहले दो संकलन पॉल ने चर्च को एक प्रेरणात्मक और स्थापना-प्रधान संदेश दिया था। अध्याय 3 में वह ईश्वर की योजना का आलोक खोलते हैं कि Gentiles भी अब मसीह में एक ही परिवार के सदस्य हैं। और उस महान उद्देश्य के केंद्र में है वह शक्ति जिसने ईश्वरीय वरदानों को लागू किया है। इस पद के पीछे विचार है: परमेश्वर इतना अधिक capable है कि हमारी अपनी प्रार्थनाएँ, हमारी समझ, और हमारी सीमितता भी उसके काम के आगे छोटा पड़ जाती है।
मुख्य संदेश
1) परमेश्वर की अद्भुत सामर्थ्य की सीमा नहीं है; 2) हमारी तुच्छ विनती भी उसकी योजना के अनुरूप प्रभाव छोड़ती है; 3) यह शक्ति जो हमारे भीतर कार्य करती है, वह प्रेम और पवित्रता के नेतृत्व में है, ताकि हम मसीह में अधिक-से-अधिक मजबूत बनें।
केंद्रीय विचारों की निचोड़
ईश-वचन से जुड़ी संरचना
यह पाठ प्रेरित बारम्बारता से शास्त्र की एकजुटता की स्मृति कराता है: ईश्वर द्वारा दी गई कृपा केवल साक्षात्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हमारे जीवन के हर आयाम को प्रभावित करती है—वाणी से कर्म तक, आस्था से प्रेम तक।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त विचार)
- रोम 8:28-30 जैसे पाठ यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर अपने उद्देश्य के लिए सभी चीजों को मिलाकर नेक कामों में लगाते हैं; यह विचार इस verse के साथ जुड़ता है कि शक्तिशाली कर्म उस योजना के अनुरूप होते हैं।
- फिलिप्पियों 2:13 से यह स्मरण मिलता है कि परमेश्वर ही हमें विश्वास के भीतर कार्य करने की प्रेरणा और शक्ति देता है; यह “हम में कार्य करता है” की गहराई को स्पष्ट करता है।
- इब्र 11:1 जैसी आस्था की परिभाषा यह संकेत देती है कि विश्वास सच में वही शक्ति है जो अकल्पनीयों को संभव बनाती है।
पूर्ववर्ती टिप्पणीकारों की प्रेरणा (संक्षेप)
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के भीतर जो स्पष्ट धारा मिलती है, उसे इस पाठ के एकीकृत संदेश में शामिल करते हुए कहा जा सकता है: परमेश्वर की श्रेष्ठता जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाती है—प्रार्थना, विश्वास, और नम्रता के साथ की जाने वाली विनतीों में भी।
प्रेरित पॉल का आशय उनके लेखन में इस प्रकार दिखता है: परमेश्वर के अद्भुत सामर्थ्य के कारण ही हमारी छोटी-सी विनय भी महान उद्देश्य को साध सकती है; और यह सामर्थ्य हमारे भीतर काम करता है ताकि हम मसीह में स्थिर रहें।
आध्यात्मिक आवेदन
- नम्र Prayers: परमेश्वर से पूछें कि वह आपके भीतर उसकी शक्ति को अधिक रूपरेखा दे ताकि आप कठिन परिस्थितियों में भी उद्धार के मार्ग को पहचान सकें।
- विश्वास की गतिविधियाँ: छोटे-छोटे कदम भी उस शक्ति के साथ बड़े प्रभाव डाल सकते हैं—सेवा, सहानुभूति, और प्रेरणा।
संक्षिप्त देवotional विचार
जब हमारी समझ थक जाती है, तब भी ईश्वर की शक्ति हमारे भीतर जीवित रहती है—यह हमें उम्मीद देती है कि जीवन के हर परिवर्तन में वह हमारा साथ दे रहा है। कुछ भी असम्भव नहीं जब परमेश्वर वह कर सकता है जो हमारी कल्पना से परे है, और वह हमारे भीतर उसी शक्ति के अनुसार कार्य करता है।
संक्षिप्त संदर्भ-योग
1) रोम 8:28-30 — यीशु के लक्ष्य की पुष्टि और विनम्र विश्वास के साथ सामना करने का मार्ग।
2) फिलिप्पियों 2:13 — परमेश्वर की प्रेरणा और शक्ति का स्रोत।
3) इब्र 11:1 — विश्वास के वास्तविक प्रमाण की परिभाषा।