Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीइफिसियों 3:13 बाइबल पद की व्याख्या
इफिसियों 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए मैं विनती करता हूँ कि जो क्लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण साहस न छोड़ो, क्योंकि उनमें तुम्हारी महिमा है।
इफिसियों 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
इफिसियों 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

फिलिप्पियों 1:12 (HINIRV) »
हे भाइयों, मैं चाहता हूँ, कि तुम यह जान लो कि मुझ पर जो बीता है, उससे सुसमाचार ही की उन्नति हुई है। (2 तीमु. 2:9)

2 कुरिन्थियों 1:6 (HINIRV) »
यदि हम क्लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति के लिये है; जिसके प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं।

इफिसियों 3:13 का संदर्भ और अर्थ
पद का immediate setting: नीचे दिए गए पाठ में पौलुस ईफिसी समुदाय से उनका दिलासा माँगते हैं ताकि क्लेशों के बीच भी वे साहस न छोड़ें। यहाँ प्रेरक उद्देश्य यह है कि पाठक को ईमानदारी से दुनिया के संघर्षों का सामना करते हुए भी परम मित्र-भाव से टिके रहने की शिक्षा मिले।
पद का टेक्स्ट और उसका गूढ़ सार
“इसलिए मैं विनती करता हूँ कि जो क्लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण साहस न छोड़ो, क्योंकि उनमें तुम्हारी महिमा है।”
यह वाक्य दिखाता है कि दुःख, कठिनाई और प्रतिकूल परिस्थितियाँ ईश्वर की महिमा प्रकट करने का एक माध्यम बन सकती हैं। पौलुस अपने दुखों को केवल व्यक्तिगत पीड़ा नहीं मानते, बल्कि उन्हें एक उद्देश्य से जोड़ते हैं: विश्वास समुदाय का दृढ़ और नम्र विकास।
ईश्वर, विश्वास और क्लेश का सम्बन्ध
– ईश्वर के लोगों की कठिनाईयां अक्सर उनके विश्वास को परखने और दृढ़ करने का मौका बनती हैं। भगवान के उद्देश्य में हमारी दुर्बलताओं के बीच भी शक्ति रहती है, ताकि हमारे उद्धार और कल्याण की महिमा अधिक प्रकट हो।
– यह संदेश हमें यह याद दिलाता है कि त्रासदी में भी आशा का धागा है; अगर हम प्रभु के साथ चलते हैं, तो क्लेश भी आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग बन सकता है।
पुष्टि-शब्दों और विचार-सार
इस वाक्य में प्रमुख शब्दों के अर्थ पर दृष्टि डालें:
संबंधित बाइबल पाठ
1) रोमियों 5:3‑5 — दुख के समय भी आशा की मानवीय उन्नति संभव है और प्रेम का अनुभव गहराता है।
2) 2 कुरिन्थ 4:17 — अस्थायी क्लेश, उत्तम महिमा के अनुरूप एक अत्यधिक भारी नहीं, बल्कि अनंत शांति देता है।
3) 2 तिमथी 1:7 — ईश्वर ने हम में साहस और प्रतिज्ञा को भरपूर बनाया है, भय नहीं।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
– कठिन समय में भी प्रभु पर विश्वास बनाए रखें; भक्तों के लिए क्लेश एक अवसर है कि वे ईश्वर की शक्तिशाली उपस्थिति को अनुभव करें।
– समुदाय के भीतर एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और समर्थन दिखाएं ताकि कठिनाइयों में भी आत्मिक दृढ़ता बनी रहे।
संक्षेप निष्कर्ष
इस पद से हमें यह सिख मिलती है कि क्लेश के समय भी ईश्वर की महिमा प्रकट होती है जब हम अपने विश्वास पर अडिग रहते हैं। हमारी स्वाभाविक चित्त-वृत्ति से ऊपर उठकर, धैर्य व प्रार्थना के साथ जीवन के अस्थिर क्षणों को स्वीकारना परमेश्वर के उद्देश्य को पूरा करने का मार्ग बन सकता है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (उद्धरणपात्र)
यह पाठ सीधे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के कार्यों से विशिष्ट उद्धरण नहीं देता; पर उनके विचारों के अनुरूप, इस प्रकार की व्याख्या उनके मानक अंशों के गहरे अध्याय से संचरित नैतिकता को स्पर्श करती है: क्लेश को प्रभु के उद्देश्य के लिए एक अवसर मानना और विश्वास की प्रगति के लिए उसे साधन बनाना।