Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 9:1 1 कुरिन्थियों 9:2 1 कुरिन्थियों 9:3 1 कुरिन्थियों 9:4 1 कुरिन्थियों 9:5 1 कुरिन्थियों 9:6 1 कुरिन्थियों 9:7 1 कुरिन्थियों 9:8 1 कुरिन्थियों 9:9 1 कुरिन्थियों 9:10 1 कुरिन्थियों 9:11 1 कुरिन्थियों 9:12 1 कुरिन्थियों 9:13 1 कुरिन्थियों 9:14 1 कुरिन्थियों 9:15 1 कुरिन्थियों 9:16 1 कुरिन्थियों 9:17 1 कुरिन्थियों 9:18 1 कुरिन्थियों 9:19 1 कुरिन्थियों 9:20 1 कुरिन्थियों 9:21 1 कुरिन्थियों 9:22 1 कुरिन्थियों 9:23 1 कुरिन्थियों 9:24 1 कुरिन्थियों 9:25 1 कुरिन्थियों 9:26 1 कुरिन्थियों 9:27



1 कुरिन्थियों 9:2 पर प्रवचन
इस पद में पौलुस अपने अधिकारों और प्रेरिती की पहचान को स्पष्ट करते हैं। वे कहते हैं कि यदि वे अन्य लोगों के लिये प्रेरित नहीं हैं, तब भी क्रिस्ती समुदाय के लिये वे प्रेरित हैं, क्योंकि समस्त कलीसिया उनके द्वारा प्रभु में स्थापित मानी जाती है। यह वचन प्रेरित के अधिकार और दायित्व के संतुलन को उजागर करता है: ईश्वरीय बुलाहट के प्रति सहयोग, समर्पण और लोक-कल्याण के लिए स्वयं को अर्पण।
पद का अध्याय में स्थान
पहले अध्यायों में पौलुस अपनी प्रेरणात्मक अधिकार-नियमों के बारे में चर्चा करते हैं—क्या वे शास्त्री हैं, कौन से अधिकार उनके पास हैं, और कैसे वे मसीह की सेवा को स्थापित रखते हैं। 9:2 में वे कहते हैं कि भले ही उनके लिए प्रेरित की पहचान न बने, फिर भी वे क्रिस्त के लिए प्रेरित हैं क्योंकि समुदाय के जीवन में उनका प्रभाव और उनका-सामाजिक-चिह्न है। यह एक सत्य है कि परमेश्वर के संदर्भ में प्रेरिती के दायित्व इरादतन और सार्वजनिक रूप से दिखते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
अन्य संदर्भों से तुलनात्मक विचार
यह विचार पुराने और नए नियम के प्रेरित-आयाम से मेल खाता है:
व्यावहारिक अनुप्रयोग
हम अपनी स्थानीय ईकाई में इस वचन से तीन बातें सीखते हैं:
क्रॉस-रेफरन्स और तात्पर्य
इस संदर्भ से जुड़ी छोटी-सी स्पष्टता: पौलुस अपने अधिकारों की घोषणा करते हैं ताकि पाठक यह समझ लें कि वे प्रेरित हैं और उनका उद्देश्य मसीह के शरीर को मजबूत करना है। नीचे दिए तीन क्रॉस-रेफरन्स इन विचारों को और स्पष्ट करते हैं:
संक्षेप
1 कुरिन्थियों 9:2 हमें सिखाता है कि प्रेरित होना केवल अधिकार नहीं, बल्कि ईश्वर के शरीर के लाभ के लिए आत्म-त्याग और सेवा है। यह परमेश्वर के कार्यक्रम में संतुलन और नेतृत्व के स्वस्थ मॉडल को दर्शाता है, जिसमें प्रेरित का प्रमाण समुदाय के लिए उनके आचरण और सेवा से मिलता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (मैथ्यू हेन्री, एलबर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क से यदि उपलब्ध हों):
“पौलुस के शब्दों में प्रेरित होने का प्रमाण यह है कि उनका जीवन समुदाय के लिए मसीह के हाथों से दूर नहीं रहता।” — मैथ्यू हेन्री से प्रेरित-आचार के अनुसार सारगर्भित विचार
“यह कहने के साथ कि वे प्रेरित हैं, वे कहते हैं कि उनका प्रभाव और कार्य क्रिस्ट की सेवा के लिए है; उनका अधिकार और दायित्व एक साथ चलते हैं।” — Albert Barnes के उद्धरण के अनुरूप सार
“प्रेरित की भूमिका अपने-आप में नहीं, बल्कि कलीसिया के उद्धार-कार्य के लिए है; उनके अधिकार से अधिक उनके द्वारा दी जाने वाली सेवा महत्त्वपूर्ण होती है।” — Adam Clarke के दृष्टिकोण के अनुसार सुसंगत विचार