Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 4:1 1 राजाओं 4:2 1 राजाओं 4:3 1 राजाओं 4:4 1 राजाओं 4:5 1 राजाओं 4:6 1 राजाओं 4:7 1 राजाओं 4:8 1 राजाओं 4:9 1 राजाओं 4:10 1 राजाओं 4:11 1 राजाओं 4:12 1 राजाओं 4:13 1 राजाओं 4:14 1 राजाओं 4:15 1 राजाओं 4:16 1 राजाओं 4:17 1 राजाओं 4:18 1 राजाओं 4:19 1 राजाओं 4:20 1 राजाओं 4:21 1 राजाओं 4:22 1 राजाओं 4:23 1 राजाओं 4:24 1 राजाओं 4:25 1 राजाओं 4:26 1 राजाओं 4:27 1 राजाओं 4:28 1 राजाओं 4:29 1 राजाओं 4:30 1 राजाओं 4:31 1 राजाओं 4:32 1 राजाओं 4:33 1 राजाओं 4:34



1 राजाओं 4:26 पर टिप्पणी
पद में स्वर्गीय राजा सुलैमान की विशाल सैन्य व सैन्य-सामग्री का उल्लेख है। यह संदर्भ उस समय की राज्य-व्यवस्था, धन-संपदा और प्रशासनिक व्यवस्था की व्यापकता को दर्शाता है जो उसकी शासकीय कुर्गति का संकेत देती है। परमेश्वर द्वारा दी गईwisdom के साथ, सुलैमान ने विशाल सामर्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्था की ताकि राज्य स्थिर और समृद्ध रहे।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य सुलैमन के साम्राज्य की भौतिक महिमा का एक भाग है – रथों, घोड़ों और घुड़सवारों की विशाल संख्या, जो उसे बाहरी सुरक्षा और आंतरिक शासन में समर्थ बनाती है। यह दिखाता है कि एक राजा के पास न केवल न्याय और प्रशासन होते हैं, बल्कि सैन्य संकल्प और संसाधनों का प्रभावशाली संयोजन भी होता है।
मुख्य विषय
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत-वाक्य)
– अन्य महाकाव्यों में राजा के विशाल संसाधनों पर विचार मिलता है; यह दर्शाता है कि परमेश्वर के उद्धारक उद्भवों में भी सुरक्षा-व्यवस्था का महत्व है।
– संस्थागत सत्ता के दायित्व: धन-संपदा और सैन्य शक्ति का सही संचालन—न्याय, दया और परमेश्वर की स्तुति के साथ—राज्य की वास्तविक समृद्धि को प्रदर्शित करता है।
– आंतरिक पूजा और नीति: शस्त्र-चक्र के साथ प्रशासनिक सुधार और धार्मिक शिक्षा भी संतुलित होनी चाहिए।
पवित्र-वचन से जुड़ी व्यावहारिक धारणा
1) शक्ति का स्रोत: यह पद यह स्मरण दिलाता है कि राजसी व्यवस्था कितनी भी मजबूत क्यों न हो, उसकी असल ताकत परमेश्वर की इच्छा और दया से आती है। 2) दायित्व की याद: संपत्ति और सैन्य-स resources का सही उपयोग, जनता के कल्याण और सरकार की जिम्मेदारी के लिए होना चाहिए, न कि अहंकार की अभिवृद्धि के लिए।
छोटे-से-छोटा समाकलित सार
यह वाक्य सुलैमान के राज्य-प्रबंध की भौतिक महिमा को बताता है, पर यह संकेत देता है कि वास्तविक सुरक्षा और शासन उन साधनों के उचित, नैतिक और उद्देश्य-उन्मुख उपयोग पर निर्भर है, जिसे परमेश्वर के लक्ष्य के साथ जोड़ा गया हो।
संक्षिप्त समापन
सुलैमान की चालीस हजार घुड़साल और बारह हजार घुड़सवार एक विशाल सामरिक तंत्र का प्रतीक हैं जो राज्य के सुरक्षा-तंत्र को मजबूत बनाते हैं। इसका संदेश यह है कि संसाधनों का संयोजन, यदि सच्चे उद्देश्य के साथ और परमेश्वर-कर्तव्य में लगा हो, तो शासन की स्थिरता और शांति को बनाए रखता है।
संदर्भ-नोट
नीति में यहudhर तत्त्व जीवन-चर्या, न्याय और परमेश्वर के साथ प्रभुता के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा देता है।