Old Testament
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1 तीमुथियुस 2:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जिसने अपने आप को सबके छुटकारे के दाम में दे दिया; ताकि उसकी गवाही ठीक समयों पर दी जाए।
1 तीमुथियुस 2:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 तीमुथियुस 2:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 20:28 (HINIRV) »
जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिए नहीं आया कि अपनी सेवा करवाए, परन्तु इसलिए आया कि सेवा करे और बहुतों के छुटकारे के लिये अपने प्राण दे।”

1 तीमुथियुस 6:15 (HINIRV) »
जिसे वह ठीक समय पर* दिखाएगा, जो परमधन्य और एकमात्र अधिपति और राजाओं का राजा, और प्रभुओं का प्रभु है, (भज. 47:2)

क्यों यह पद महत्वपूर्ण है
1 तीमुथियुस 2:6 बताता है कि मसीह ने स्वयं को सभी के उद्धार के मूल्य पर समर्पित किया, और यह समर्पण "ठीक समयों पर" शुद्ध और विश्वसनीय गवाही का आधार बनता है। यह वचन ईश्वर की मुक्ति की सार्वभौमिक प्रेरणा और मसीह की सक्रिय सहमति—उसका देने का निर्णय—दोनों को उजागर करता है। हमारे आस्थावान और प्रचार के जीवन के लिए यह आश्वासन देता है कि परमेश्वर की मुक्ति योजित और सही समय पर उपलब्ध कराई जाती है।
मूल संदर्भ
यह पद पौलुस के पत्र के मध्य में आता है जहाँ वह तीमुथियुस को चर्च की प्रार्थना, उद्धार संदेश और उपदेश की शुद्धता पर निर्देश दे रहे हैं। पूरा संदर्भ (1 तीमुथियुस 2:1–7) प्रार्थना के महत्व, विशेष रूप से शासकों के लिए प्रार्थना, और यीशु मसीह की मध्यस्थता पर प्रकाश डालता है। पद 6 विशेष रूप से मसीह के बलिदान के उद्देश्य—"सबके छुटकारे"—और उसके द्वारा दी जाने वाली सुसमाचार की "ठीक समय" प्रमाणिकता को रेखांकित करता है।
मुख्य संदेश
पौलुस यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मुक्ति का केन्द्र बिंदु व्यक्ति-पर्याप्त और समयसंगत है: मसीह ने स्वयं को "छुटकारे के दाम" के रूप में दिया। यह न केवल एक सिद्धांत है कि उद्धार उपलब्ध है, बल्कि यह भी कि उद्धार का प्रस्ताव और उसका इतिहास-निर्धारण—"ठीक समयों पर दी जाए"—ईश्वर की इच्छा और योजना के अनुरूप है। इससे यह भी समझ आता है कि सुसमाचार की घोषणा में सत्यता और समयबद्धता है; हमारे प्रेरितों द्वारा दिया गया संदेश विश्वसनीय है।
समर्थक बाइबिल विषय
प्रासंगिक क्रॉस‑रेफरेंस
रोमियों 5:18 — पॉल यह विस्तार से बताता है कि एक के अधीन निष्ठा से न्याय और जीवन सभी लोगों के लिए आते हैं; 1 तीमुथियुस का "सबके छुटकारे" विचार इससे मेल खाता है।
तिमोथियुस से पहले के संदर्भ, 1 तीमुथियुस 2:5 — जहाँ मसीह को "एक मध्यस्थ" बताया गया है; यह पद 6 के मध्यस्थत्व और बलिदान के अर्थ को स्पष्ट करता।
तितुस 2:11 — यह वचन बताता है कि परमेश्वर की अनुग्रह सभी मनुष्यों का उद्धार लाती है और हमें सच जीवन की शिक्षा देती है; 1 तीमुथियुस 2:6 की सार्वभौमिक उद्धारधारणा के साथ संगत है।
प्रसिद्ध टिप्पणियों से संक्षिप्त उद्धरण
मैथ्यू हेनरी ने लिखा है: "He was given to be a ransom for all" — (नोट: यह अंग्रेज़ी मूल उद्धरण है और यहाँ स्रोत-सूचक उद्धरण के रूप में शामिल किया गया है)।
अल्बर्ट बार्न्स ने स्पष्ट किया: "This gives dignity to the office which he assumed" — (संक्षेप उद्धरण)।
एडम क्लार्क ने टिप्पणी की कि यह पद मसीह की कुशाग्र कर्तव्यनिष्ठा और मनुष्य के उद्धार हेतु उसकी स्वैच्छिक समर्पण को रेखांकित करता।
एक साथ व्याख्या और चिंतन
इस पद का एक संयुक्त संदेश यह है: मसीह का बलिदान व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों है—वह स्वयं को सबके उद्धार के लिये दिया। इस तथ्य से हमारी प्रार्थना और सुसमाचार की गुंजाइश बदलती है: हम उत्साह और विश्वासी आश्वासन के साथ प्रचार कर सकते हैं क्योंकि संदेश "ठीक समयों पर" दिया गया है और इसलिए भरोसेमंद है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम प्रार्थना में परिश्रमी हों, सुसमाचार के प्रचार में सच्चे और धैर्यशील बनें, और मसीह के मध्यस्थत्व पर निर्भर रहें।
दिनचर्या के लिए चिंतन
आज के जीवन में यह पद हमें याद दिलाता है कि उद्धार का निमंत्रण व्यापक है और हमारा कार्य इसे धैर्य और सजगता से करना है। व्यक्तिगत प्रार्थना में इसकी पुष्टि करें कि आपका विश्वास केवल विचार या भावना नहीं, बल्कि ऐतिहासिक सत्य और मध्यस्थ मसीह की दी हुई गवाही पर टिका है।