Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 तीमुथियुस 6:1 1 तीमुथियुस 6:2 1 तीमुथियुस 6:3 1 तीमुथियुस 6:4 1 तीमुथियुस 6:5 1 तीमुथियुस 6:6 1 तीमुथियुस 6:7 1 तीमुथियुस 6:8 1 तीमुथियुस 6:9 1 तीमुथियुस 6:10 1 तीमुथियुस 6:11 1 तीमुथियुस 6:12 1 तीमुथियुस 6:13 1 तीमुथियुस 6:14 1 तीमुथियुस 6:15 1 तीमुथियुस 6:16 1 तीमुथियुस 6:17 1 तीमुथियुस 6:18 1 तीमुथियुस 6:19 1 तीमुथियुस 6:20 1 तीमुथियुस 6:21



सीधे अर्थ की परिकल्पना
1 तीमुथियुस 6:15 में कहा गया है कि खास समय पर ईश्वर वह वस्तु दिखाई देगा जिसे “परमधन्य और एकमात्र अधिपति और राजाओं का राजा, और प्रभुओं का प्रभु” के रूप में पहचाना गया है। यह वाक्य ईश्वर की सर्वोच्च सत्ता, लाज, और व्यावहारिक नियंत्रण की प्रमाण है। यह स्पष्ट करता है कि प्रभु यीशु मसीह का समय आने पर ही उसकी महिमा पूरी तरह प्रकट होगी, और उसी समय वह सभी विरोधियों पर विजय पाकर शासन को सुव्यवस्थित करेंगे।
संदर्भ-वाला पृष्ठभूमि
यह वचन पॉल के प्रेरित-पत्र का भाग है जहाँ उसने तीमुथियुस को सचेत किया कि चर्च को सत्य-विश्वास बनाए रखना है, भलाई, धन की गलत दिशा से बचना है, और अंत समय के लिए तैय्यार रहना है। परमेश्वर का सही “समय” वह है जिसे परमपवित्र आत्मा कह देता है: वह समय जिसमें हर सांस लेने वाले के लिए उद्धार और श्रेष्ठ अधिकार खुलकर प्रकट होता है।
व्याख्यात्मक बिंदु
महत्वपूर्ण नोट्स
यह वचन बताता है कि प्रभु यीशु का शासन केवल मानव इतिहास के बाद नहीं, बल्कि ईश्वर के नियत समय पर आकार लेगा। भक्तों के लिए यह आश्वासन है कि अन्धकार overcomes कर देगा, और परमेश्वर की कर्तव्य-कीर्ति अक्षुण्ण रहेगी।
संबद्ध आयत-व्याख्या (छोटे cross-references)
- कौल 1:15-16: ईश्वर की सत्ता का प्रमाण कि सब कुछ मसीह के अधीन है; यह संदर्भ बताता है कि विश्व और सत्ता-प्रणालियाँ परमेश्वर के प्रभुत्व में हैं।
- प्रकाशितवाक्य 17:14: राजा के समक्ष विजय का स्पष्ट चित्रण; बताता है कि मसीह किस प्रकार आख़िर में प्रतिघातियों को परास्त कर शासन करेगा।
- यूहन्ना 1:14: ईश्वर ने अपने वचन को मसीह के रूप में जन्म दिया—महिमा, विश्वास और सत्तामयत्व का संयुक्त दर्शाव.
संक्षिप्त वास्तविक संदेश
व्यावहारिक निष्कर्ष
जीवन के दबावों में भी हम भरोसा रखें कि परमेश्वर के समय पर ही सब सत्य उजागर होंगे। निंदक-तत्वों के बीच भी हमें पवित्र जीवन जीने और प्रेम-चर्या बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है, ताकि हमारे जीवन से यह अभिव्यक्ति हो कि हम राजाओं के राज में जीवित सदस्य हैं।
उद्धृत समर्थक टिप्पणीकारियों के संकेत
डॉ. Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायाम-डायरी-भाव से प्रेरक अवलोकन इस प्रकार मिलते हैं: परमधन्य और एकमात्र अधिपति जैसे शीर्षक ईश्वर की अद्वितीय महिमा को उद्घाटित करते हैं; यह एक दायित्व है कि हम प्रभु के हुक्म के अनुसार जीवन बिताएं। (संदर्भ विचारों में संक्षिप्त अर्थ-उद्धरण उपलब्ध है।)