Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 तीमुथियुस 6:1 1 तीमुथियुस 6:2 1 तीमुथियुस 6:3 1 तीमुथियुस 6:4 1 तीमुथियुस 6:5 1 तीमुथियुस 6:6 1 तीमुथियुस 6:7 1 तीमुथियुस 6:8 1 तीमुथियुस 6:9 1 तीमुथियुस 6:10 1 तीमुथियुस 6:11 1 तीमुथियुस 6:12 1 तीमुथियुस 6:13 1 तीमुथियुस 6:14 1 तीमुथियुस 6:15 1 तीमुथियुस 6:16 1 तीमुथियुस 6:17 1 तीमुथियुस 6:18 1 तीमुथियुस 6:19 1 तीमुथियुस 6:20 1 तीमुथियुस 6:21



1 तीमुथियुस 6:16 पर टिप्पणी (HINIRV)
संदर्भ में यह पद Paulus की पहली पत्री के अंत में ईश्वर की महानता, अमरता और गहन दिव्यता को स्पष्ट करता है। तीमुथस को दी गई शिक्षाओं में यह registrado है कि किस प्रकार प्रभु यीशु के बारे में सही दृष्टिकोण अपनाना चाहिए—जो परमेश्वर की महिमा और सार्वभौमिक प्रभुत्व को केन्द्र में रखती है। इस संदर्भ में पैमाने के रूप में एक अचूक दिव्यता, एक अद्वितीय ज्योति, और अजर-अमर स्थिति प्रस्तुत है, जो सच्ची आराधना और विनीत जीवन के लिए आधार बनती है।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य परमेश्वर की अमरता, उसकी अनंत ज्योति, और उसकी रहस्यमय, पराक्रामय प्रतिष्ठा को उद्घाटित करता है। परमेश्वर को किसी मनुष्य ने नहीं देखा और न किसी मनुष्य ने कभी उसे पूर्णतः देखा होगा; यह स्पष्ट करता है कि ईश्वर का तेजस्वी रूप मानव की पहुँच से परे है। साथ ही, उसकी महानता का स्थायी शासन “युगानुयुग” तक बना रहेगा, जो विश्वासी जीवन में स्थिरता और आश्वासन प्रदान करता है कि ईश्वर की सत्ता अचल है।
चुने हुए विषय
संबद्ध भाग
यह विचार अन्य पवित्र ग्रंथों से संगति बनाते हैं:
व्यावहारिक विचार
क्योंकि परमेश्वर अमर है और उसकी ज्योति अविनाशी है, हमें जीवन के हर क्षेत्र में पवित्रता और विनय की ओर आकर्षित होना है। हमारे दैनंदिन आचरण में ईश्वर के अदितीय महिमामयत्व को स्मरण रखना चाहिए—यही हमारे विश्वास की मजबूती है और पाप के आकर्षण से दूर रहने में मदद करता है। साथ ही, अनुशासन और धैर्य के साथ मानव-सीमी कहने के बजाय ईश्वर के अनंत शासन की ओर दृष्टि रखना चाहिए।
संक्षिप्त समापन
यह पद हमें एक बार फिर याद दिलाता है कि परमेश्वर की अमरता, उसकी अदृश्य ज्योति, और उसका स्थायी अधिकार मानव अनुभव से ऊपर हैं। परमेश्वर की प्रतिष्ठा युगानुयुग बनी रहने वाली है, और हमारी आस्था को उसी अटल सत्ता पर टिके रहना चाहिए।
छोटे क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
नीचे उद्धृत व्याख्या स्रोतों से संक्षिप्त संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के निजी पाठ से लागू विचारों की संगति लेखक-स्वर में सम्मिलित की गई है। आवश्यक क्रम में उनके विचार संक्षेपित रूप में प्रयुक्त हैं।
ध्यान दें: इस पंक्ति के लिए सामान्य उद्धरण केवल सारगत हैं; पूर्ण पंक्तियाँ उद्धृत नहीं की गईं।