Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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मतलब का संक्षेप
यह पद बताता है कि राजा यहोशाफ़ात ने तर्शीश जाने के उद्देश्य से समुद्री जहाज बनवाने को कुछ मेल-फेर किया ताकि उन्हें मार्गदर्शक जलयान मिल सके। यह दृश्य यह दिखाता है कि वे लोग अपने सैन्य-योजना के लिए समुद्री मार्ग की खोज में थे, परन्तु परमेश्वर की अनुमति और मार्गदर्शन से ही आगे बढ़ना चाहिए था।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
2 इतिहास 20 में यहोशाफ़ात के समय का इतिहास है। खास तौर पर यह पद का भाग वह है जहाँ राजा तर्शीश (हबकीय या असीरियन क्षेत्र के साथ) की यात्रा के लिए जहाजों के निर्माण की योजना बनाते हैं। इस संदर्भ में यह दिखता है कि वे अपने साम्राज्य की सुरक्षा के लिए व्यापारी मार्ग और नौ-यात्रा को महत्त्व देते थे, परन्तु परमेश्वर की इच्छा के अनुसार चलना सर्वोपरि है।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
संकेत भविष्य के पाठों के लिए सन्निहितCross-References
1) समुचित निर्णय लेने के लिए परमेश्वर की प्रेरणा की आवश्यकता को उजागर करने वाले अन्य उद्धरण: एक अन्य स्थान जहां राजा लोग अपनी योजनाओं के लिए परमेश्वर की सहायता माँगते हैं। यह दिखाता है कि नेतृत्व के लिए परमेश्वर की मार्गदर्शन कितनी निर्णायक भूमिका निभाता है।
2) विश्वास और योजनाओं के मेल पर विचार: यहूदी-प्रशस्त मार्ग में मानव योजना बनती है पर परमेश्वर की इच्छा सर्वोपरि होती है; इससे सीख मिलती है कि संसारिक उपायों को भी परमेश्वर की योजना के अधीन रखना चाहिए।
छोटा थीमैटिक सूची
अनुष्ठानिक उल्लेख और तुलनात्मक दृष्टि
यह घटना हमें यह सिखाती है कि राजा अपनी योजनाओं के समय परमेश्वर के निर्देश को प्राथमिकता दें। यह Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सामान्य चिंतन के अनुरूप है कि बाहरी संसाधनों के जरिए सफलता पाने का प्रयास तब तक अधूरा है जब तक परमेश्वर की इच्छा स्पष्ट न हो।
कंक्रिट-सीधी सीख
व्यवहारिक तौर पर आज के पाठक के लिए यह सीख है: किसी भी बड़े योजना के पहले प्रार्थना करें, आत्म-निर्भरता से हटकर परमेश्वर की इच्छा को अपना मार्ग बनाएं, ताकि सफलता बिना बाधा पीछे न रहे।