Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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2 इतिहास 26:1 2 इतिहास 26:2 2 इतिहास 26:3 2 इतिहास 26:4 2 इतिहास 26:5 2 इतिहास 26:6 2 इतिहास 26:7 2 इतिहास 26:8 2 इतिहास 26:9 2 इतिहास 26:10 2 इतिहास 26:11 2 इतिहास 26:12 2 इतिहास 26:13 2 इतिहास 26:14 2 इतिहास 26:15 2 इतिहास 26:16 2 इतिहास 26:17 2 इतिहास 26:18 2 इतिहास 26:19 2 इतिहास 26:20 2 इतिहास 26:21 2 इतिहास 26:22 2 इतिहास 26:23



2 ऐतिहासिक 26:6 — इजराइल के राजा सेओना या आज़ादी के बन्धन के बाद की तैयारी
कथा का तात्कालिक संदर्भ: यह पद यूत छठे राजा यूथाम के अभियान-यात्रा के बाद का है, जब यहूदा के राजा ने पलिश्तियों से पहली बार संगठित संघर्ष किया। यहाँ प्रकट होता है कि राजा ने युद्ध-यात्रा से पहले अपने राज्यों के भीतर सुरक्षा और दृढ़ता स्थापित की।
क्या पाठ से परमेश्वर या आस्था के बारे में सीख मिलती है
यह पद हमें दिखाता है कि परमेश्वर के साथ आगे बढ़ने से पहले संसार के विरोधियों के विरुद्ध योजना बनाकर चलना चाहिए। विश्वास की दृष्टि से, यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों को साहस और रणनीति देता है, ताकि वे आंतरिक जागरण के साथ बाहरी आक्रमणों का सामना कर सकें।
महत्वपूर्ण शब्दों और इमेजों का स्पष्टीकरण
संबंधित पवित्र ग्रंथ
निम्न संदर्भ पाठ का पूरक संकेत देते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों को शत्रुओं पर विजय दिलाने के लिए मार्गदर्शन और सामथ्र्य देता है:
संकेत-व्याख्या: इन क्रॉस-रेफरेंसेज़ से यह स्पष्ट होता है कि युद्ध के समय भी परमेश्वर का सामर्थ्य और वचन हमारे साथ होता है, ताकि भय के बजाय विश्वास से आगे बढ़ा जा सके।
जोड़-तोड़ और व्यावहारिक अनुप्रयोग
आज के पाठक के लिए यह संदेश कि-
मैथ्यू हेनरी, अॅल्बर्ड बर्न्स, और एडम क्लार्क से समन्वित सार
इन सार्वजनिक-डायन सार्वजनिक-डायन टिप्पणियों में से एकत्रित विचार यह संकेत देते हैं कि यह घटना दिखाती है कि राजा का नेतृत्व राज्य की सुरक्षा के लिए ईश्वर की सहायता पर निर्भर है।
अनुमत शब्द-उद्धरण (जहाँ उपलब्ध):
“उन्होंने पलिश्ती से युद्ध किया” — Matthew Henry (संस्करणीय टिप्पणी के संदर्भ से उनके विचारों का समावेशन)।
नीचे के पद के साथ पंक्तियों के सम्बंध
यह पाठ सीधे सुरक्षा-व्यवस्था और सामरिक पुनर्स्वरचना के तत्वों को दर्शाता है। इसके साथ के पाठ सुझाते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों को समय-समय पर संगठित रचना देता है ताकि वे शत्रु के विरुद्ध दृढ़ रहें।