Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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2 इतिहास 26:1 2 इतिहास 26:2 2 इतिहास 26:3 2 इतिहास 26:4 2 इतिहास 26:5 2 इतिहास 26:6 2 इतिहास 26:7 2 इतिहास 26:8 2 इतिहास 26:9 2 इतिहास 26:10 2 इतिहास 26:11 2 इतिहास 26:12 2 इतिहास 26:13 2 इतिहास 26:14 2 इतिहास 26:15 2 इतिहास 26:16 2 इतिहास 26:17 2 इतिहास 26:18 2 इतिहास 26:19 2 इतिहास 26:20 2 इतिहास 26:21 2 इतिहास 26:22 2 इतिहास 26:23



अर्थ का सीधे-साफ सार
2 इतिहास 26:16 में कहा गया है कि उदयन राजा यूतिवरि की मूर्ति और सामर्थ्य के अहंकार में आकर उसने यहोवा के मन्दिर में धूप जलाने का प्रयास किया, जो कि न क्या किया गया, बल्कि यह स्पष्ट करता है कि सफलता और प्रभाव ने उसकी दिमागी संरचना को विकृत कर दिया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यूहया के समय के अन्य राजाों के विपरीत आहुजा और मूर्तिपूजा की प्रवृत्ति में वृद्धि देखी जाती है। जब यहोशापत के शासन के बाद इकबाल बढ़ती है, तो राजा उदयाह (यूतेज़) ने अपनी शक्ति और सफलता के कारण परमेश्वर के निर्देशों को भुला दिया। परमेश्वर के तेल से सिंहासन पर बैठना कुछ समय तक उसे स्वार्थी निर्णयों के लिए प्रेरित करता है, और अंततः वह मंदिर में प्रवेश कर धूप जलाने जैसा पाप करता है जो केवल याजकों के लिए मान्य था।
विश्लेषणात्मक अवलोकन
थीमगत प्रमुख बिंदु (संक्षेप)
संबद्ध पात्र पाठ और उनके संकीर्ण निष्कर्ष
विज्ञानिक पाठों के संदर्भ में, नीचे के अनुमानित क्रॉस-रेफरेंसेज़ से यह स्पष्ट होता है कि:
स्पष्टता के लिए संक्षेप: यह अध्याय हमें याद दिलाता है कि सामाजिक सत्ता और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के बीच संतुलन अत्यंत महत्वपूर्ण है; शक्ति का दुरुपयोग दैवीय व्यवस्था के प्रतिपादन के विरुद्ध है।
युक्त उपदेश और व्यवहारिक takeaway
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षेप explanations)
परोक्ष संबंध—यहाँ कुछ सन्दर्भ जो धारणाओं को उजागर करते हैं:
शाब्दिक उद्धरण संकेत (HINIRV से संबद्ध)
यह अनुभाग केवल संदर्भ के लिए है—आवश्यक के रूप में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे उद्धरण ही शामिल किये जाते हैं (यदि उपलब्ध हों) और उनके संक्षिप्त उद्धरण ही उद्धृत हैं: यह पंक्ति स्वयं पाठ में उद्धृत नहीं है, परन्तु उनके योगदान से उत्पन्न विचारों का समन्वय प्रस्तुत किया गया है।
प्रस्तुत टिप्पणी में प्रयुक्त विचार Holmes-डायनेस्टी से प्रेरित सार्वजनिक डोमेन टीका-भूमिका से समेकित हैं, ताकि पाठक के लिए एक संगत, ग्रहणीय मार्गदर्शन बन सके।