Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 10:1 2 कुरिन्थियों 10:2 2 कुरिन्थियों 10:3 2 कुरिन्थियों 10:4 2 कुरिन्थियों 10:5 2 कुरिन्थियों 10:6 2 कुरिन्थियों 10:7 2 कुरिन्थियों 10:8 2 कुरिन्थियों 10:9 2 कुरिन्थियों 10:10 2 कुरिन्थियों 10:11 2 कुरिन्थियों 10:12 2 कुरिन्थियों 10:13 2 कुरिन्थियों 10:14 2 कुरिन्थियों 10:15 2 कुरिन्थियों 10:16 2 कुरिन्थियों 10:17 2 कुरिन्थियों 10:18



2 कुरिन्थियों 10:15 — संदर्भ के साथ टिप्पणी
इस verses में पॉल क्रिस्तीय सेवा के दायरे और उसकी सीमा-रेखा पर अपने और साथियों के कार्य को संतुलित ढंग से प्रस्तुत करते हैं। कुरिन्थवासियों को यह विश्वास दिलाने का उद्देश्य है कि वे अपने प्रभु-सेवा के विस्तार में अभिमान से नहीं चलते, बल्कि उनकी प्रगति और विश्वास की वृद्धि seed-पंथ के अनुसार होती है। पॉल कहते हैं कि उनकी गतिविधियाँ “हमारी सीमा के अनुसार” हैं—यानी वे उनकी दूसरों के परमेश्वर-कार्य से तुलना कर नहीं, बल्कि उन्हीं सीमाओं के भीतर जो मार्ग परमेश्वर ने निर्धारित किया है, उसी के अनुसार आगे बढ़ते हैं।
केंद्रीय संदेश
मुख्य संदेश यह है: परमेश्वर की सेवा में योग्यता और सफलता को यह जानकर स्वीकारें कि यह विश्वास में वृद्धि, निर्भरता और विनम्रता से आता है। माता-पिता-से प्रेरित नहीं, बल्कि विश्वास-आधारित धारा से सीमाओं को मानकर बढ़ना चाहिए। अन्य समूहों के कामों से अभिमान न करें, परन्तु जैसे-जैसे विश्वास मजबूत होगा, उसी अनुपात में क्रियात्मक परिणाम भी बढ़ेंगे—ताकि परमेश्वर की योजना अधिक प्रकट हो सके।
तीन प्रमुख विषय
कुछ संबंधित बाइबिल संदर्भ (Cross-references)
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि प्रेरितों का योजना-निर्माण और प्रचार-कार्य मानवीय गर्व से नहीं, बल्कि परमेश्वर के उद्देश्य और विश्वास की वृद्धि से संचालित होता है।
व्यावहारिक विचार
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पद हमें याद दिलाता है कि क्रिस्तीय सेवा में सफलता का माप विश्वास की वृद्धि से होता है, न कि मान-प्रतिष्ठा से। जैसी-जैसी हमारा विश्वास बढ़ता है, हम स्पष्ट रूप से परमेश्वर की योजना के अनुसार और भी प्रभावशाली तरीके से उसके work को बढ़ाते हैं—परन्तु हमेशा विनम्रता और सीमा-जानकारी के साथ।
नोट्स: प्राचीन टीका-के विचार
मैकथे-उद्धरण-सम्पादन (Matthew Henry), अॅल्बर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट पाठों के अनुसार यह स्पष्ट है कि प्रेरितों का कार्य प्रभु के उद्देश्य में एक विश्वास-आधारित बढ़ोत्तरी पर निर्भर है, न कि मानव-घमंड पर। दोनों में संक्षेप में यह कहा गया है कि परमेश्वर के साथ चलना और उसकी व्यवस्था के अनुसार सीमाओं को समझना अत्यावश्यक है।
क्रियात्मक उद्धरण (यदि उद्धृत): कुछ पाठक-ग्रन्थों में एडम क्लार्क और मैक्थे-हेनरी के समानिबोध दृष्टांत मिलते हैं: “हम यह नहीं कह सकते कि हमारे पास सभी शक्तियाँ हैं; परन्तु जो कुछ भी है वह परमेश्वर द्वारा दिया गया है।” यह विचार यहाँ भी सन्निहित है।