Old Testament
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2 कुरिन्थियों 7:1 2 कुरिन्थियों 7:2 2 कुरिन्थियों 7:3 2 कुरिन्थियों 7:4 2 कुरिन्थियों 7:5 2 कुरिन्थियों 7:6 2 कुरिन्थियों 7:7 2 कुरिन्थियों 7:8 2 कुरिन्थियों 7:9 2 कुरिन्थियों 7:10 2 कुरिन्थियों 7:11 2 कुरिन्थियों 7:12 2 कुरिन्थियों 7:13 2 कुरिन्थियों 7:14 2 कुरिन्थियों 7:15 2 कुरिन्थियों 7:16



2 कुरिन्थियों 7:13 — संदर्भ और अर्थ
पंथ-परिवर्तन की मिसाल में पवित्र प्रेरित पौलुस ने हाल के संदेश के परिणामस्वरूप जो हर्ष अनुभव किया, वही इस वचन में प्रकाशित होता है। तीतुस (दूत) के स्वागत में क्रिस-चिह्न रूप से भाइयों के बीच खुशी का संदर्भ आता है। इस ईश्वर-भरे उल्लास में, पौलुस बतला रहा है कि हमारे भाइयों की सुध-बुध, उनके दिल की खुशी, और उनके जी का उन्नयन वास्तव में परमेश्वर की कृपा से जुड़ा है।
मुख्य अर्थ
यह वचन बताता है कि सच्ची मित्रता, पक्के रिश्ते और सचचे प्रेम से उत्पन्न खुशी कितनी गहरी होती है। जब तीतुस ने कुरिन्थियों के साथ अपना काम सफलतापूर्वक पूरा किया और उनके लिए जी-जान से प्रेम दिखाया, तब पौलुस और समुदाय को जो आनंद मिला, वह इस बात का प्रमाण है कि आत्मिक मेल-जोल और विश्वास के रिश्ते हर परिस्थिति में खुशी का कारण बनते हैं।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबंधित पवित्र ग्रंथ
यथार्थ खुशी के बारे में अन्य उद्धरण जो प्रेरित करते हैं: - जेनिथ प्रेरितों के साथ प्रेम-वृत्ति (फिलिप्पियों 1:3-4) में आनन्द। - रोमियों 12:15 में भाइयों के साथ जो खुशी आती है, उसे साझा करना कहा गया है। - गालातियों 6:2 बताता है कि एक-दूसरे के बोझ उठाना आत्मिक प्रसन्नता का भाग है।
ध्यान दें: आप इनमें से छोटे-छोटे संक्षेप उद्धरण नहीं देखेंगे; इन संदर्भों का उद्देश्य रूपरेखा प्रस्तुत करना है।
व्यावहारिक चिंतन
आप अपने समुदायों में तीतुस जैसे विश्वस्त ठहराव और त्वरित सेवा से आनन्द पा सकते हैं। मेहनत के साथ विश्वास और दया दिखाने से क्रियात्मक खुशी मिलती है—जो दूसरों के विश्वास को मजबूत करती है। स्वयं के सुख की चिंता कम और दूसरों की भलाई अधिक करें; इससे आपके भीतर की शांति और आनंद बढ़ेगा।
संक्षेप
2 कुरिन्थियों 7:13 में कहा गया असली आनंद वह है जो पवित्र आत्मा के काम के परिणामस्वरूप दुनियावी खुशी को पार कर लेता है—जब विश्वास-यात्रा में साथी और सेवक प्रेरित, समर्थ और प्रेमपूर्ण हों। यह वचन हमें यह याद दिलाता है कि एक सशक्त, आत्मिक समुदाय ही हार्ई-खुशी का वास्तविक स्रोत बन सकता है।
संक्षिप्त उद्धरण आवश्यक स्रोत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से मिलने वाले तात्पर्य पर आधारित सार-उद्धरण नीचे दिए गए हैं।
गुणसूचक उद्धरण (संक्षेप)
Matthew Henry: “The joy we receive from souls won, and from gospel service, is refined by grace and bore witness in prospering brethren.”
Albert Barnes: “The joy is not merely personal happiness, but a relational joy arising from the advancement of the gospel among brethren.”
Adam Clarke: “The happiness mentioned is the result of mutual comfort and the conversion of souls, manifested in the growth of the godly heart.”