Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 7:1 2 कुरिन्थियों 7:2 2 कुरिन्थियों 7:3 2 कुरिन्थियों 7:4 2 कुरिन्थियों 7:5 2 कुरिन्थियों 7:6 2 कुरिन्थियों 7:7 2 कुरिन्थियों 7:8 2 कुरिन्थियों 7:9 2 कुरिन्थियों 7:10 2 कुरिन्थियों 7:11 2 कुरिन्थियों 7:12 2 कुरिन्थियों 7:13 2 कुरिन्थियों 7:14 2 कुरिन्थियों 7:15 2 कुरिन्थियों 7:16



शब्दार्थ का सीधा अर्थ
2 कुरिन्थियों 7:16 में पौलुस कहता है कि वह प्रसन्न है कि वे उसकी तरफ से हर बात में भरोसा रखते हैं। यह वाक्य एक स्थिर आत्मीयता और विश्वास की गवाही है—उसके भरोसे पर नहीं, बल्कि उनके कारण जो विश्वास और प्रेम का सामंजस्य दिखाते हैं।
प्रसंगीय पृष्ठभूमि
यहि पत्र में कुरिन्थियों के प्रति पौलुस की आलोचना-परक और प्रेमपूर्ण सम्बोधन है। विशिष्ट संदर्भ यह है कि पवित्र आत्मा के प्रभाव से क्रिश्चियन समुदाय में पुनः जुड़ाव और स्नेह बन रहा है, और कुरिन्थियों ने उनके भक्तिपूर्ण प्रोत्साहन से आश्वस्त होकर विश्वास में स्थिरता दिखाई है।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
संक्षिप्त थीमैटिक सार
अनुभवजन्य क्रॉस-रेफरेंसेज़
यथार्थ मार्गदर्शन के लिए तीन संक्षिप्त cross-refs:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि विश्वास और प्रेम का मेल समुदाय के भीतर स्थिरता बनाता है, और नेता-समूह सभी के लिए प्रेरक बनते हैं।
पद के साथ संपूर्ण भावना की पकड़
यह पंक्ति बोलती है कि एक सुसंगत समुदाय में विश्वास और भरोसे की भावना एक दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की अनुभूति पैदा करती है। पौलुस की खुशी इस से है कि कुरिन्थियों ने उसके ministry के साथ आवाज़ में उसकी सच्ची भूमिका को मान्यता दी—न कि सिर्फ शब्दों के द्वारा, बल्कि व्यवहार और प्रेम के द्वारा।
व्यावहारिक निष्कर्ष
प्रमुख टिप्पणीकारों की सार-भाषा में: Mattehew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के मुताबिक, विश्वास और प्रेम का प्रत्यक्ष परिणाम सामाजिक एकता और आत्मिक उन्नति है—और समुदाय के भीतर एक दूसरे के सत्य के प्रति भरोसा सबसे मजबूत प्रेरक शक्ति है।
संक्षेप में, 2 कुरिन्थियों 7:16 यह दर्शाता है कि विश्वासपूर्ण संबंधों में प्रेरणा-योग और प्रेम का संयोग किस प्रकार मज़बूत गवाही देता है: मैं उनसे जुड़े हर पहलू में यकीन के साथ हूँ।