Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 20:1 2 राजाओं 20:2 2 राजाओं 20:3 2 राजाओं 20:4 2 राजाओं 20:5 2 राजाओं 20:6 2 राजाओं 20:7 2 राजाओं 20:8 2 राजाओं 20:9 2 राजाओं 20:10 2 राजाओं 20:11 2 राजाओं 20:12 2 राजाओं 20:13 2 राजाओं 20:14 2 राजाओं 20:15 2 राजाओं 20:16 2 राजाओं 20:17 2 राजाओं 20:18 2 राजाओं 20:19 2 राजाओं 20:20 2 राजाओं 20:21



सीधे अर्थ का वक्तव्य
2 राजाओं 20:20 में कहा गया है कि हिजकिय्याह ने नगर के जलाशय और नहर खुदवाकर पानी नगर में पहुंचा दिया—यहूदा के राजाओं के इतिहास में यह काम दर्ज है, जिससे उसकी बड़े नेतृत्व और धार्मिक-नीतिगत सुधार की झलक मिलती है।
पृष्ठभूमि और परिप्रेक्ष्य
यहोशफत की मृत्यु के बाद हिजकिय्याह ने Judah पर शासन किया। उसका कालर्थिक दबाव Assyria से था, और परमेश्वर के साथ उसका विश्वासशील नेतृत्व महत्वपूर्ण रहा। जलसंरक्षण और जल-प्रबन्ध के उपाय ने नगर को युद्ध-स्थिति में भी टिके रहने योग्य बनाया। इस verse में यहूदियों के इतिहास-पात्र के रूपायन के रूप में इसे प्रस्तुत किया गया है—यानी राजा के प्रशासनिक और धार्मिक उद्यम एक साथ गिने जाते हैं।
व्यাখ्या के मुख्य बिंदु
अनुवादित-पारिवारिक विचार
जैसे एक नगर के भीतर पानी की निरंतरता युद्ध के समय भी जीवनदायिनी होती है, वैसे ही हमारे जीवन में भी ईश्वर की योजना के अनुसार सुरक्षा और आत्म-नियंत्रण आवश्यक है। यह अध्याय संकेत देता है कि भौतिक योजनाओं के साथ धार्मिक-आस्था, प्रार्थना और भरोसा भी साथ चले—ताकि कठिनाइयों में भी आध्यात्मिक जीवन जीवंत रहे।
कंटेक्स्ट-नुकसान और संदर्भ
- 2 राजाओं 18–20 अध्यायों में हिजकिय्याह के नीति-निर्माण और बाइबल-युद्ध-स्थिति की झलक मिलती है।
- 2 राजा 20 का एक प्रमुख पहलू यह है कि इतिहास-गीतों में प्रशासनिक-उपायों को भी पवित्रता के साथ जोड़ा गया है।
- संदर्भ में यह भी है कि नहर-योजना नगर की सामरिक क्षमता के साथ ईश्वर के आशीर्वाद का संकेत है।
संयुक्त跨-उद्धरण सुझाव
यहाँ कुछ पारस्परिक cross-references जो कथन के समेकन में सहायक हैं:
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
विश्वास-आधारित योजना बनाइए, कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर पर भरोसा बनाए रखें, और समस्याओं के समाधान में प्रशासनिक बुद्धिमत्ता के साथ प्रार्थना और ईश्वर की योजना को साथ रखें।
योग्य उद्धरण ( Matthew Henry / Albert Barnes / Adam Clarke )
उद्धृत अंश जो इस पाठ के संदर्भ में उपलब्ध सार्वजनिक-domain टिप्पणीकारों से मिलते हैं:
Adam Clarke: "Hezekiah’s careful care over the waters... shows the watchfulness and tutelage of a prudent king." (Adapted summary of Clarke’s themes)
Albert Barnes: "The conveying of water into the city, at such a time, is a sign of prudent care and religious trust in God's protection." (Paraphrased from Barnes’ spirit)
Matthew Henry: "This is recorded, to show that the best acts of princes are not forgotten in the chronicles of Israel." (Paraphrased reflection)
नोट: उपर्युक्त उद्धरण सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के सामान्य भावों के सार हैं; exacte शब्दरेखा का उद्धरण संकलक की अनुमति के अनुसार संक्षेपित है।