Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 21:1 2 राजाओं 21:2 2 राजाओं 21:3 2 राजाओं 21:4 2 राजाओं 21:5 2 राजाओं 21:6 2 राजाओं 21:7 2 राजाओं 21:8 2 राजाओं 21:9 2 राजाओं 21:10 2 राजाओं 21:11 2 राजाओं 21:12 2 राजाओं 21:13 2 राजाओं 21:14 2 राजाओं 21:15 2 राजाओं 21:16 2 राजाओं 21:17 2 राजाओं 21:18 2 राजाओं 21:19 2 राजाओं 21:20 2 राजाओं 21:21 2 राजाओं 21:22 2 राजाओं 21:23 2 राजाओं 21:24 2 राजाओं 21:25 2 राजाओं 21:26



2 राजा 21:13 — संदर्भ में संपूर्ण दृश्य
इस पद में यरूशलेम के राजा अहाब के उत्तराधिकारी और मोल लेने वाले कुल के प्रति ईश्वर के न्याय की गम्भीर चेतावनी है। पीछे के इतिहास में शोमरोन और अहाब परिवार से चपल आचरण और उन बच्चों के अंधेरे कर्मों पर कड़ाई से निर्णय लिया गया था। यहाँ परमेश्वर कहता है कि वे जो मापने की डोरी कभी शोमरोन और अहाब के घराने पर डाली गई थी, वही यरूशलेम पर डाली जाएगी — यानि पूर्व के सम्मुख अपराधों का दायित्व अब यहाँ प्रत्यक्ष रूप से व्यापक रूप से लागू होगा। यह दिव्य न्याय की गवाही है कि अनुपम धैर्य के बाद भी पाप की कठोरता का परिणाम निश्चित है।
मुख्यार्थ और केंद्रीय संदेश
क्योंकि अहाब के घराने ने अपने पापों को बढ़ाया, ईश्वर ने उन्हें मानो माप कर नाप लिया: जो लापरवाही और नीति-तोड़तव्य में वृद्धि हुई, उसका प्रभाव यरूशलेम पर भी पड़ेगा। यह पंक्ति दिखाती है कि परमेश्वर का न्याय केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पाप के प्रभाव और दायित्व एक पूरे राष्ट्र पर फैलते हैं।
मुख्य विषय
सम्बन्धित पद और उनका छोटा अर्थ
– अन्याय से संचालित सत्ता के साथ कठोर कारण पर निर्णायक चोट के संकेत: यह तेजस्वी न्याय की मिसाल है जैसा पहले शोमरोन और अहाब के समय था।
– राष्ट्र के भौतिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर जिम्मेदारी का आह्वान: जब तक लोग पाप से मुड़ नहींते, तब तक दुष्प्रभाव जारी रहते हैं।
व्यावहारिक विचार
हम अपनी सभ्यता के भीतर क्या माप-तौल कर लेते हैं? क्या अतीत के गलत कामों से सिखकर हम आचरण में सुधार लाते हैं, ताकि समाज में न्याय और धर्म-संरक्षण बना रहे? यह वाक्य提醒 देता है कि परमेश्वर क्रमशः और उचित रीति से कदम उठाते हैं, ताकि पाप का परिणाम स्पष्ट और निर्णायक हो।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
– दूसरा इतिहास में भविष्य के न्याय की सूचनाएं मिलती हैं जब राष्ट्र के पाप आक्रामक परिणामों के साथ दिखते हैं।
– पुराने नियम के अन्य भागों में भी प्रभु के न्याय की गतिविधियाँ दिखतीं हैं, जहाँ पाप का दंड समाज को चेतावनी देता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वाक्य हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर का न्याय कभी धुन्धला नहीं रहता। जैसे शोमरोन और अहाब के घराने के लिए मापा गया, वैसे ही यरूशलेम के लिए भी दायित्व निर्धारित है। पाप के प्रभाव केवल व्यक्तिगत नहीं रहते, वे समुदाय और राष्ट्र तक पहुँचते हैं।
संकेतित क्रॉस-रेफरेस पैराग्राफ
1) इतिहास के न्याय के संकेत — समुदाय की नैतिक स्मृति और भविष्य के लिए चेतावनी; 2) अन्याय और दायित्व — राष्ट्र की नीति और धर्म-संरचना की समीक्षा; 3) दीन-दुखियों के लिए न्याय — परमेश्वर के धर्मी निर्णय की प्रमुखता।
यह विवरण HINIRV पाठ के अनुरूप संक्षेप में दिया गया है, ताकि पाठक को वाक्य का सही उद्देश्य और प्रभाव समझ में आए।