Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 5:1 2 राजाओं 5:2 2 राजाओं 5:3 2 राजाओं 5:4 2 राजाओं 5:5 2 राजाओं 5:6 2 राजाओं 5:7 2 राजाओं 5:8 2 राजाओं 5:9 2 राजाओं 5:10 2 राजाओं 5:11 2 राजाओं 5:12 2 राजाओं 5:13 2 राजाओं 5:14 2 राजाओं 5:15 2 राजाओं 5:16 2 राजाओं 5:17 2 राजाओं 5:18 2 राजाओं 5:19 2 राजाओं 5:20 2 राजाओं 5:21 2 राजाओं 5:22 2 राजाओं 5:23 2 राजाओं 5:24 2 राजाओं 5:25 2 राजाओं 5:26 2 राजाओं 5:27



मुख्य विचार
2 राजा 5:2 में दिये गए छोटे से विवरण में एक दुर्लभ, पर प्रभावशाली तथ्य उभरता है: अरामी आक्रमणकारियों द्वारा इस्राइल देश में लाई गई एक नन्ही लड़की के रहते हुए भी ईश्वर की योजनाएं कैसे चलती हैं। यह पद दर्शाता है कि परमेश्वर का कार्य वह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के साधारण-से-झंझर में भी पहुंच सकता है, और वह प्रेरित करता है कि नायकों के साथ-साथ साधारण इंसान भी अलग-अलग परिस्थितियों में ईश्वर के उद्देश्य सिद्ध करें।
पाठ-संदर्भ और साहित्यिक संदर्भ
यह चिह्नित करता है कि इस्राइल-युद्ध के बीच एक छोटी दासिनी किस प्रकार एक महान चमत्कारिक उपचार के लिएौलम खुलवाने में भूमिका निभाती है। लोगों के बीच की दूरी और दासत्व के सच के बावजूद, परमेश्वर की योजनाएं मानव-विवेक से परे चलती हैं। 2 राजाओं में इस प्रकार के सूक्ष्म-चालाक घटनाक्रम कई बार दिखाते हैं कि किस प्रकार दास-जीवन और प्रतिहिंसा से ऊपर उठकर, विश्वास की चेन एक-एक लोगों के जीवन को जोड़ती है।
धर्मगुण और theological संकेत
इस पाठ से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर साधारण लोग और साधारण परिस्थितियों के माध्यम से भी महान उद्धारकार्य करता है। बाल-स्त्री के रूप में प्रत्यक्ष भूमिका वहन करने वाली वह पठन-शील दासी, जो न तो योद्धा है न राज्य-प्रतिनिधि, परन्तु विश्वास और साहस से रोगी नामान की पत्नी के जीवन को एक नई आशा दे देती है। यह संकेत देती है कि ईश्वर कभी भी शक्ति के बाहरी प्रमाण पर नहीं रुकते, बल्कि उसने हर परिस्थिति में विश्वास की पूंजी बनाकर उद्धार का मार्ग तैयार किया।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
इन_connections से स्पष्ट होता है कि योधाओं और दासों के बीच की दूरी भी उद्धार के मार्ग को रोक नहीं सकती; विश्वास और प्रेरणा के साथ परमेश्वर अपना उद्देश्य पूरा करते हैं।
विचार-प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 राजाओं 5:2 का यह प्रसंग यह स्मरण करा देता है कि परमेश्वर का काम मानवीय शक्ति-प्रकारों से परे है। एक छोटी दासी के विश्वास और दया के कारण यह सक्रिय होता है कि नामान की पत्नी के जीवन में स्वास्थ्य और आशा लौटे। न केवल इतिहासिक घटनाओं में, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी ईश्वर ऐसे पलों को बनाते हैं जहाँ साधारण लोग भी बड़े उद्देश्य में सहायक बनते हैं।
ग़ौरतलब उद्धरण (पौराणिक विद्वानों के सार से): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-domain टिप्पणीकारों के विचारों के संक्षेप में ऐसी धारणा मिलती है कि दासत्व और अल्प भूमिका वाले लोग भी परमेश्वर के हाथों में बड़े बदलाव का माध्यम बन सकते हैं।