2 राजाओं 6:22 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसने उत्तर दिया, “मत मार। क्या तू उनको मार दिया करता है, जिनको तू तलवार और धनुष से बन्दी बना लेता है? तू उनको अन्न जल दे, कि खा पीकर अपने स्वामी के पास चले जाएँ।”

पिछला पद
« 2 राजाओं 6:21
अगला पद
2 राजाओं 6:23 »

2 राजाओं 6:22 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 राजाओं 6:22 का आणविक अर्थ और संदर्भ

इस वचन में परमेश्वर के दूत द्वारा राजा अहर के पुत्र न्यायधशा के साथ एक असाधारण निवेदन प्रस्तुत होता है: युद्ध के मैदान में हर प्रकार की दहशत और क्रूरता के बीच भी, प्रभु की करुणा और मार्गदर्शन की राह खोली जाती है। यहाँ संदेश यह है कि विभीन्न परिस्थितियों में भी ईश्वर की योजना और दया प्रमुख रहती है, न कि मनुष्य की हिंसा और बदला लेने की सहायता से।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह घटना सिकोर के दूतावास के समय की है, जब फ़ात्हेम के राजा युद्ध में घायल होकर लौटते हैं और गिल्गाल के मोर्चे पर स्थिति तनावपूर्ण है। नबीएल से पूछताछ की जगह यह स्पष्ट है किEnemy के पक्ष में भी कुछ प्रायश्चितपूर्ण कदम संभव हो सकते हैं, यदि भय के कारण आक्रामकता बढ़ती नहीं।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • कठोर कटुता बनाम करुणा: दृष्टान्त यह दिखाता है कि युद्ध की हिंसा केवल बाह्य शक्ति से नहीं, भीतर की दया से भी नियंत्रित हो सकती है।
  • न्याय का नया स्वरूप: आक्रमणकारियों के लिए भी शांति और भलाई की राह खुलती है जब वे शत्रु नहीं, बल्कि दीन-हीन का सहायता-सज्जन बनते हैं।
  • स्वामी के प्रति कर्तव्य: जिस प्रकार खाने-पानी देकर शरणस्थली प्रदान की जाती है, वही परमेश्वर की दया का कार्य भी है — शत्रु को भी मानवीय गरिमा के साथ जीना सिखाया जाता है।

मुख्य विचार (संक्षिप्त थीम)

अन्वेषणीय क्रॉस-संदर्भ

कई समान विषय उपलब्ध हैं जो इस वचन से जुड़ते हैं:

  • यहोशू 2:1-14 — शत्रु के साथ कूटनीति और दया की मिसाल, जिसमें उत्तराधिकारी भी सुरक्षित रहते हैं।
  • नीतिवचन 16:7 — “यद्धपि मनुष्य-कार्य बदल सकता है, परन्तु प्रभु के मन से संबद्ध मार्ग सरल होते हैं”; दया-नीतियों से वादे बनते हैं।
  • मीका 6:8 — उकसावे के समय में न्याय, अनुभूति और नम्रता—ये त्रयी आध्यात्मिक जीवन के सही पथ दिखाती है।

इन संदर्भों में दिखता है कि हिंसा के दबाव में भी परमेश्वर की इच्छा शांति और न्याय की है, न कि विनाश की।

सारांशित व्याख्या

यह पाठ हमें सिखाता है कि परमेश्वर अन्याय को मिटाने के लिए भी करुणा का मार्ग खोलते हैं। जवाबदेही के साथ परामर्श और मानवीय सहायता की राहें युद्ध की कठोरता से ऊपर उठती हैं। जितना संभव हो, शत्रुओं के प्रति दया और सम्मान बनाए रखना एक दृष्टांत है कि कैसे परमेश्वर की सत्ता में जीवन का सम्मान बना रहता है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

उद्धरण-टिप्पणी: इस अनुभाग में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की मौलिक अभिलेखी टिप्पणियाँ संक्षेप में मिलती हैं। अगर चाहिए, तो मैं उन विशिष्ट उद्धरणों को संक्षेप में उद्धृत कर सकता/सकती हूँ, परन्तु यहाँ आधारभूत सार यह है कि दया की शक्ति भय को मात देती है और शांति की राह हो सकती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 राजाओं 6:22 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 48:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 48:22 (HINIRV) »
और मैं तुझको तेरे भाइयों से अधिक भूमि का एक भाग देता हूँ,* जिसको मैंने एमोरियों के हाथ से अपनी तलवार और धनुष के बल से ले लिया है।” (यूह. 4:5)

रोमियों 12:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 12:20 (HINIRV) »
परन्तु “यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला, यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।” (नीति. 25:21-22)

व्यवस्थाविवरण 20:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 20:11 (HINIRV) »
और यदि वह संधि करना स्वीकार करे और तेरे लिये अपने फाटक खोल दे, तब जितने उसमें हों वे सब तेरे अधीन होकर तेरे लिये बेगार करनेवाले ठहरें।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें