2 शमूएल 11:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और दूत को आज्ञा दी, “जब तू युद्ध का पूरा हाल राजा को बता दे,

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2 शमूएल 11:19 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ की घोषणा

2 शमूएल 11:19 का यह वचन दूत को राजा को युद्ध के संपूर्ण हाल की जानकारी पहुँचाने के निर्देश को दर्शाता है, ताकि राजनीति-युद्ध के क्रम और परिणाम स्पष्ट रूप से राजा को ज्ञात हों।

पार्श्वभूमि और संदर्भ

यह besproken अध्याय खुदाई के समय की युद्ध-योजना और राजा דוד के शासन के दौरान हुई घटना का भाग है। दाऊद की सेना के साथ लड़ा गया युद्ध, तथा परिणामों की सूचना भेजने के क्रम में दूत से कहा गया कि वह युद्ध की संपूर्ण घटनाओं को राजा तक पहुँचाए। इसका उद्देश्य सूचित करना और राजा की रणनीतिक निर्णय-प्रक्रिया को सुनिश्चित करना था।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • सूचना का पूर्ण उल्लेख: युद्ध के हाल का पूरा विवरण पहुँचाने के निर्देश का अर्थ है कि क्रियाओं की एक-एक घटनाओं, निर्णयों और परिणामों के बारे में राजा को न खाली संक्षेप, बल्कि सटीक विवरण दिया जाए।
  • कानूनी-व्यवस्था और विश्वास: यह संवाद दिखाता है कि शासक के सामने युद्ध-स्थितियों की वास्तविकता प्रस्तुत की जाती है, ताकि न्यायपूर्ण और सक्षम निर्णय लिए जा सकें।
  • प्रशासनिक नियंत्रण: यह संकेत है कि भेजे जाने वाले संदेश एक केंद्रीय नियंत्रण-रेखा के भीतर हो, ताकि युद्ध-स्थिति पर प्रभावी समन्वय बना रहे।

मूल विचार (थीमैटिक संकलन)

अन्य प्रासंगिक अध्यायों के संकेत (संक्षेप में)

— एक से अधिक बार ऐसा प्रतीत होता है कि युद्ध-घटना की रिपोर्ट राजा को दी जाती है ताकि वह स्थिति की वास्तविकता समझ सके।

पश्चिमी-विश्वास के उद्धरण (संक्षिप्त संदर्भ)

मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के समानार्ह विचारों से संकेत मिलता है कि सत्यापित विवरण और जिम्मेदारी की भावना एक शासक-कार्य का अनिवार्य हिस्सा है।

उद्धृत विचार: कभी-कभी इन पंक्तियों में “सत्य मैंने कहा” का आग्रह होता है, ताकि जनता और सैनिकों के बीच भरोसा बना रहे।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)

  • राजा के निर्णय के लिए संपूर्ण जानकारी का महत्व — अन्य जगहों पर भी सही सूचना से नीति बनती है।
  • दूत-वह भूमिका जिनमें राज्य-कार्य की दिशा तय होती है; यह प्रेरणा देती है कि नेतृत्व के लिए स्पष्ट संवाद आवश्यक है।
  • युद्ध-स्थिति की वास्तविकता को स्वीकारना और उसके अनुसार उत्तर देना — यह नैतिक-आचरण का भाग है।

संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष

युक्तिसिद्धान्त यह है कि शासक के प्रति सारी घटनाओं की ईमानदार, पूर्ण और स्पष्ट रिपोर्ट आवश्यक है ताकि नीति और रणनीति सुसंगत रहे। दूत-चयन, सत्यापन और समय पर सूचना के यही तत्व एक सक्षम शासन की निशानी हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 11:19 समानांतर पद और संबंधित वचन

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