2 शमूएल 11:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और जब उसके विलाप के दिन बीत चुके, तब दाऊद ने उसे बुलवाकर अपने घर में रख लिया, और वह उसकी पत्‍नी हो गई, और उसके पुत्र उत्‍पन्‍न हुआ। परन्तु उस काम से जो दाऊद ने किया था यहोवा क्रोधित हुआ।

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2 शमूएल 11:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 शमूएल 11:27 का महत्व

यह पद दाऊद के जीवन की एक गहरी मोड़ दर्शाते हैं: राजा के रूप में सत्ता के भीतर नीतिगत गलतियों के परिणाम और ईश्वर की दया-न्याय के संघर्ष से आगे बढ़ती कहानी। विलाप के बाद का वह क्षण, जब दाऊद ने bati, उसकी पत्नी बईल, और पुत्र उत्पन्न हुआ, परमेश्वर की नज़र में एक गम्भीर पाप की पुष्टि है। यह पाठ याद दिलाता है कि परमेश्वर के घर में उठी कलह भी मानव इतिहास के सबसे गरिमामय व्यक्तियों को नहीं छोड़ती; और अंततः अनुशासन के समय में भी परमेश्वर पुराने छूनेवाले नियमों के अनुसार क्रिया-प्रतिक्रिया करता है।

पद का मूल संदर्भ और प्रायः संदेश

इस verses में नादानी की परिणति स्पष्ट है: राजा दाऊद ने युद्ध से दूर रहते हुए हत्या नहीं, पर एक घरेलू धोखा और एक पत्नी के प्रति द्वंद्वपूर्ण व्यवहार किया। बाद में पुत्री-परिवार के साथ संताप और ईश्वर की क्रोध स्पष्ट होते हैं। यह संदेश देता है कि शाही सत्ता भी पाप से अछूती नहीं रहती; और परमेश्वर की दृष्टि में अहंकार, द्रोह और अनदेखापन-पूर्वक किया गया पाप तुरंत नहीं पर धीरे-धीरे फल देता है।

पवित्रशास्त्र की मूल धारणा और थीम

  • पतन और परिणाम: एक व्यक्ति के निजी पाप सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों को जन्म देता है।
  • कूटनीतिक शक्ति बनाम नैतिक दायित्व: सत्ता के उच्च पद पर बैठे व्यक्ति को नैतिक उत्तरदायित्व अधिक होता है।
  • ईश्वर की कानाफुसी: दाऊद के विरुद्ध ईश्वर का क्रोध संकेतित है, जो अंततः परिवार और राष्ट्र पर प्रभाव डालता है।

Cross-references with brief connections

उल्लेखित क्रॉस-रेफरेंसेज से जुड़ी घटनाओं पर संक्षिप्त विचार:

  • उत्पत्ति 3 के पाप का बहु-आधार: पाप के फल आने पर रिश्तों में विघटन और सत्ता-आत्म-आलोचना।
  • 1 शमूएल 12:20-25 — राजा के दायित्व और परमेश्वर के साथ बनी भेंट: नैतिक जिम्मेदारी बनाम राजनीतिक शक्ति।
  • भजन 51 — पाप की आत्म-जाँच और पाप से मुक़दमे की परतें: दाऊद स्वयं भी पाप स्वीकार करने का महत्व अनुभव करते हैं।

महत्वपूर्ण भाव-गमन

यह अनुच्छेद हमें यह सिखाता है कि पाप की चपेट में आने पर भी परमेश्वर का न्यायिक अनुशासन जीवन के हर छोर तक पहुँच सकता है। परंतु वही पाठ हमें यह भी स्मरण कराता है कि नीति-नुकसान के बीच ईश्वर का दयालुता और क्षमा की संभावनाएं भी बनी रहती हैं, जब व्यक्ति तीव्र विनय और प्रतिपादन के साथ लौटता है।

पढ़े-सम्बद्ध संदर्भ

यद्यपि पूर्ण त्रुटि-उद्धरण यहाँ न हो, निम्न विषयगत संदर्भ एक साथ पढ़ने पर बेहतर समझ देते हैं:

  • दाऊद-धोखा प्रकरण के बाद की कथा: नीतिगत पश्चाताप और परमेश्वर की योजना का पुनर्संयोजन।
  • क़ायदे-ईमानदार शासन के लिए नैतिक विरासत की महत्ता।
  • परिवारिक-कथा और राज्य-यात्रा में परिणामस्वरूप सुधार के स्नैपशॉट्स।

व्यावहारिक devotional दृष्टिकोण

जब हम अपने कमजोर क्षणों का सामना करते हैं, तो यह पाठ हमारी आंखें खोलता है कि सत्य और नैतिकता से टकराव में भी हमारी व्यवहार-भूमिका कैसे गढ़ती है। दाऊद की कहानी से प्रेरणा ले कर हम यह सीखें कि आत्म-आलोचना, ईश्वर के साथ स्पष्ट संवाद और विश्वास-समर्थन से ही जीवन की यात्रा में पुनर्निर्माण सम्भव है।

कथन और प्रेरक उद्धरण (ध्यान दें: पूर्ण पाठ नहीं)

नीचे के उल्लेखित उद्धरण केवल संक्षिप्त और संदर्भित हैं; पूर्ण पाठ यहाँ प्रकट नहीं होते:

मैथ्यू हेनरी, अॅल्बर्ट बर्न्स, एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों के चुने हुए चोटे उद्धरण आवश्यकतानुसार नोट किए गए हैं।

टिप्पणीकार का संक्षेप

इस भाग में लेखक-टीका एक साथ मिलकर इस पाठ को एक समेकित नज़र से देखता है: यह बताता है कि साहस और कर्तव्य के साथ सत्ता-स्थिति कभी-कभी नैतिक सीमा से कैसे टकराती है, और परमेश्वर के न्याय की दृष्टि में हर प्रकार के पाप की गिनती होती है। साथ ही यह भी संकेत देता है कि बुराई के बाद भी ईश्वर की कृपा और सुधार की राह खुली है जब व्यक्ति अपने आचरण में ईमानदारी और शुद्धता लाता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 11:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 शमूएल 12:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 12:9 (HINIRV) »
तूने यहोवा की आज्ञा तुच्छ जानकर क्यों वह काम किया, जो उसकी दृष्टि में बुरा है? हित्ती ऊरिय्याह को तूने तलवार से घात किया, और उसकी पत्‍नी को अपनी कर लिया है, और ऊरिय्याह को अम्मोनियों की तलवार से मरवा डाला है।

भजन संहिता 51:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 51:4 (HINIRV) »
मैंने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे। (लूका 15:18,21, रोम. 3:4)

व्यवस्थाविवरण 22:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 22:29 (HINIRV) »
तो जिस पुरुष ने उससे कुकर्म किया हो वह उस कन्या के पिता को पचास शेकेल चाँदी दे, और वह उसी की पत्‍नी हो, उसने उसका अपमान किया, इस कारण वह जीवन भर उसे न त्यागने पाए।

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