2 शमूएल 11:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब दाऊद ने उसे नेवता दिया, और उसने उसके सामने खाया पिया, और उसी ने उसे मतवाला किया; और सांझ को वह अपने स्वामी के सेवकों के संग अपनी चारपाई पर सोने को निकला, परन्तु अपने घर न गया।

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2 शमूएल 11:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 शमूएल 11:13 का संदर्भ और प्रभाव

इस पद में दाऊद की संदिग्ध प्रवृत्ति और उसकी नैतिक परीक्षा दिखती है। यूदा की कहानी—युधिष्ठिर की तरह सत्य का मिश्रित प्रभाव—कहा गया है कि दाऊद ने यूद्ध-युद्ध के बाद एक दुष्कर्मपूर्ण कदम उठाया। यहाँ दाऊद अपने सेना के कामदेव के साथ एक पंक्ति में खड़ा होता है—नीचे जो होता है, वह एक गहरा नैतिक संघर्ष है: सत्ता, कर्तव्य और विवेक के बीच की दूरी।

केंद्रीय अर्थ

यह पद दाऊद के विरुद्ध उसके अपने पथ के एक मोड़ को दिखाता है। उसने नीतिगत देरी के बजाय तत्काल तुष्टीकरण, और फिर भी खड़े होकर एक सेवक-परिवारिक रिश्ता बनाने की कोशिश की, ताकि उसका अपराध डूब जाए। परन्तु नीयत कितनी भी अच्छी क्यों न हो, कर्म गलत हैं; परिणामस्वरूप उसका घर-परिवार और राज्य-नीति दोनों अस्थिर होती हैं।

मुख्य थीम्स (तीनほど)

  1. कथनी-करनी का अंतर: दाऊद ने नेवताकी प्रक्रिया शुरू की—यानी वह अपराध को ढकने का प्रयास करता है, किंतु हाथों के धब्बे उसे पीछा नहीं छोड़ते।
  2. स्वामित्व बनाम दायित्व: राजा का पथ अपने निजी अपराधों की चिंदिया बन जाता है, जो शासन और शासन के दायित्वों के विपरीत है।
  3. आत्मिक परिणाम: ईश्वर के सामने सच बोलना और पाप को स्वीकारना वही पहला कदम है, वरना अपराध गहराता है और न्यायहीनता बन जाती है।

क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप, बिना पूर्ण पद-वचन)

  • 1 शमूएल 12: परमेश्वर के साथ सत्य-परायणता की आवश्यकता पर बल देता है—पूर्ववर्ती पापों के बावजूद परमेश्वर की अनुमति से नैतिक दायित्व निभाने की exhortation।
  • भजन 51: पवित्रता-भरोसा: दाऊद के अपराध के पश्चात दिल की विवेक-आवाज़ और पश्चात्ताप की आवश्यकता स्पष्ट होती है।
  • नीतियों के विरुद्ध गवाही: राजा का आधिपत्य नैतिकता से जुड़ा है; अपराध से शासकीय महत्त्व घटता है।

व्यावहारिक विश्लेषण

इस पाठ से सीख मिलती है कि सत्ता मिल जाने पर भी नैतिकता और विवेक ही मार्गदर्शक होने चाहिए। जल्दी-जीत के लिए पाप की पंक्तियाँ नहीं बनाई जानी चाहिए; अपराध छिपाने के लिए छल-छद्म से काम नहीं चलता। ईश्वर के प्रति सच बोलना और पश्चात्ताप करना ही पुनः रास्ता खोल सकता है।

अन्तिम सार

2 शमूएल 11:13 हमारे लिए यह याद दिलाता है कि पाप चाहे कितना भी कपड़े पहने, अंततः उसका पतन होता है। सत्य, पश्चात्ताप और दया के साथ आगे बढ़ना ही परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप जीवन है।

सार्वजनिक उद्धरण (केवल अगर उपलब्ध हो)

मथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बॉर्न्स और एडम क्लार्क जैसे पीड-पीठ बाइबिल टिप्पणीकारों के छोटे बिंदु यदि उपलब्ध हों, तो नीचे संक्षेप रूप से उद्धृत किए जा सकते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 11:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

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