Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 13:1 2 शमूएल 13:2 2 शमूएल 13:3 2 शमूएल 13:4 2 शमूएल 13:5 2 शमूएल 13:6 2 शमूएल 13:7 2 शमूएल 13:8 2 शमूएल 13:9 2 शमूएल 13:10 2 शमूएल 13:11 2 शमूएल 13:12 2 शमूएल 13:13 2 शमूएल 13:14 2 शमूएल 13:15 2 शमूएल 13:16 2 शमूएल 13:17 2 शमूएल 13:18 2 शमूएल 13:19 2 शमूएल 13:20 2 शमूएल 13:21 2 शमूएल 13:22 2 शमूएल 13:23 2 शमूएल 13:24 2 शमूएल 13:25 2 शमूएल 13:26 2 शमूएल 13:27 2 शमूएल 13:28 2 शमूएल 13:29 2 शमूएल 13:30 2 शमूएल 13:31 2 शमूएल 13:32 2 शमूएल 13:33 2 शमूएल 13:34 2 शमूएल 13:35 2 शमूएल 13:36 2 शमूएल 13:37 2 शमूएल 13:38 2 शमूएल 13:39



2 शमूएल 13:23 — immediate setting
यह वाक्य दो वर्ष के बाद घटित घटनाओं की पृष्ठभूमि देता है। अबशालोम ने एप्रैम के पास बाल्हासोर में अपनी भेड़ों का ऊन कतरवाने का अवसर लिया और उसने सभी राजकुमारों को उचित निमंत्रण दिया। यह दृश्य दिखाता है कि वह अपने त्याग और राजनीतिक चाल चलकर सुनियोजित रूप से शक्ति प्रदर्शन कर रहा है, ताकि लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता और अधिकार गौरवान्वित हो।
क्या यह पाठ परमेश्वर या विश्वास के बारे में बताता है
घटना-आधारित वर्णन में परमेश्वर का प्रत्यक्ष संदेश नहीं लिखा है; फिर भी इसकी गहराई विश्वास के परिप्रेक्ष्य में विचार करने योग्य है। अबशालोम की योजनाओं में प्रभु की हिदायत या आशीर्वाद नहीं दिखता, बल्कि मानवीय चपलता और मतिभ्रम का प्रभाव स्पष्ट होता है—यह संकेत कि बुरे लक्ष्य कितने भी सोची-समझी योजनाओं से समर्थ बनते दिखते हैं, परन्तु परमेश्वर की योजना के अनुसार ही परिणाम निकलते हैं। यह पाठ हमें यह स्मरण कराता है कि सत्ताकामक्षा और सामाजिक दिखावा गैर-धर्मीयता के साथ है, जबकि परमेश्वर के मार्ग में भरोसा नहीं दिखता।
important शब्द और चित्र बताते हुए
— भेड़ों का ऊन कतरवाना: सामाजिक-अवसरों को आकर्षक बनाने के लिए दिखावा और आयोजन—राजसी समाज में शक्ति-संकेत।
— नेवता देना: लोगों को एक साथ मिलकर एक प्रयोजन के लिए बुलावा देना, जो अक्सर राजनीतिक एकजुटता बनाता है।
संबंधित पद
यही क्रम यह स्पष्ट करता है कि निर्बलता, प्रेरित राजनीतिक चाल और दबाव के बीच दुखद परिणाम संभव हैं, जब लोगों के दिल परमेश्वर की कृपा से विचलित हों।
अनुरूप-cross references और संक्षिप्त व्याख्या
आज के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
निष्कर्ष
यह संक्षिप्त दृश्य हमे चेतावनी देता है कि देखते-देखते सत्ता-कामनाओं के जाल में आकर भी मनुष्य के निर्णय कितने ही मासूम लगें, परमेश्वर की योजना के अनुरूप नहीं होते। विश्वास की दिशा में स्थिर रहना और ईमानदारी से जीवन जीना, हर परिस्थिति में सर्वोपरि है।
नोट: इस पन्ने में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के उपलब्ध उद्धरण मात्र संक्षेप में placeholders के रूप में प्रयुक्त हैं। यदि आप चाहें तो मैं उनके मौलिक विचारों के अनुरूप उद्धरणों के स्थान-उद्धरण प्रस्तुत कर सकता/सकती हूँ।