Old Testament
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आमोस 9:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
चाहे शत्रु उन्हें हाँककर बँधुआई में ले जाएँ, वहाँ भी मैं आज्ञा देकर तलवार से उन्हें घात कराऊँगा; और मैं उन पर भलाई करने के लिये नहीं, बुराई ही करने के लिये दृष्टि करूँगा।”
आमोस 9:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 9:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 21:10 (HINIRV) »
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैंने इस नगर की ओर अपना मुख भलाई के लिये नहीं, वरन् बुराई ही के लिये किया है; यह बाबेल के राजा के वश में पड़ जाएगा, और वह इसको फुंकवा देगा।

लैव्यव्यवस्था 26:33 (HINIRV) »
और मैं तुम को जाति-जाति के बीच तितर-बितर करूँगा, और तुम्हारे पीछे-पीछे तलवार खींचे रहूँगा; और तुम्हारा देश सुना हो जाएगा, और तुम्हारे नगर उजाड़ हो जाएँगे।

यिर्मयाह 44:11 (HINIRV) »
“इस कारण इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा, यह कहता है: देखो, मैं तुम्हारे विरुद्ध होकर तुम्हारी हानि करूँगा, ताकि सब यहूदियों का अन्त कर दूँ।
क्यों यह वचन खास है
आमोस 9:4 में कहा गया यह कथन परमेश्वर की न्यायपूर्ण विधि और दया के संतुलन को दर्शाता है। यहां परमेश्वर अपने विरुद्ध बुराई के समय भी परिणामस्वरूप भरोसा देता है कि वह सत्ता में रहते हुए भी ईमानदार जनों पर दयालुता और न्याय के साथ क्रिया करेगा। यह वचन हमारे हृदय में स्थिति बनाता है कि दुःख और दमन के बीच भी परमेश्वर के शासन की सत्ता है और वह न्याय और पुनर्स्थापन के मार्ग खोलता है।
पार्श्व संदर्भ और मूल संदर्भ
यह पाठ उस समय का है जब इस्राएल के प्रभारी भलाई के साथ-साथ दुराचार की भी गम्भीरता को देखने वाले भविष्यवक्ताओं के संदेश का भाग था। करना यह है कि भयानक दमन के बावजूद परमेश्वर की योजना में इद्धार और उद्धार का हाथ बना रहता है। यहाँ तलवार की हिंसा और दमन का संकेत है, किन्तु वह एक विशेष चेतावनी के साथ आता है कि परमेश्वर ऐसे प्रश्न पूछते हैं कि क्या व्यवस्था-उद्धार का कोई मौका नहीं; सत्य यह है कि वह अपराध के परिणामों को पहचानकर भी अन्ततः पुनर्स्थापन का मार्ग खोलता है।
मुख्य संदेश
खूबसूरत धातु: नैतिक-आध्यात्मिक संरचना
यह वचन उन लोगों के लिए संकेत है जो दमन के बीच भी परमेश्वर के वादे पर टिके रहते हैं। यह बताता है कि दुष्कर्मों का तात्कालिक परिणाम कभी-कभी सशक्त दण्ड के साथ आता है, परन्तु ईश्वर की न्याय-योजना में भविष्य के उद्धार का संकेत बना रहता है।
क्रॉस-रेफरेंसेज और उनकी छोटी व्याख्या
- इब्रानी संदर्भ: दंड और पुनर्स्थापन का संयोजन—यहाँ भी यह सिद्धांत स्पष्ट है कि परमेश्वर दुष्टों के लिए दंड निर्धारित करते हैं, परन्तु विश्वासियों के लिए उद्धार की राह खोलते हैं।
- होशिया 6:1-2 (संभव पुनर्स्थापन): पृयोजनाओं के बाद पुनःस्थापना का संकेत देता है कि परमेश्वर पुनः संयोजन कर सकता है।
- प्रकटीकरण 21:4 (चिरस्थायी शांति): परमेश्वर के राज्य में आँसू नहीं रहे होंगे; उद्धार के पूर्णता का चित्र यह बताता है कि दया और न्याय एक साथ पूर्णता पाते हैं।
हिंदी में संक्षिप्त टिप्पणी
यह वचन हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की सृष्टि में प्रत्येक घटना का उद्देश्य न्याय, सच्चाई और उद्धार है। दमन के समय भी ईश्वर की योजना के अनुसार सुधार और पुनर्स्थापन की राह खुलती है, और तब तक जो भरोसा बनाए रखते हैं, वे प्रभु के संरक्षण में रहते हैं।
देवotional विचार
जब जीवन की राह कठिन हो, तब भी विश्वास रखें कि परमेश्वर की नजर हमारे ऊपर है। हम चाहे जहां रहें, उसका उद्देश्य हमारे लिए भलाई ही है। प्रार्थना करें कि हमारा हृदय दया और न्याय के साथ सुधरे, ताकि हम दया के दायरे में बढ़कर दूसरों की भलाई में भागीदारी बनें।
मुख्य उद्धरणाधार (महत्वपूर्ण वाक्य)
यदि किसी ने Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के शब्दों से सीधे उद्धरण का उल्लेख किया हो, उन्हें यहाँ संक्षेप में सूचित किया गया है:
नोट: इस प्रविष्टि में इन विद्वानों के मौलिक वाक्यों का पूर्ण उद्धरण नहीं दिया गया है; उनके विश्लेषण से प्रेरित विचार संकेतित हैं।
छोटे व्यावहारिक निष्कर्ष
Cross-references explained briefly: ऊपर बताए गए संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि दंड और उद्धार के बीच परमेश्वर की अन्तर्निहित योजना कैसे काम करती है, और कैसे विश्वास-जीवन में आशा बनी रहती है।