Old Testament
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आमोस 9:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“हे इस्राएलियों,” यहोवा की यह वाणी है, “क्या तुम मेरे लिए कूशियों के समान नहीं हो? क्या मैं इस्राएल को मिस्र देश से और पलिश्तियों को कप्तोर से नहीं निकाल लाया? और अरामियों को कीर से नहीं निकाल लाया?
आमोस 9:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 9:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 1:5 (HINIRV) »
मैं दमिश्क के बेंड़ों को तोड़ डालूँगा, और आवेन नामक तराई के रहनेवालों को और बेतएदेन के घर में रहनेवाले राजदण्डधारी को नष्ट करूँगा; और अराम के लोग बन्दी होकर कीर को जाएँगे, यहोवा का यही वचन है।”

2 राजाओं 16:9 (HINIRV) »
उसकी मानकर अश्शूर के राजा ने दमिश्क पर चढ़ाई की, और उसे लेकर उसके लोगों को बन्दी बनाकर, कीर को ले गया, और रसीन को मार डाला।

यिर्मयाह 47:4 (HINIRV) »
क्योंकि सब पलिश्तियों के नाश होने का दिन आता है*; और सोर और सीदोन के सब बचे हुए सहायक मिट जाएँगे। क्योंकि यहोवा पलिश्तियों को जो कप्तोर नामक समुद्र तट के बचे हुए रहनेवाले हैं, उनको भी नाश करने पर है।
आमोस 9:7 पर बाइबल टिप्पणी — एक संयुक्त विवेचनात्मक सार
मुख்ய बिंदु: इस पवित्र वाक्य के माध्यम से यहूदा-इस्राइल परिधान के भीतर ईश्वरीय स्मरण और समानता की निष्ठा प्रकट होती है—यहोवा द्वारा चुने गए लोगों के साथ उनकी पहचान बनाये रखना और अन्य जातियों के साथ संबंधों की निरपेक्षता। यह उद्घोषणा यह बताती है कि यहोवा का ध्यान सामान्य रूप से केवल इस्राएल तक सीमित नहीं रहा, वरन् वह हर जाति-जनजाति के साथ निर्णायक उद्धार का कार्य करता है, भले ही इतिहास का प्रवाह अलग-अलग हो।
साहित्यमान संदर्भ ( literary context )
आमोस की किताब में परमेश्वर के मार्मिक वचनों के साथ न्याय की जागृति बढ़ती है, जिसमें यहूदा-इस्राइल के पापों के विरुद्ध दंड के साथ उद्धार की आशा भी उभरती है। इस Verse में, यहोवा खुद उद्धार के चिह्नों की तुलना पूराने समय के संस्थापकों—कूशियों, मिस्र, पलिश्ती, कीर—से करते हैं, ताकि यह स्पष्ट हो कि उनका ग्रहणीयता और उद्धार की कृपा किसी एक देश या जाति तक सीमित नहीं है।
परिचयात्मक संकेत और अर्थ (interpretive point)
यह वाणी एक तरह का स्मरण कराती है कि परमेश्वर ने अपने लोगों को चयनित किया है और उनके साथ विशिष्ट संबंध रखा है—पर यह उद्धार inklings प्रत्येक अन्य जाति के लिए भी उपलब्ध रहा है या रहेगा। तुलना के रूप में, पूर्वजों के समय मिस्र से निकासी, कूशियों के साथ संबंध, और अरामियों के साथ कीर से उद्धार के उदाहरण यह दर्शाते हैं कि दयालु उद्धार का दायरा किसी एक देश तक सीमित नहीं है।
जनरल थ्योलॉजिकल साक्षात्कार
1) चिह्नितता की सार्वभौमिकता: यहोवा का उद्धार-संकेत निश्कर्षतः सभी जातियों के लिए खुला है; यह इस बात की पुष्टि है कि इस्राइल का धर्मवीरत्व एक सार्वभौमिक उद्धार का मार्ग बन सकता है।
2) यादगार-पात्रता: यह संदेश इतिहास के पवित्र घटनाओं को दोहराता है—यही कारण है कि परमेश्वर पुराने उद्धारकर्ता के रूप में अपने चिह्नों को उद्धृत कर कर इस्राइल को भविष्य के लिए प्रेरित करता है।
पवित्री से जुड़ाव (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
- एज का चयन और उद्धार: पुराने आशीर्वचन से संबंधित संदर्भ यह दिखाते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों के समक्ष नये अवसरों के द्वार खोलते रहते हैं।
- आशीर्वचन का सार्वभौमिकरण: अन्य जातियों के साथ उद्धार के संकेत पुराने नियम के अंतर्निहित उद्देश्य को विस्तार देते हैं।
- उद्धार के स्मरण: इस्राइल के इतिहास की स्मृतियाँ भविष्य के सत्य की आधारशिला बनती हैं।
विचार-विमर्श के प्रश्न (Reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोवा की यह वाणी एक सुलगती याद दिलाती है कि उद्धार केवल एक जाति की निजता नहीं, बल्कि एक सार्वभौमिक उद्धार की योजना है। इस तथ्य पर गहन विचार करें कि पुराने उद्धार के प्रमाण (मिस्र से निकासी, कूशियों और कीर के उदाहरण) ने भविष्य में भी ईश्वर की दयालुता को सभी तक पहुँचाने का मार्ग दिखाया है।
उद्धृत साहचर्य (Note on quotations)
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण चाहते हैं, तो यह नोट करें कि इस पाठ के लिए उनके प्रमुख विचार पुराने शीर्षकों में उपलब्ध हैं। नीचे दिए गए लाइनें इन के स्वतंत्र उद्धरण पूर्ण पाठ के रूप में नहीं हैं, बल्कि उनका स्वरुप-ध्वनि संकेत मात्र है:
— “वह यह कहेगा कि मैं तुम्हें किस प्रकार उद्धार देता हूँ,” आदि—यह एक सामान्य विवेचनात्मक संकेत है जो उपरोक्त commentators के समेकित विचार-रूप में पाया जा सकता है।