Old Testament
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आमोस 9:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जो आकाश में अपनी कोठरियाँ बनाता, और अपने आकाशमण्डल की नींव पृथ्वी पर डालता, और समुद्र का जल धरती पर बहा देता है, उसी का नाम यहोवा है।
आमोस 9:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 9:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 104:3 (HINIRV) »
तू अपनी अटारियों की कड़ियाँ जल में धरता है, और मेघों को अपना रथ बनाता है, और पवन के पंखों पर चलता है,

आमोस 5:8 (HINIRV) »
जो कचपचिया और मृगशिरा का बनानेवाला है, जो घोर अंधकार को भोर का प्रकाश बनाता है, जो दिन को अंधकार करके रात बना देता है, और समुद्र का जल स्थल के ऊपर बहा देता है, उसका नाम यहोवा है।

आमोस 4:13 (HINIRV) »
देख, पहाड़ों का बनानेवाला और पवन का सिरजनेवाला, और मनुष्य को उसके मन का विचार बतानेवाला और भोर को अंधकार करनेवाला*, और जो पृथ्वी के ऊँचे स्थानों पर चलनेवाला है, उसी का नाम सेनाओं का परमेश्वर यहोवा है! (2 कुरि. 6:18,)
आतिष्ठान: परमेश्वर की सर्वोच्च सत्ता और विज्ञान-निष्ठ व्यवस्था
मुख्य interpretive बिंदु: आमोस 9:6 में यहोवा के अद्वितीय अधिकार और सृष्टि पर गहरे नियंत्रण का उद्घाटन किया गया है—आकाश की जेल, पृथ्वी की नींव और समुद्र के जल का नियंत्रण सब उसी के हाथ में है। यह उद्धार के संदर्भ में न्याय और वाचा की अपेक्षा भी रखता है: जो कोई भी विरोधी राग अलापा देता है, वह उसी के हाथ में है।
पठनीय संदर्भ (साहित्यिक पृष्ठभूमि)
यहोवा के सृष्टिकर्ता स्वरूप को Amos के पाठ में विजयी रूप से उभरते देखते हैं: आकाश में उसकी कोठरियाँ बनाती, आकाश-मण्डल की नींव धरती पर डालती, समुद्र का जल नियंत्रित करती—यह सभी बिंदु उसकी पूर्ण प्रभुता की गवाही हैं। यह अभिनय यह दर्शाता है कि दुष्टों के खिलाफ न्याय के साथ-साथ वह अपनी वाचा की रक्षा भी करता है।
धर्मशास्त्रीय महत्व
1) प्रभुता की ठोस पुष्टि: आकाश कोठरियाँ बनाना और नींव डालना—ये शब्द परमेश्वर के सृजन-कार्यमय अधिकार को चित्रित करते हैं। वे यह स्पष्ट करते हैं कि ब्रह्माण्ड की संरचना और जल-प्रवाह सब उसी के आदेश से चलते हैं।
2) न्याय-प्रत्यय: पाठक यह समझते हैं कि निंदा और दया दोनों उसी की स्वीकृति से संचालित हैं; गर्वीले लोग कारगर नहीं रहते, क्योंकि उसका नाम ही परम पूजनीय है।
पूर्वज-ग्रंथों से मार्गदर्शन (Cross-references)
संरचना-उद्धरण (Historical_COMMENTARY_QUOTATIONS)
यदि आवश्यक हो, तो नीचे के प्रसिद्ध व्याख्यान से छोटे उद्धरणों का संक्षेप उपयोग किया गया है:
Matthew Henry: “The Lord hath set the boundaries of the heavens.” (केवल संक्षिप्त संदर्भ के लिए; पूर्ण वाक्य उद्धरण नीचे नहीं दिए जा रहे हैं।)
Albert Barnes and Adam Clarke: आपके पाठ के अनुरोध पर उपलब्ध सार्वजनिक-domain विचार; परन्तु पूर्ण पाठ उद्धरण यहाँ नहीं दिये जा रहे हैं।
प्रश्न-चर्चा (Reflection Questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
Amos 9:6 यहोवा की शक्ति, व्यवस्था और न्याय की दृढ़ चुस्ती को दशान्तर करता है। आकाश-नींव से पानी-नियमन तक, सब कुछ उसी के आदेश में है। यह पाठ हमें एक बार फिर स्पष्ट करता है कि परमेश्वर की महिमा और उसकी वाचा एक-दूसरे के साथ गहरे जुड़े हुए हैं: वह जो आकाश और पृथ्वी को बनाता है, वह अपने लोगों के लिए उद्धार की राह भी खोलता है।
टिप्पणियाँ
यद्यपि मूल संदेश एक ही है, पाठ के क्रम और विषयगत अन्वेषण से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की सत्ता सभी अवस्थाओं को नियंत्रित करती है—न्याय के समय में भी, और दया के समय में भी।