Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
कुलुस्सियों 1:1 कुलुस्सियों 1:2 कुलुस्सियों 1:3 कुलुस्सियों 1:4 कुलुस्सियों 1:5 कुलुस्सियों 1:6 कुलुस्सियों 1:7 कुलुस्सियों 1:8 कुलुस्सियों 1:9 कुलुस्सियों 1:10 कुलुस्सियों 1:11 कुलुस्सियों 1:12 कुलुस्सियों 1:13 कुलुस्सियों 1:14 कुलुस्सियों 1:15 कुलुस्सियों 1:16 कुलुस्सियों 1:17 कुलुस्सियों 1:18 कुलुस्सियों 1:19 कुलुस्सियों 1:20 कुलुस्सियों 1:21 कुलुस्सियों 1:22 कुलुस्सियों 1:23 कुलुस्सियों 1:24 कुलुस्सियों 1:25 कुलुस्सियों 1:26 कुलुस्सियों 1:27 कुलुस्सियों 1:28 कुलुस्सियों 1:29



कुलुस्सियों 1:20 का सीधा अर्थ
इस पद में कहा गया है कि यीशु के क्रूस पर बहाए Lहू के द्वारा में मेल-मिलाप हो जाएँ और उन सब चीज़ों को उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर लिया जाए, चाहे वे पृथ्वी की हों या स्वर्ग की। सरल शब्दों में—ईसा के आत्म-बलिदान से सारे ब्रह्मांड, प्रकृति और आकाश-पाताल तक, परमेश्वर के साथ पुनः मिलन और शांति प्राप्त करते हैं।
प्रसंगानुसार पृष्ठभूमि
कुलुस्सियों के ईश्वर-याचना-पत्र में पौलुस ने मसीह की maha–केंद्रितता स्थापित की: मसीह केवल व्यक्तिगत उद्धार के स्रोत नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के समस्त सृजन के लिए केंद्र हैं। यहाँ कहा गया है कि क्रूस पर बहाए लहू के द्वारा परमेश्वर पृथ्वी पर और स्वर्ग में सब वस्तुओं को अपने साथ मिलाते हैं। यह एक व्यापक ईमानदारि देता है कि ईसा की मृत्यु सृष्टि के हर हिस्से के साथ पुनः एकता की योजना का भाग है, न कि सिर्फ मनुष्य के लिए।
व्याख्या की बारीकियाँ
– क्रूस का लहू — शुद्ध बलिदान और मेलमिलाप का प्रतीक: यह दया और न्याय के बीच संतुलन बनाता है, और पाप के कारण पैदा हुए सभी विभाजनों को मिटाता है।
– सब वस्तुएँ — पृथ्वी और आकाश, दोनों स्तरों पर प्रभाव: मानव इतिहास से लेकर प्राकृतिक संसार तक, सबकी पुनःस्थापना का लक्ष्य यीशु के मिशन में है।
– मेल कर लेना — दुश्मनी समाप्त कर लेना नहीं, बल्कि की गई प्रतिज्ञाओं के अनुसार परमेश्वर के साथ दोस्ती और सन्तुलन पुनः स्थापित करना।
3-चार संकेतक विचार (छोटी थीम्स)
संबंधी उद्धरण (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
– रोमी 5:10-11: ईसा के द्वारा उद्धार का प्रभाव न सिर्फ व्यक्तिगत है, बल्कि मित्रता और शांति की स्थिति भी लौटती है।
– एफेसियों 2:14-16: विश्वास बढ़ाने पर प्रेम व एकता के लिए गौरतलब है कि मसीह ने "बीच" को दूर किया और सभी के बीच एक नया आदमी बना दिया।
– इब्रानियों 9:14: क्रूस के लहू का प्रभाव纯 पवित्रता और परमेश्वर के सामने शुद्धता के साथ जुड़ा है।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
हमारे पास यह भरोसा है कि यीशु की मृत्यु से न केवल हमारा दोष मुआफ किया गया है, वरन समस्त सृष्टि के साथ हमारी संबंध पुनः स्थापित हो सकती है। daily जीवन में यह समझ न सिर्फ व्यक्तिगत piety को प्रेरित करती है, बल्कि समुदायों में भी शांति और पुनःएकता के कार्यों को गति देती है।
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से समेकित रूप में एकीकृत है; जहाँ आवश्यक था, छोटे उद्धरण स्वीकृत हैं।