Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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कुलुस्सियों 1:4 – पाठ का संदर्भ और स्वागत
पयन के रूप में इस पवित्र पत्र में कुलुसियों को प्रेरित पॉल ने एक विशिष्ट विश्वास-और प्रेम-केन्द्रित जीवन का आह्वान किया है। इस पद में वह अपने पाठकों के बीच व्याप्त मसीह-यज्ञ और पवित्रताओं के साथ उनके संबंधों की पुष्टि करते हैं: “क्योंकि हमने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्र लोगों से प्रेम रखते हो।” यह एक आत्म-आस्थापन नहीं, बल्कि एक समुदाय-आधारित दृढ़ता है, जो सुसमाचार के वास्तविक प्रभाव से उभरती है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में यह पाठ क्या बताता है
यह उद्धरण बताता है कि विश्वास और प्रेम दोनो ही ईश्वर के आशीर्वाद के प्राकृतिक परिणाम हैं। एक सत्य-विश्वासी का जीवन इस विश्वास के कारण प्रेरित होता है कि यीशु मसीह में उन पर विश्वास है, और उसी विश्वास के कारण वे अन्य पवित्र लोगों से प्रेम करते हैं। यह प्रेम, पवित्रता और विश्वास का सम्मिलित चक्र है, जो चर्च के सामूहिक जीवन को दृढ़ बनाता है।
महत्वपूर्ण शब्दों/憂 imagery का स्पष्टीकरण
अन्य प्रासंगिक बाइबल संदर्भ
- रोम 1:8 के साथ एक विश्वास की ज्ञात अभिव्यक्ति: विश्वास का विषय और समुदाय-जीवन का अनुभव एक-दूसरे के प्रति प्रेम को प्रेरित करता है।
- एफिसी 1:15-23: चर्च का आशीर्वाद और मसीह में विश्वास का उल्लेख, जो समुदाय की दृष्टि को ऊँचाई देता है।
- गलातियों 5:6: विश्वास जो प्रेम को कार्य बनाता है, यह दिखाता है कि रोम-चरित जीवन में आस्था और प्रेम एक ही स्रोत से निकलते हैं।
2-3 पंक्तियाँ संक्षेप में
यह संदेश बताता है कि मसीह यीशु पर विश्वास और पवित्र लोगों से प्रेम—ये दोनों एक साथ चलते हैं। विश्वास यत्नशील आस्था है और प्रेम इसके पुष्प; यदि यह प्रवृत्ति सच-जीवन का भाग है, तो समुदाय दृढ़ और स्वच्छ रहता है।
आज के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
उद्धरण-नोट
नीचे दिये गये भागों में चार ईसाई पवित्र-लेखकों के सामान्य निष्कर्ष का संक्षेप है, किन्तु पूर्ण लेख-ग्रंथों का उद्धरण केवल संदर्भ हेतु है:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से कुछ शब्द-उद्धरण सामान्य रूप से उपयोगी हैं; यदि इन पंक्तियों में आप सीधे उद्धरण देखेंगे, तो वे सन्दर्भ में संक्षेपित हैं और यहाँ केवल समग्र विचार दिखाने हेतु सम्मिलित हैं।