Old Testament
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कुलुस्सियों 1:17 का संक्षिप्त संदर्भ और अर्थ
पद पाठ: “और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएँ उसी में स्थिर रहती हैं।” यह वाक्य जब रूपरेखा में रखा जाता है, तो यह प्रधान संकेत देता है कि सृष्टि के हर हिस्से की आधारशिला, हर परिवर्तनशील स्थिति और हर समय की गति में एक स्थिर और सर्वोच्च सत्ता का अस्तित्व है। यह तथ्य पवित्र ईश्वर के प्रभुत्व और मर्म को रेखांकित करता है, जो समय और स्थान से परे हैं और जो सब चीजों के केंद्र में हैं।
ईश्वर या विश्वास के बारे में यह टेक्स्ट क्या बताता है
यह पाठ बताता है कि यीशु मसीह केवल एक रचनात्मक अधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे सभी बनावट के पहले हैं—सृष्टि के मूल स्रोत और धारक। वे सब कुछ में प्रथम हैं, और उसी में सब कुछ स्थिर रहता है। इसका मतलब यह है कि विवेक के साथ काम करने वाले विश्वास के लिए आधार यही है कि ईश्वर ने सब कुछ उनके द्वारा और उनके द्वारा संचालित किया है। हमारे जीवन के हर परिवर्तन और हर आशंका के बीच उनका स्थायित्व विश्वासयोग्य ठहरता है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
अन्य संबंधित बायबल अंश
यह विचार पवित्र ग्रंथ के अन्य अंशों से संगत है:
संक्षेप में, यीशु मसीह वही संकल्प हैं जो सभी चीजों के आधार-स्तम्भ बनते हैं और हर परिवर्तन में स्थिर रहते हैं; यह विश्वास हमें यह सिखाता है कि जीवन की ऐसी मुश्किल घड़ियों में भी ईश्वर के उद्देश्य और व्यवस्था की प्रकृति अटल है।
आज के लिए अनुप्रयोग
पूर्व-प्रकाशित टिप्पणीधारा से संदर्भ (संक्षेप)
Matthews Henry, Barnes, एवं Clarke की सार्वजनिक-डायरे से मिलते-जुलते निष्कर्षों को संक्षेप में समाहित करते हुए: प्राथमिकता में यीशु वही है जो सबका केंद्र और धुरी है; उनके मन्त्रमंडल के बिना सृष्टि का संतुलन अधूरा है। Henry का कथन संकेत देता है कि मसीह के बिना विश्व की गति अधूरी है, Barnes उसे त्रुटिहीन राज्य के केन्द्र के रूप में देखते हैं, और Clarke इसे ईश्वर की सर्वोच्च सत्ता को स्पष्ट करने वाला विवेकपूर्ण तर्क मानते हैं।
Cross references explained briefly: - यूहन्ना 1:1-3: वचन की başlangत और सृष्टि की धारा; जो कुछ है वही वचन के कारण है। - कुलुस्सियों 2:9: मसीह में सभी परम सत्य और पूर्णता निवास करती है। - प्रकाश 1:8: प्रभु की सत्ता और ग्रहणशीलता के साथ विश्व का रौशन होना।
नोट: नीचे दिए गए उद्धरणों में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे छोटे उद्धरण यदि उपलब्ध हों, तो यहाँ सुरक्षित रूप से उल्लेखित किये जाते हैं, ताकि पाठक उनके विचारों के स्रोत को समझ सकें।