Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 1:1 दानिय्येल 1:2 दानिय्येल 1:3 दानिय्येल 1:4 दानिय्येल 1:5 दानिय्येल 1:6 दानिय्येल 1:7 दानिय्येल 1:8 दानिय्येल 1:9 दानिय्येल 1:10 दानिय्येल 1:11 दानिय्येल 1:12 दानिय्येल 1:13 दानिय्येल 1:14 दानिय्येल 1:15 दानिय्येल 1:16 दानिय्येल 1:17 दानिय्येल 1:18 दानिय्येल 1:19 दानिय्येल 1:20 दानिय्येल 1:21



Reader-friendly overview
दानिय्येल 1:15 में दानियेल और उनके साथियों के भोजन-त्याग को लेकर एक सादी-सी परख दिखाई देती है। सेनापति के नियंत्रण में दस दिन के परीक्षण के बाद जो परिवर्तन दिखते हैं, वे भौतिक नहीं बल्कि आंतरिक परिवर्तन के संकेत हैं—राजा के खाने के सामाजिक और धार्मिक अपेक्षाओं के विरुद्ध एक संकीर्ण प्रयोग से पवित्र निरपेक्षता की दिशा में उन्नति का संकेत। इस छानबीन से यह स्पष्ट होता है कि एकत्व, संयम और परमेश्वर के निर्देशों के प्रति आस्था कितनी महत्वपूर्ण है, भले ही तात्कालिक परिणामों में हमें असमान्य चुनौतियाँ ही क्यों न मिलें।
Verse in its chapter and context
दानिय्येल 1 अध्याय शुरू में बाबुल के साम्राज्य के भीतर एक शिष्यमय जीवन की तैयारी दर्शाता है—राजसी भोज और पद्धतियों के बीच भक्तिदर्शी आचरण बनाए रखना। इस verse में दस दिन के भीतर दानियेल और उनके तीन साथी भोजन-स्वीकृति के बजाय आहार-परिवर्तन से तब भाग लेते हैं जब वे राजा के भोजन के खानेवाले तेज और चिकनाहट में अंतर देखते हैं। यह परीक्षण दर्शाता है कि विश्वासियों के लिए शरीर और आत्मा दोनों के स्वास्थ्य के लिए सरल लेकिन दृढ़ विकल्प चुनना कितना आवश्यक है।
Main spiritual lesson
मुख्य पाठ यह है कि विश्वास की दृढ़ता और परमेश्वर-आज्ञा के प्रति निष्ठा बाह्य दबावों के बीच भी सफल हो सकती है। यह दृश्य यह सीख देता है कि निश्चय के साथ संयम, निरीहता और परमेश्वर के निर्देश के अनुरूप आहार-चयन करने से भीतर का स्वास्थ्य और karakter निखरता है। परमेश्वर उन चीजों के लिए मार्ग बनाते हैं जो हमारे विश्वास के अनुरूप हों, भले ही समाज के मानक उनसे भिन्न क्यों न हों।
Cross-references and connections
इन संदर्भों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि बाहरी गतिविधियाँ अक्सर आंतरिक फलों से जुड़ी होती हैं, और ईमानदारी से दी गई आस्थागत चूकें भी परमेश्वर के मार्ग में मार्गदर्शक बन सकती हैं।
Verse text (HINIRV) and interpretation
“दस दिन के बाद उनके मुँह राजा के भोजन के खानेवाले सब जवानों से अधिक अच्छे और चिकने देख पड़े।”
व्याख्या: यह एक परीक्षण के क्रम में दानियेल और उनके साथियों के लिए एक स्पष्ट माप है—परमेश्वर की आस्था के साथ चलना शरीर-स्वास्थ्य और दीर्घायु में भी परिणाम दिखाता है। राजा के भोज से परहेज़ करने का निर्णय यह दर्शाता है कि शारीरिक आहार से अधिक नैतिक चयन और श्रद्धा की स्थिरता फल देती है।
Practical application
Unified takeaway
दानियेल 1:15 हमें सिखाता है कि ईमानदार चुनावों के साथ परमेश्वर से जुड़ना प्रत्यक्ष लाभ नहीं तो भी आंतरिक शांति और नैतिक स्वास्थ्य देता है। दस दिनों के भीतर visible changes संक्रमण-धर्म के अनुरूप आचार-व्यवहार की पुष्टि बनते हैं—यह दिखाता है कि परमेश्वर हमारे छोटे-छोटे निर्णयों को भी बड़े उद्देश्य के लिए उपयोग करते हैं।
Brief quotes from classic commentators
मैथ्यू हेनरी (Matthew Henry) और अलबर्ट बार्न्स (Albert Barnes) तथा एडम क्लार्क (Adam Clarke) ने इस दृश्य को संयम और विश्वास के परीक्षा के रूप मेंFuel किया है। अगर उपलब्ध हों तो इनके छोटे-छोटे सुसंगत आश्य-उद्धरण यहाँ दिये जा सकते हैं, परन्तु पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है।
Summary
दानियेल 1:15 एक सरल लेकिन गहरा पाठ है—परमेश्वर के सामने विश्वास के साथ छोटे-छोटे चुनाव कैसे जीवन-स्वास्थ्य और आंतरिक स्वतंत्रता ला सकते हैं। यह हमें सिखाता है कि बाहरी प्रतिष्ठा या सामाजिक मानक से अधिक महत्वपूर्ण है परमेश्वर के निर्देश का पालन और आस्थावान जीवन का आचरण।