Old Testament
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मूल interpretive बिंदु
व्यवस्था 15:7 सिखाती है कि जिसे परमेश्वर ने वंश-वासी देश के भीतर से दिया है, वहाँ यदि किसी अपने भाइयों में से कोई दरिद्र हो, तो उसका सहायता-हृदय से साथ देना परमावश्यक है। यह न केवल नीति का नियम है, बल्कि समाज के नैतिक बनावट का मर्म भी है: उदारता, करुणा और समुदाय की ख्याति। पथ-कार्य में यह बताता है कि दान और दयालुता के बिना अधिकार और संपत्ति का पूर्ण अस्तित्व अधूरा रहता है; ताकि वरन् वह देश और धर्म-समुदाय एक साथ उन्नत हों।
साहित्यिक प्रसंग (लिटरेरी संदर्भ)
पंक्ति में सीधे-सीधे obligation का निर्देश है: जब तारतम्य के साथ दरिद्र किसी इस देश के भीतर रहता है, तो हृदय कठोर न हो और न पहलू में कटुता आये। इस मार्गदर्शक नियम के पीछे परमेश्वर के इसी गृह-नीति का प्रमाण है कि भौतिक संपदा सामाजिक बंधनों को मजबूत बनाती है, न कि दया-हीनता से।yeen
θεολॉजिकल महत्व
यह आज के समाज-निर्माण के लिए भी एक मूलभूत सिद्धांत देता है कि संपत्ति के भंडार बनाम सहयोग-चेन का संतुलन किस प्रकार टिके। प्रभु के काम में, कमजोर की सहायता करने से समुदाय की आंतरिक सुरक्षा और नैतिकता बढ़ती है। यह इशारा करती है कि परमेश्वर के राज्य में संपत्ति उपयोग का उच्चतर उद्देश्य है: आपसी प्रेम और दया का प्रदर्शन।
पवित्रशास्त्र के अन्य संदर्भों के साथ सम्बन्ध
इन संदर्भों से देखें कि यह नियम व्यक्तिगत मोर्चे पर दयाभाव, सामाजिक मोर्चे पर न्याय और राष्ट्रीय मोर्चे पर स्थायी समुदाय-संरचना के लिए किस प्रकार काम करता है।
reflection questions
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वाक्य एक स्पष्ट मार्गदर्शक है कि परमेश्वर के राष्ट्र में संपत्ति एक साथ समृद्धि और करुणा का साधन है। यदि कोई देश-निर्वाहक विपत्ति में है, तो समुदाय का दायित्व है कि उसे स्वयं के हित से ऊपर रखकर सहायता की जाए। यह नियम न सिर्फ वित्तीय मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि हृदय की कठोरता को तोड़ने और प्रेम की खुली मुस्कान प्रस्तुत करने का आह्वान है।
पवित्रशास्त्रीय क्रॉस-रेफरेंसेस
1) प्रेरितों के काम में दयालुता और समाज-सेवा के निर्णय; 2) पुराने नियम की सहायता-नीति का निरंतर प्रमाण; 3) नए-करुणा के शिक्षा-उपदेशों के साथ सामुदायिक जीवन का समन्वय।
याद रखने योग्यी उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)
मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और ऐडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों से संबद्ध संक्षेप तत्त्व यहाँ संकलित हैं; इन लेखकों के ठोस शब्द यदि मिलते हैं, तो नीचे दिखाने की कोशिश की जाएगी:
महत्वपूर्ण: कोई स्पष्ट पूर्ण वाक्य उद्धरण इस पाठ के साथ संलग्न नहीं किया गया है।