Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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यक्रम और पृष्ठभूमि (व्यवस्थाविवरण 19:11)
इस पद में परमेश्वर के समाज-नियमन का एक कठोर लेकिन आवश्यक नियम प्रस्तुत है। परमादेश यह बताता है कि किसी के प्रति बैर रखना और हत्या की योजना बनाकर भागना—यह घृणित अपराध है और इसी प्रकार के हिंसात्मक व्यवहार की रोकथाम हेतु नगर-निर्वासन के पार्श्व-नियम भी दिए जाते हैं। यहाँ सुरक्षा की मांग स्पष्ट है: किसी के विरुद्ध अचानक कटाक्ष या खून-चोरी नहीं चलेगी; जो प्रकल्पित हत्या की योजना बनाता है, उसे प्रकट होते ही पकड़ना और दंड देना उचित है ताकि समाज में न्याय का शासन बना रहे।
ईश्वर और आस्था के बारे में पाठ से जो निकलता है
यह वाक्य ईश्वर के प्रति विश्वास का संकेत देता है कि वह समाज के सुरक्षित संयोजन को बनाए रखना चाहता है। परमेश्वर के कानून के अनुसार लोग एक-दूसरे के जीवन के प्रति सम्मान रखें, ईमानदार रहें, और हिंसा को रोकें। ऐसे नियम यह दिखाते हैं कि परमेश्वर की व्यवस्था सामाजिक सुरक्षा, सत्यनिष्ठा और प्रेम के नीचे स्थापित है; व्यक्तिगत बदला लेने की भावना भी समाज के लिए विनाशकारी है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
अन्य हिन्दी-आधारित आयत-तुलन (cross-references)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर न्यायप्रिय शासन में हिंसा और बदला लेने के विरुद्ध हैं, और समुदाय के लिए सुरक्षा-नियम आवश्यक हैं।
आज के संदर्भ में आवेदन
आज के विश्व में यह शिक्षण हमें अहिंसा और सत्यनिष्ठा के महत्व की याद दिलाता है। व्यक्तिगत वैमनस्य या बदला लेने की जगह हमें कानून-प्रणालियों और नैतिक मानकों का सम्मान करना चाहिए। अगर किसी के विरुद्ध गलत गतिविधि प्रतीत हो, तो सुरक्षा और न्याय के लिए उचित संस्थानों के हवाले करना आवश्यक है, ताकि समाज में भय या अराजकता ना फैले। साथ ही, यथार्थ शरण-निष्कासन के समय भी धैर्य, सुरक्षा और निष्पक्षता बने रहें, ताकि दुष्कर्मी से निपटने के साथ निरपराध लोगों को भी सुरक्षा मिले।
कुल मिलाकर यह पाठ समाज की संरचना—न्याय, सुरक्षा और प्रेम-निष्ठा के बीच संतुलन की मांग करता है।
नोट: यदि आप चाहें तो मैं Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के छोटे-से उद्धरणों को भी शामिल कर सकता हूँ—केवल जरूरी जगहों पर, और उल्लेखित सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के अनुसार।