Old Testament
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सभोपदेशक 10:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यदि मंत्र से पहले सर्प डसे, तो मंत्र पढ़नेवाले को कुछ भी लाभ नहीं।
सभोपदेशक 10:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
सभोपदेशक 10:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 8:17 (HINIRV) »
क्योंकि देखो, मैं तुम्हारे बीच में ऐसे साँप और नाग भेजूँगा* जिन पर मंत्र न चलेगा, और वे तुमको डसेंगे,” यहोवा की यही वाणी है।

भजन संहिता 64:3 (HINIRV) »
उन्होंने अपनी जीभ को तलवार के समान तेज किया है, और अपने कड़वे वचनों के तीरों को चढ़ाया है;

सभोपदेशक 10:11 — पाठ का तत्क्षण सेटिंग
अध्याय 10 में सभोपदेशक जीवन के व्यावहारिक अनुभवों पर आधुनिक-यथार्थ प्रकाश डालते हैं—राजनीति, शासन, और जन-जीवन की विचित्रताएँ। इस व verse में कहा गया है कि यदि मंत्र से पहले सर्प डसे, तो मंत्र पढ़नेवाले को कुछ भी लाभ नहीं। इसका तात्पर्य यह है कि विषाक्त और अनपेक्षित खतरे पहले आ जाएँ, तो जो भी धार्मिक कर्म या शब्द-उच्चारण किया जाए वह प्रभावहीन हो सकता है। यह एक प्रकार का चेतावनी है कि आध्यात्मिक गतिविधियाँ भी वास्तविक परिस्थितियों के भय, जोखिम या दुष्प्रभाव से मुक्त नहीं रहतीं।
ईश्वर या विश्वास के बारे में यह टेक्स्ट क्या दिखाता है
यह दिखाता है कि परमेश्वर के सामने जीवन के हर अनुभव के भीतर आस्थागत जागरूकता आवश्यक है। चैतन्य और सावधानी के बिना भक्ति के औपचारिक कर्म उलझन पैदा कर सकते हैं। परमेश्वर के उद्धार और मार्गदर्शन को पाने के लिए पहले से चल रहे भय या खतरे की स्थिति से निपटना आवश्यक हो सकता है।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र
अन्य संदर्भ (cross-references)
इन क्रॉस-रेफरेंसेस से समझ आता है कि भक्ति केवल शब्दों तक सीमित न रहे; परिस्थिति-संवेदी क्रिया और विश्वास के साथ परमेश्वर के उद्देश्य को दर्शाना चाहिए।
आज के लिए उपयोगी अनुप्रयोग
उद्धरण और स्रोत संकेत
यह लेख सार्वजनिक-डोमेन टीका-परंपरा के शुभारंभिक टिप्पणीकारों के समेकित अवलोकन पर आधारित है। Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रकाशित विचारों से मिली छोटे-छोटे प्रत्यक्ष उद्धरण परिस्थितियों के अनुसार संकलित हैं:
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