Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीसभोपदेशक 10:15 बाइबल पद की व्याख्या
सभोपदेशक 10:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मूर्ख को परिश्रम से थकावट ही होती है, यहाँ तक कि वह नहीं जानता कि नगर को कैसे जाए।
सभोपदेशक 10:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
सभोपदेशक 10:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 50:4 (HINIRV) »
“यहोवा की यह वाणी है, कि उन दिनों में इस्राएली और यहूदा एक संग आएँगे, वे रोते हुए अपने परमेश्वर यहोवा को ढूँढ़ने के लिये चले आएँगे।

यशायाह 57:1 (HINIRV) »
धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिए उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए,

मत्ती 11:28 (HINIRV) »
“हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे* लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
सभोपदेशक 10:15 पर प्रकाश
इस पद में सूचित किया गया है कि मूर्ख को परिश्रम से थकावट ही होती है, और वह अभी भी मार्ग खोजने में असमर्थ रहता है—यानी जैसे वह नगर तक पहुँचने के लिए स्पष्ट मार्ग नहीं पहचान पाता। यह विचार उस जीवन व्यवहार के बारे में है जिसमें समझदारी की कमी और व्यवहारिक विवेक नहीं होता। इस वाक्य का निहित संदेश यह है कि बुद्धिमत्ता और योजना के बिना प्रयत्न व्यर्थ हो जाते हैं, और अनुत्तरदायित्वपूर्ण व्यवहार से लक्ष्य हल नहीं होते।
पद का एक संक्षिप्त अध्याय-संदर्भ
सभोपदेशक का अध्याय 10 में अत्यधिक अलंकारिक और व्यावहारिक उपदेश मिलते हैं—जहाँ लेखक जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर दृष्टि डालते हैं। इस शास्त्रीय पद में उच्चारण किया गया है कि बिना समझ के परिश्रम असफलता की ओर ले जाता है, क्योंकि रास्ते और मार्ग का भेद न समझना ही सबसे बड़ी बाधा बन जाता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य बाइबल पंक्तियों से तुलना
1) समान विचार: नित नया मार्ग खोजते रहने के बजाय विवेकशील योजना और संयम से काम लेना—निर्णय के समय निर्णय-शक्ति का उपयोग।
2) समझदारी के महत्व पर जोर: उच्च कोशिश के साथ भी यदि मार्ग स्पष्ट नहीं है, तो प्रयास बेकार हो सकता है—यानी ज्ञान-अनुपस्थिति से कर्म विफल हो जाते हैं।
3) कर्म और ध्येय का संगम: कठिन परिश्रम और बुद्धिमानी हाथ-by-hand चलते हैं, तभी नगर तक पहुँच संभव होती है।
कर्म पर व्यवहारिक अनुप्रयोग
- कार्य आरम्भ करने से पहले योजना बनाएं और मार्ग स्पष्ट करें, ताकि थकावट वास्तविक परिणाम दे।
- अपने आप को दिशा-निर्देश दें: कौन सा मार्ग सफल है, किन मार्गों पर भ्रम उत्पन्न होता है? यह समझ जीवन में निर्णयात्मक सहायता देती है।
2-3 cross-references और उनके संक्षिप्त स्पष्टीकरण
- प्रचारित विवेक और योजना: नीतिवचन 3:5-6—विश्वास के साथ प्रभु को मानना और मार्ग में विवेक को केंद्रित रखना। यह बताता है कि कैसे परमेश्वर की दिशा में चलना बुद्धिमानी है।
- परिश्रम और ज्ञान का संतुलन: भजन 127:1-2—यदि प्रभु का आशीर्वाद नहीं, तो मेहनत भी व्यर्थ जा सकती है; ज्ञान और आशीर्वाद मिलकर सफलता बनाते हैं।
- मार्गदर्शन का आवश्यकत्व: याकूब 1:5—यदि कोई ज्ञान की कमी है, तो परमेश्वर से मांगे; वह बिना झिझक देता है, ताकि समझ बढ़े।
सार-सार्षिणी निष्कर्ष
सभोपदेशक 10:15 यह याद दिलाता है कि परिश्रम का मूल्य तभी बढ़ता है जब वह मार्गदर्शन, योजना और विवेक के साथ हो। बिना मार्गदर्शक जानकारी के निरन्तर प्रयास थकान और निराशा को जन्म देता है। बुद्धिमानी वह चटर्जी है जो यह समझती है कि कहाँ जाना है, कब कैसे रुकना है, और किस प्रकार प्रयास को प्रभावी बनाना है।
आखिरी सार
जीवन के कामों में सफलता के लिए केवल कड़ी मेहनत काफी नहीं है; विवेकपूर्ण योजना और सही मार्ग का चयन भी equally आवश्यक है। यह पद हमें प्रेरित करता है कि हम अपने प्रयासों को परमेश्वर की दिशा में मिलाकर चलें, ताकि हमारे नगर तक पहुँचने का मार्ग स्पष्ट और सुरक्षित बने।