Old Testament
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सभोपदेशक 10:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जो गड्ढा खोदे वह उसमें गिरेगा और जो बाड़ा तोड़े उसको सर्प डसेगा।
सभोपदेशक 10:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सभोपदेशक 10:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नीतिवचन 26:27 (HINIRV) »
जो गड्ढा खोदे, वही उसी में गिरेगा, और जो पत्थर लुढ़काए, वह उलटकर उसी पर लुढ़क आएगा।

आमोस 5:19 (HINIRV) »
जैसा कोई सिंह से भागे और उसे भालू मिले; या घर में आकर दीवार पर हाथ टेके और साँप उसको डसे।

न्यायियों 9:5 (HINIRV) »
तब उसने ओप्रा में अपने पिता के घर जा के अपने भाइयों को जो यरूब्बाल के सत्तर पुत्र थे एक ही पत्थर पर घात किया; परन्तु यरूब्बाल का योताम नामक लहुरा पुत्र छिपकर बच गया।
संक्षिप्त अर्थ
सभोपदेशक 10:8 बताता है कि जो किसी जोखिम को जन्म देता है, वह स्वयं परिणाम भुगतेगा: गड़्ढा खोदने वाला उसमें गिर जाएगा और जिसे बाड़ा तोड़ना चाहिए, उसे सर्प डसेगा। यह एक सामान्य चेतावनी है कि गलत कदम, अविश्वसनीय भोली-भाली राहें, या गलत निर्णय अंततः संकटों के रूप में सामने आते हैं। यह सुरक्षा के नियमों की अनदेखी से बचने की प्रेरणा देती है—जो कुछ भी दूसरों के लिए नुकसान पहुँचाने की नीति बनाता है, वह अंततः स्वयं पर ही आक्रमण करता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उपदेशक के विचार एक कठोर, व्यावहारिक दार्शनिकता के साथ जीवन के व्यवहारिक अनुभवों को सामने लाते हैं। यहाँ यह देखा जाता है कि हानिकारक नीतियाँ—चोरी, छल, नफरत-पूर्वक योजनाओं—खुद के लिए तबाही बनकर लौटती हैं। यह मनोरम नहीं, बल्कि ठोस नैतिक व्यवस्था है: जो दूसरों को नुकसान पहुँचाने में लगा रहता है, वह अपनी सुरक्षा भी खो देता है। यह एक किसान, शासक, या कार्यकारी के लिए समान रूप से सही संकेत है—धोखे और फरेब अंततः भरोसे और सिक्योरिटी को खत्म कर देते हैं।
व्याख्यात्मक विचार
3 प्रमुख संदर्भ-सम्बन्ध
1) सभोपदेशक 4: dahil— दूसरों के लिए शास्त्रीय नीतियों के बिना भी, अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना चाहिए। यह verse हमारी सहज जिम्मेदारी को दर्शाता है कि जोखिम और गलत फैलों से बचना चाहिए।
2) प्रवस्त 4:6— अधूरी सफलताओं की तुलना, जो न तो दूसरे के लाभ में और न ही अपने लाभ में संतोष देती है; संतुलित साधन ही स्थिरता लाते हैं।
3) नीतिकथा 11:3— उन्नति के मार्ग में सच और निर्णय-निर्पेक्षता महत्वपूर्ण है; धोखे से उन्नति अस्थायी होती है।
एंटीकालन उद्धरण (जरूरी संकेत)
ध्यान दें कि यह शास्त्रीय नोट्स उद्धृत करते समय सीधे तौर पर Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के फ्रेमवर्क से संगत विचार प्रस्तुत करते हैं—यानी यह पाठ अगर उद्धरण के रूप में सामने आए तो वे मूल टिप्पणियाँ दिशा-निर्देश के रूप में एक साथ उपयोग करते हैं, बिना पाठ की पूर्ण-पाठन प्रतिलिपि के।
संक्षिप्त अनुप्रयोग
- निर्णय लेते समय स्पष्ट मूल्य-आधार बनाएं और जोखिम-भरे योजनाओं से बचें।
- दूसरों के साथ उचित और नैतिक व्यवहार बनाए रखें; छल-फरेब से निपटते समय सावधानी रखें।
- अपनी नीतियों पर नियमित आकलन करें ताकि गलत रास्तों से बचा जा सके और सुरक्षा बनी रहे।
निष्कर्ष
इस वाक्य का सरल संदेश है: जो गलत मार्ग अपनाते हैं, वे स्वयं ही फंसते हैं। गहराई से देखें तो यह एक ईमानदार जीवन और सुरक्षित समाज की नींव है—जहां हर कदम सच और न्याय के साथ उठे।