Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएस्तेर 1:13 बाइबल पद की व्याख्या
एस्तेर 1:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब राजा ने समय-समय का भेद जाननेवाले पंडितों* से पूछा (राजा तो नीति और न्याय के सब ज्ञानियों से ऐसा ही किया करता था।
एस्तेर 1:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एस्तेर 1:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 इतिहास 12:32 (HINIRV) »
इस्साकारियों में से जो समय को पहचानते थे, कि इस्राएल को क्या करना उचित है, उनके प्रधान दो सौ थे; और उनके सब भाई उनकी आज्ञा में रहते थे।

यिर्मयाह 10:7 (HINIRV) »
हे सब जातियों के राजा, तुझसे कौन न डरेगा? क्योंकि यह तेरे योग्य है; अन्यजातियों के सारे बुद्धिमानों में, और उनके सारे राज्यों में तेरे समान कोई नहीं है। (प्रका. 15:4)

दानिय्येल 2:2 (HINIRV) »
तब राजा ने आज्ञा दी, कि ज्योतिषी, तांत्रिक, टोन्हे और कसदी बुलाए जाएँ कि वे राजा को उसका स्वप्न बताएँ; इसलिए वे आए और राजा के सामने हाज़िर हुए।
एस्तेर 1:13 पर दृष्टिकोण: “समय-समय का भेद जाननेवाले पंडितों” से राजा का प्रश्न
मुख्य interpretive बिंदु: इस verse में राजा आसुवे रूप से नीति-नियमन के साथ साथ व्यावहारिक ज्ञान की मांग करता है—ताकि प्रशासन में निष्पक्षता और सही निर्णय संभव हो सके। पंडितों से उसकी यह माँग यह बताती है कि सत्ता के केन्द्र में ज्ञान और विवेक का समन्वय आवश्यक है; केवल धार्मिक या कानूनी ज्ञान पर्याप्त नहीं, राजा को संदर्भ-विश्लेषण, परिस्थिति-परक निर्णय और नीति-निर्माण की सूझ-बूझ चाहिए।
पुष्प्तक संदर्भ (Literary Context)
एस्तेर पत्रिका में शासन-व्यवस्था का चित्रण एक विस्तृत बहुसंख्यक समाज के भीतर होता है: शक्ति, कूटनीति और परामर्श की विविध प्रणाली। 1:13 में “समय-समय का भेद जाननेवाले पंडित” शब्दावली यह संकेत देती है कि राजा हर स्थिति के लिए ज्ञानी सलाहकार जुटाते हैं—जो नीतिगत निर्णयों को समझने और सही दिशा तय करने में योगदान दें। यह एक सत्ता-संरचना है जिसमें मंत्रणा का महत्त्व प्रकट होता है।
ग़हरी theological significance
यहाँ ज्ञान की विविधता एक तीखी प्रश्न खड़ा करती है: ज्ञान क्या है और उसका उद्देश्य क्या होना चाहिए? परमेश्वर के लोग सत्य, न्याय और विवेक की माँग रखते हैं। पंडितों से राजा का प्रश्न नीतियों के तर्क-संगत परीक्षण और समयानुकूल चयन को उजागर करता है। यह पंक्ति हमारी यह शिक्षा देती है कि प्रशासनिक निर्णयों में नैतिक दिशा और सामंजस्यपूर्ण सूझ-बूझ ज़रूरी है—जो केवल आस्तिक ज्ञान से नहीं, बल्कि सूक्ष्म विवेचन और योग्य सलाह से आता है।
Cross-references (संक्षिप्त अवलोकन)
पठन-योग्य प्रश्न (Reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
1:13 का यह वाक्य प्रेरणा देता है कि शासन-व्यवस्था में बहुजन सलाहकारों की भूमिका और समय-समय का भेद जानना कितना आवश्यक है। पंडितों का उल्लेख यह दिखाता है कि ज्ञान के विविध पक्ष—कानून, नीति, और व्यवहार—एक साथ रहते हैं और राजा के निर्णयों के लिए एक सुरक्षित, संतुलित मार्गदर्शन का निर्माण करते हैं। यह पाठ उन पाठकों के लिए भी है जो अपने जीवन-कार्य में विवेक, परामर्श और उपयुक्त समय पर निर्णय लेने की कला को अपनाते हैं।
उद्धरण (Public-domain स्रोतों से समाहित विचार)
एतिहासिक टिप्पणीकारों के पारंपरिक व्याख्यान ने इस verse के तात्पर्य को विवेकपूर्ण प्रशासन और संदर्भ-समझ के साथ जोड़ा है—जिनमें Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के देहाती विचारों के संक्षिप्त और चिह्नित तत्व शामिल हैं। इनमें से किसी भी exact quotation के लिए यदि उपलब्ध हो, तो नीचे उद्धृत किया गया है:
“The king consulted with those who understood the times” (Matthew Henry के अनुसार जीर्ण शब्दावली के अनुसार सार-संयोजन) — समेकित विवेक को दर्शाता है कि राजा को समय के अनुसार निर्णय चाहिए थे।
“Where the state requires knowledge of the seasons and purposes of government” (Albert Barnes की व्याख्या के अनुरूप) — शासन की आवश्यक गम्भीरता और संदर्भ-आधारित ज्ञान का संकेत है।
“He asks of the wise men who have understanding of the times” (Adam Clarke के शैलीगत प्रभाव से) — ज्ञान का वह गुण जो स्थिति के अनुरूप निर्णय देता है।