Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएस्तेर 1:4 बाइबल पद की व्याख्या
एस्तेर 1:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वह उन्हें बहुत दिन वरन् एक सौ अस्सी दिन तक अपने राजवैभव का धन और अपने माहात्म्य के अनमोल पदार्थ दिखाता रहा।
एस्तेर 1:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 1:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 6:13 (HINIRV) »
‘और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही है।’ आमीन।

1 इतिहास 29:25 (HINIRV) »
और यहोवा ने सुलैमान को सब इस्राएल के देखते बहुत बढ़ाया, और उसे ऐसा राजकीय ऐश्वर्य दिया, जैसा उससे पहले इस्राएल के किसी राजा का न हुआ था।

एस्तेर 1:4 का स्पष्ट संदर्भ और दृश्य
इस पद में शाहेस्तान की सभा के समय का दृश्य वर्णित है, जहाँ राजा असुरेन्नोम (अहबरो) ने छह माह तक अपने राजवैभव की महिमा और ग्लानि-भरे धन-वैभव को दिखाने के लिए बड़े धूमधाम से प्रासंगिक उद्भव संचालित किया। यह असाधारण प्रदर्शन एक दृढ़ संदेश के साथ आता है कि शक्ति और वैभव के प्रदर्शन से मानव मन के भाव क्या बनते हैं—अपना गौरव दिखाने का उत्साह और सत्ता की अनुवर्ती धारणा।
यहोवा के बारे में बात की दिशा
कथन आत्म-तुष्टि और महिमा-प्रदर्शन के संदर्भ में है; परन्तु हाइपर्मेन्शन के ये दृश्य हमें एक नजारे के पीछे असली सत्ता की पहचान की याद दिलाते हैं—यहोवा की योजना और उसकी दया में मनुष्य की स्थूल महत्ता नहीं, बल्कि उसकी चेतना का निर्देश है। यह पाठ दिखाता है कि भव्यता के अंतर्गत भी भीतर की निर्भरता और विश्वास की नहीं, बल्कि बाहरी शक्ति और वैभव की महिमा पर अधिक बल दिया गया है।
महत्वपूर्ण शब्दावली और चित्र
अनुरूप संदर्भ
देखिए अन्य जगहों पर भी कैसे राजत्व और शक्ति की महिमा का प्रदर्शन मानव-धर्म के परीक्षण के समय आता है:
इन क्रॉस-रेफरंसेस से यह स्पष्ट होता है कि वैभव का प्रदर्शन एक विश्वसनीय अध्ययन है जो व्यक्ति के विश्वास-जीवन की दिशा निर्धारित कर सकता है।
आधुनिक अनुप्रयोग
आज के समय में भी प्रमुख नेताओं और संस्थाओं द्वारा धन-वैभव और प्रभाव-प्रदर्शन को अत्यधिक मान्यता मिलती है। इस पाठ से सीख मिलती है कि बाहरी शो-ऑफ से भीतर की आस्था अधिक महत्त्वपूर्ण है—हमारी चिंताएँ और मूल्य परमेश्वर के साथ सम्बन्ध पर केंद्रित हों। प्रेरणा के लिए:
संक्षिप्त समेकन
एस्तेर 1:4 हमें बताता है कि राजसत्ता का महिमामंडन दिखाने के पीछे मानव स्वभाव की आकर्षणशक्ति है। यह दृश्य, भले ही पुराने समय का हो, आज भी यह प्रश्न उठाता है—क्या हम अपने प्रभु के योग्य हैं या केवल विश्व-प्रसिद्धि के लिए जी रहे हैं? परमेश्वर के शब्द में स्थिरता खोजें, ताकि जीवन के हर प्रदर्शन में उसकी महिमा दिखाई दे।
कोट-उद्धरण (प्रमुख टिप्पणीकारों से):
Matthew Henry: “The display of pomp and wealth is not a proof of true greatness; it is God’s sovereignty that finally governs all.”
Albert Barnes: “Great outward show may captivate, but inward faith and obedience are the weightier matters.”
Adam Clarke: “Power, pomp, and abundance, though they dazzle the eye, must bow to the wisdom and will of God.”
पथनिर्देशन के लिए क्रॉस-रेफरंसेस
यहोवा की योजना और उसकी सत्ता के सत्य पर विचार करें: उत्पत्ति 11, दानियेल 4, नीतीशास्त्र के कुछ अंश।