Old Testament
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एस्तेर 1:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सातवें दिन, जब राजा का मन दाखमधु में मगन था, तब उसने महूमान, बिजता, हर्बोना, बिगता, अबगता, जेतेर और कर्कस नामक सातों खोजों को जो क्षयर्ष राजा के सम्मुख सेवा टहल किया करते थे, आज्ञा दी,
एस्तेर 1:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 1:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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न्यायियों 16:25 (HINIRV) »
जब उनका मन मगन हो गया, तब उन्होंने कहा, “शिमशोन को बुलवा लो, कि वह हमारे लिये तमाशा करे।” इसलिए शिमशोन बन्दीगृह में से बुलवाया गया, और उनके लिये तमाशा करने लगा, और खम्भों के बीच खड़ा कर दिया गया।

एस्तेर 7:9 (HINIRV) »
तब राजा के सामने उपस्थित रहनेवाले खोजों में से हर्बोना नाम एक ने राजा से कहा, “हामान के यहाँ पचास हाथ ऊँचा फांसी का एक खम्भा खड़ा है, जो उसने मोर्दकै के लिये बनवाया है, जिस ने राजा के हित की बात कही थी।” राजा ने कहा, “उसको उसी पर लटका दो।”

2 शमूएल 13:28 (HINIRV) »
तब अबशालोम ने अपने सेवकों को आज्ञा दी, “सावधान रहो और जब अम्नोन दाखमधु पीकर नशे में आ जाए, और मैं तुम से कहूँ, 'अम्नोन को मार डालना।' क्या इस आज्ञा का देनेवाला मैं नहीं हूँ? हियाव बाँधकर पुरुषार्थ करना।”
एस्तेर 1:10 का पाठ- तत्काल दृश्य और धारणाओं का परिचय
सूत्र-वाक्य बताता है कि राजा ने उस दिन क्या देखा और क्या किया, जब उसका मन दाखमधु के नशे में मगन था। सातोंSearching नाम के नौकर-खोजें, जो राजा के सामने सेवा-टहल करते थे, को महूमानों के रूप में उपस्थित पाया गया, और राजा ने उनसे विवाह-योजना के उत्तर देने का आदेश दिया। यह दृश्य राजसी जीवन के उस भाग को उघाड़ता है जहाँ व्यक्तित्व की शक्ति, अपनी इच्छा की पूर्ण स्वतंत्रता और सत्ता का प्रदर्शन एक सार्वजनिक मंच पर होता है।
पाठ का तत्काल संदर्भ- क्या कहता है
यह पासा बताता है कि राजा की समर्थता और निर्णय शक्ति का एक स्पष्ट चित्रण है—एक ऐसे क्षण में जहाँ सत्ता के महत्त्वपूर्ण निर्णय अचानक और बिना बहुत विचार के लिए जाते हैं। साथ ही यह बात भी संकेत करती है कि सत्ता में लोक-निष्ठा, राजनीति और उन्नति के क्रम कैसे चलती है, क्योंकि यह घटना आगे के घटनाक्रम के लिए प्रेरक बनती है।
ईश्वर-आस्था या विश्वास के विषय पर संकेत
उल्लेखनीय बात यह है कि इस अध्याय में सीधे परमेश्वर के नाम का उल्लेख नहीं है, परन्तु यह दृश्य एक अंतःकरण-आधारित पाठ प्रस्तुत करता है: मानव-राजाओं की शक्तियाँ और उनकी निर्णय-प्रणालियाँ कितनी प्रबल हो सकती हैं, फिर भी परमेश्वर के कुटुम, उनके उद्देश्य और उनके योजना के अनुरूप घटनाओं को आकार देते हैं। यह विचार उन मानवीय परिस्थितियों में भी विश्वास की गहराई दिखाता है जहाँ लोग अपने अधिकार और लालच के कारण कदम उठाते हैं—परन्तु परमेश्वर के नियंत्रण से बाहर कुछ नहीं होता।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
अन्य पारायण-पाठों से सम्वन्ध
– अन्य स्थान जहां प्रताप, अधिकार और सत्ता की भूमिका दिखती है, जैसे कि दावीद-राज्य में सत्ता-प्रयोग और सलाहकारों के साथ निर्णय।
– नीति-निर्णय और विवाह से जुड़ी सामाजिक रीति-रिवाजों के संदर्भ।
आज के लिए अनुप्रयोग
ये पूर्ण विचार क्रम कैसे जुड़ते हैं
पाठ का यह भाग राज-जीवन के एक उल्लेखनीय क्षण को उद्घाटित करता है, जो आगे आने वाले घटनाक्रमों के लिए एक मंच बनता है। यह पाठ बताता है कि मानव सत्ता सुंदरता के बावजूद परमेश्वर के काम में दखल है और वह समय-समय पर परिस्थितियों को दिशा देता है।
संक्षेप- Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से संक्षिप्त संकेत
अनुभवजन्य टिप्पणियाँ यह मानती हैं कि यहाँ दिखता है कि राजा की सत्ता और रसूख तुरंत निर्णयों पर निर्भर होते हैं, पर परमेश्वर के उद्देश्यों के अनुरूप घटनाएं चलती हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप) और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण
– अन्य स्थान जहाँ सत्ता-निर्णय और नीति-निर्वहन मिलते हैं; प्रभु की योजना के अनुसार घटनाओं की दिशा।
नोट: इस टिप्पणी में किसी एक पवित्र टिप्पणीकार का पूर्ण उद्धरण नहीं दिया गया है, पर नीचे दिए गए नामों के सार्वजनिक-डाक्यूमेंटेड विचारों से मूल-तत्व उद्दीप्त होते हैं।