Old Testament
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एस्तेर 1:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
आज के दिन फारस और मादी हाकिमों की स्त्रियाँ जिन्होंने रानी की यह बात सुनी है तो वे भी राजा के सब हाकिमों से ऐसा ही कहने लगेंगी; इस प्रकार बहुत ही घृणा और क्रोध उत्पन्न होगा।
एस्तेर 1:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 1:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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न्यायियों 5:29 (HINIRV) »
उसकी बुद्धिमान प्रतिष्ठित स्त्रियों ने उसे उत्तर दिया, वरन् उसने अपने आप को इस प्रकार उत्तर दिया,

1 राजाओं 11:3 (HINIRV) »
उसके सात सौ रानियाँ, और तीन सौ रखैलियाँ हो गई थीं और उसकी इन स्त्रियों ने उसका मन बहका दिया।
पाठ्य सारांश — एस्तेर 1:18
यह श्लोक पहले अध्याय के संदर्भ में कहता है कि जब राज्य के हाकिमों की पत्नियाँ रानी के व्यवहार के बारे में जान लेंगी तो वे भी उसी तरह अपनी पत्नियों के साथ बात करने लगेंगी, और इससे न सिर्फ अपमान बल्कि व्यापक क्रोध और घृणा उठ खड़ी होगी। यह वचन दरबार के सामाजिक भावनात्मक तनाव और स्त्री समुदाय में फैलने वाली नकारात्मक प्रतिक्रिया की ओर संकेत करता है।
अध्याय के संदर्भ में चर्चा
एस्तेर 1 पूरे रूप में दरबार की महोत्सव और रानी वशीपति के बहिष्कार का वर्णन करता है। राजा अ哈शवेरोश की दीर्घ पार्टी में रानी वशीपति के न आने और राजा के क्रोध का प्रसंग यहां शुरू होता है। श्लोक 18 दिखाता है कि समस्या केवल राजा और रानी के बीच का निजी मामला नहीं रहेगा, बल्कि उस घटना का असर सामूहिक सन्दर्भ में फैलकर दरबारी समाज और पूरे साम्राज्य की स्त्रियों तक पहुँचेगा। अतः यह एक ऐसी घटना का संकेत है जिसका सामाजिक परिणाम भी गंभीर होगा।
मुख्य आध्यात्मिक संदेश
यहाँ का मुख्य आध्यात्मिक पाठ है कि नेतृत्व के कृत्य और लज्जास्पद व्यवहार के परिणाम सामुदायिक स्तर पर भी प्रकट होते हैं। जब कोई सार्वजनिक व्यक्ति अनैतिक या अपमानजनक रूप से आचरण करता है, तो उसका प्रभाव केवल निजी नहीं रहता; समाज में नकारात्मक भावना और असम्मान पकड़ सकता है। यह चेतावनी है कि अधिकार के दुरुपयोग से सामाजिक तकरार और घृणा उत्पन्न होती है।
संबंधित पदों के साथ तुलना
व्यावहारिक अनुप्रयोग
श्लोक से हम सीख सकते हैं कि हमारा सार्वजनिक और निजी व्यवहार समुदाय को प्रभावित करता है। कुछ बिंदु विचार हेतु:
मत्थ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संक्षिप्त उद्धरण और समझ
इन टिप्पणाकारों में सामान्य सहमति यह है कि रानी वशीपति का बहिष्कार केवल निजी अपमान नहीं था, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा और सामाजिक व्यवस्था पर असर डालने वाला मामला था। मैथ्यू हेनरी का सूक्ष्म अवलोकन कहता है कि ऐसी घटनाएँ समुदाय में लज्जा और क्रोध पैदा करती हैं। (यहाँ एक छोटा उद्धरण: "ऐसी घटनाएँ सामूहिक घृणा और क्रोध को जन्म देती हैं।") अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क भी इसी तरह इस घटना के सामाजिक प्रभाव पर ध्यान देते हैं।
संक्षेप
एस्तेर 1:18 हमें सिखाता है कि व्यक्तिगत अभागिता और असम्मान का असर व्यापक होता है। नेतृत्व के व्यवहार, सार्वजनिक घटनाओं और उनके परिणामों के प्रति सजग रहना आवश्यक है। संघर्ष और अपमान की स्थितियों में सामुदायिक शांति और सम्मान बनाए रखने के उपाय ही दीर्घकालिक लाभ देते हैं।