Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 11:2 — तत्काल संदर्भ और पाठ का अर्थ
यहहेजकेल ने इस वाक्य के साथ एक दृश्य-युग्म प्रस्तुत किया है जिसमें राजसी बुराई और नगर की राजनीति का आकलन किया गया है। एक दृष्टा के रूप में यहेजकेल ईश्वर के बारे में भय और जिम्मेदारी दोनों को उजागर करता है: जो लोग नगर में अनर्थ की योजना बनाते हैं, वे स्वयं समस्या हैं और उनके रचे हुए दबाव/exploitation से सचमुच धर्म और समाज प्रभावित होते हैं।
क्यों यह वाक्य है महत्वपूर्ण?
यह वाक्य उन लोगों की पहचान करता है जो समाज के भीतर बुराईयों की रचना के सूत्रधार बनते हैं—वह विचार जो समाज की न्याय-व्यवस्था और धार्मिक विश्वास के प्रति खतरा हैं। ईश्वर की दृष्टि में ऐसे लोग न सिर्फ अपने लिए गलत मार्ग चुनते हैं, बल्कि पूरे नगर की सुरक्षा, नैतिकता और बंधुत्व पर चोट करते हैं। यह संदेश आज भी प्रासंगिक है कि नीतिगत भ्रष्टाचार और दुष्कर्म की योजनाओं के विरुद्ध जागरूकता ही परिवर्तन का पहला कदम है।
शब्दार्थ और चित्रण स्पष्ट करना
गम्भीर बातें जो यह वाक्य उजागर करता है
1) ईश्वर के सामने व्यक्तिगत जवाबदेही: जो लोग गलत योजना बनाते हैं, उन्हें उसका परिणाम भुगतना होता है।
2) समुदाय के लिए चेतावनी: भ्रष्ट योजनाएँ न केवल व्यक्ति, बल्कि समाज के भविष्य को भी खतरे में डालती हैं।
संबंधित अनुभागीय उद्धरण (कथा-भरोसे के स्रोत)
नीचे उल्लेखित तीन पुराने टिप्पणी-ग्रंथ इस पाठ के समृद्ध अर्थ को समझाने में सहायक हैं, परन्तु वे मुख्य पाठ के शब्दों की पुनरुक्ति नहीं करते:
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त संदर्भ और अर्थ)
यही विषय कुछ अन्य उद्धरणों में मिलता है जहाँ ईश्वर गलत योजनाओं के विरुद्ध चेतावनी देते हैं—उचित ध्यान दें कि मैं पूर्ण पद के टेक्स्ट को उद्धृत नहीं कर रहा, केवल विचारार्थ संदर्भ दे रहा हूँ:
आज के लिए अनुप्रयोग
- अपने समुदाय में भ्रष्ट विचारों के खिलाफ सावधानी रखें और नैतिक पथ पर खड़े रहें।
- व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर जिम्मेदारी की चेष्टा करें ताकि नगर सुरक्षित और धार्मिक-मौलिकता बनी रहे।
निष्कर्ष
यहहेजकेल 11:2 एक चेतावनी है कि नगर-समुदाय में अनर्थ और बुरी युक्ति की रचना करने वाले लोग वास्तविक खतरा बनते हैं। ईश्वर के प्रति आस्था और समुदाय के लिए दायित्व ही इस खतरे से लड़ने का ढाल है।
सीधी उद्धरण (यदि उपलब्ध): लेखक Hugo—मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क के संबद्ध पाठों से संगत विचारों के कारण नीचे का संकेत रखा गया है: “...अनर्थ कल्पना और बुरी युक्ति करते हैं वे ये ही हैं।”