Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
यहेजकेल 11:1 यहेजकेल 11:2 यहेजकेल 11:3 यहेजकेल 11:4 यहेजकेल 11:5 यहेजकेल 11:6 यहेजकेल 11:7 यहेजकेल 11:8 यहेजकेल 11:9 यहेजकेल 11:10 यहेजकेल 11:11 यहेजकेल 11:12 यहेजकेल 11:13 यहेजकेल 11:14 यहेजकेल 11:15 यहेजकेल 11:16 यहेजकेल 11:17 यहेजकेल 11:18 यहेजकेल 11:19 यहेजकेल 11:20 यहेजकेल 11:21 यहेजकेल 11:22 यहेजकेल 11:23 यहेजकेल 11:24 यहेजकेल 11:25



यहेकेल 11:3 का सरल अर्थ
इस पद में ईश्वर के संदेश से पहले-पहल यह प्रकट होता है कि लोग अपने भ्रम में घर-घुसपैठ कर रहे हैं और कहते हैं कि निर्माण का समय अभी नहीं आया है। वे नगर को सुरक्षित समझते हैं, माँस की माँग और अपने स्वामित्व-आत्मिकताओं से प्रेरित होकर नीतियों को तरजीह देते हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से कहता है कि वे अभी भी शरण-भरोसा कर रहे हैं, जबकि ईश्वर का निर्णय और भविष्य की योजना उनके सामने है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पुस्तक यहेजकेल का विधान-निबंध है, जिसमें भविष्यवक्ता यहूदियों के अदन और बाबुल के बीच की परिस्थितियों को समझाते हैं। इसी भाग में परमेश्वर यह बताता है कि वे अपने नगर-निर्माण के भरोसे पर निर्भर हैं और उसे डर है कि आदतन दुष्कर्मों के कारण नगर की आत्मा-स्थिति कैसे बदलेगी। यह संदेश अस्थिरता, विश्वासहीनता और दावों के पीछे चल रहे अणुवृत्तियों पर प्रहार है।
interpretive observations
एक संक्षिप्त थीमगत सूची
सीधे संबंधी आयतें (क्रॉस-रेफरेंस)
यक़ीन की पुष्टि के लिए नीचे कुछ संदर्भ दिए जाते हैं:
इन संदर्भों में स्पष्ट है कि गहराइयों में भरोसा कब्र-स्तर पर चलता है और ईश्वर की योजना के अनुसार चलना ही वास्तविक सुरक्षा है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम जहाँ भी हों, अपने आत्म-शिलाओं के बजाय परमेश्वर की sû व्यवहार-योजना और आशीर्वाद के अनुसार चलें। निर्माण-कार्य और सुरक्षित नगर आज भी मानव-योजना की सीमा हैं; ईश्वर के वचन की दिशा में आज ही तादात्म्य बनाइए।
एंबेडेड उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के कुछ संक्षिप्त विचारों के आधार पर यह पाठ संतुलित किया गया है; इन लेखकों के पूर्ण वाक्यों का संक्षेप यहाँ नहीं दिया गया है, पर उनके सामान्य दृष्टिकोण—यानी हृदय-विश्वास का महत्व और परमेश्वर की योजना के अनुरूप आचरण—इस commentary में समाहित है।