Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 11:23 के संदर्भ में टिप्पणी
なた: पाठ के आस-पास की स्थिति
तब यहोवा का तेज नगर के बीच में से उठकर उस पर्वत पर ठहर गया जो नगर की पूर्व ओर है। यहेजकेल की दिव्यदृष्टि में एक बार फिर ईश्वर की स्मृति और उसकी प्रेरित चेतावनी के साथ एक नवीन उपस्थिति प्रकट होती है: यहोवा अपने चयनित शहर और उसका निर्माण करने वालों के बीच से उठकर एक नया आश्वासन देता है। यह दृश्य नगर के भीतर की स्थितियों, भ्रष्टाचार और धार्मिक विनाश के संकेतों के बीच एक पवित्र आपके प्रति सुरक्षा का संकेत है।
क्या दर्शाता है यह पाठ ईश्वर या विश्वास के बारे में?
इस पंक्ति में यहोवा किनारा बनाकर नगर के बीच से उठते हैं और पूर्व की ओर एक पर्वत पर ठहरते हैं। इसका आशय है कि ईश्वर कभी-कभी अपने लोक के बीच से बाहर आकर स्वतंत्र उपस्थिति दे सकते हैं—निश्चय और चपलता के साथ—ताकि निर्देश और आश्वासन पहुँचाये जा सकें। यह संदेश कि परमेश्वर अपने निवास के निकट रहते हैं, परन्तु अपनी महिमा के साथ, विश्वासियों के लिए यह एक प्रमाण है कि वह उन पर है जो उसे खोजते हैं, और उनके संकटों में नये मार्ग दिखाते हैं।
शब्दों या चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संबद्ध पाठ (Cross-references) और उनके संक्षिप्त अर्थ
इन संदर्भों में निहित विचार यह है कि परमेश्वर अपने दर्शन—चेतावनी, उद्धार, और मार्गदर्शन—के माध्यम से अपने लोगों के जीवन से जुड़ते हैं और उन्हें एक नई दिशा देते हैं।
प्रस्तुत-कालिक अनुप्रयोग
आज के विश्वासियों के लिए यह चेतावनी और आश्वासन दोनों का संदेश है: जब समाज भ्रष्टाचार या सुरक्षा-चिन्ता में डूबे हो, तब भी परमेश्वर अपनी उपस्थिति और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। जीवन के तनाव, निर्णय-चयन, और दुख के समय में ईश्वर के निकट रहने की संभावना बनती है—हम उनके पर्वत के रूप में ठहर सकें, उनके निर्देशों पर ध्यान दें, और विश्वास के साथ आगे बढ़ें।
कहानी के भीतर प्रसिद्ध विचारधारा के सार
Matthews Henry, Barnes और Clarke के सार्वजनिक-domain विचारों से संकलित सार यह है कि परमेश्वर की उपस्थिति के बिना भी परीक्षण समय अस्थिर रहेगा, किंतु ईश्वर का परिचय और निर्देश सुरक्षा का स्रोत बनते हैं। यहेजकेल के संदर्भ में यह दर्शाता है कि नगर की अस्थिरता के बीच भी ईश्वर अपने संदेशवाहक के माध्यम से नया मार्ग दिखाते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह लेख हमें बताता है कि परमेश्वर तुम्हारे बीच से उभरकर एक ऊँचे स्थान पर ठहरते हैं ताकि तूँ उनके नाम, उनके मार्ग, और उनकी योजना को देख सके। यह आधुनिक दिन के विश्वासियों के लिए प्रेरणा है कि हम अपने जीवन के किसी भी चरण में ईश्वर की उपस्थिति और मार्गदर्शन की खोज करें, ताकि हमारी राहें उसकी दिशा में स्पष्ट हों।