Old Testament
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यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48



यहेजकेल 35:11 पर टिप्पणी
इस वचन में परमेश्वर यहोवा यह स्पष्ट कर देते हैं कि उनकी न्याय-यात्रा अड़चन नहीं जाएगी, बल्कि यह निर्दोष रहकर भी किसी भी समूह के विरुद्ध निष्कर्षस्वरूप नहीं टलेगी। यह अध्याय इज़केल के संदर्भ में ईडोम के शत्रुतापूर्ण व्यवहार के प्रति परमेश्वर के निर्णय का प्रतीकात्मक संकेत है। यहाँ यहोवा कहता है कि वह अपने न्याय से वहाँ प्रगट होगा जहाँ लोगों ने बैर और दमन के कारण अन्य लोगों पर जलन और क्रोध बनाये रखा है।
पाठ का एक संक्षिप्त अवलोकन
यहेजकेल 35 अध्याय में यहोवा आसन्न दैत्यावस्था के विरुद्ध इज़राइल के पड़ोसी देश एडोम (शेष) के आचरण पर कड़े स्वर में निर्णय सुनाते हैं। verse 11 विशिष्ट रूप से यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपनी सच्ची बराबरी और न्याय के आधार पर क्रोध, दमन और अत्याचार के लिए दाश्त नहीं करता। जब वह न्याय करेगा, तब वह अपने गुण और स्वरूप को प्रकट करेगा ताकि सब प्रकार के अभिमान और अन्याय के विरुद्ध एक स्पष्ट उद्घोष हो।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य बाइबिल धाराओं से तुलना
1) दाऊद के कर्मों के कारण ईश्वर की क्रोध की धार दृढ़ होती है, परन्तु उसकी क्षमा भी आती है—यहाँ न्याय और दया के बीच संतुलन स्पष्ट होता है।
2) नीतिवचन में कहा गया है कि अन्याय के मार्ग शीघ्र नहीं बदले जाते, बल्कि समय आने पर उसका परिणाम मिलता है; यह यहेजकेल की वाणी के समान एक ठोस सिद्धांत देता है।
3) रोमियों 12:19 के अनुसार, प्रभु का प्रतिशोध उनके हाथ में है; वे अपने समय में न्याय करते हैं, जिससे विश्वासियों को सुरक्षा मिलती है।
प्रयोग और जीवन पर लागू करें
- अपने व्यवहार में न्याय के साथ करुणा की दृष्टि बनाए रखें। दूसरों के विरुद्ध गलत धारणा रखने की प्रवृत्ति से बचें, क्योंकि परमेश्वर सभी विचारों और योजनाओं को तौलते हैं।
- यह संदेश हमें सुरक्षा देता है कि अन्याय के विरुद्ध असहाय न रहें; परमेश्वर निर्दोषों की रक्षा करेंगे और दमनकारियों के साथ तगड़ा परिणाम अवश्य आयेगा।
संलग्न क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप)
1) रोमियों 12:19 — प्रभु प्रतिशोध नहीं, बल्कि उनके हाथों में है; उनके समय में न्याय होगा। यह यहोजकेल की संदेश से संगत है कि परमेश्वर सत्य के लिए खड़ा है।
2) नीतिवचन 20:22 — “जो मैं करूँगा, तो मैं बचाऊँगा, परन्तु प्रतिशोध नहीं दूँगा” जैसी आत्म-गौड़ से दूर रहने की शिक्षा देती है; यह यहोजकेल के न्याय-विश्वास के अनुरूप है।
3) यशायाह 41:11 — जो मुझे लड़ते हैं, वे परास्त होंगे; यह यहोषेकेल के न्याय-विश्वास को पुष्ट करता है कि परमेश्वर अपने दासों के साथ है।
कुल मिलाकर यह वाक्य स्पष्ट रूप से कहता है कि परमेश्वर अपने न्याय को उचित समय पर प्रकट करेगा और दमन का बल नहीं चलेगा। यह शिक्षा हमें अपने आचरण में सत्य और करूणा के संतुलन की याद दिलाती है, ताकि हम परमेश्वर की नियत के समक्ष भरोसा बनाए रखें।
सूत्र उद्धरण (यदि आवश्यक हो): ब्लॉक-स्तर पर Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से संक्षिप्त टिप्पणियाँ उपलब्ध हैं; यहाँ इस्तेमाल के लिए इनमें से कोई-कोई स्पष्ट उद्धरण दिखाने की आवश्यकता है—"..." (यदि उपलब्ध हो तो उद्धृत किया जाएगा।)