यहेजकेल 35:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तू इस्राएल के घराने के निज भाग के उजड़ जाने के कारण आनन्दित हुआ, इसलिए मैं भी तुझसे वैसा ही करूँगा; हे सेईर पहाड़, हे एदोम के सारे देश, तू उजाड़ हो जाएगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।

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यहेजकेल 35:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

यहेजकेल 35:15 पर एक समेकित व्याख्या

सीधे शब्दों में अर्थ: यह वाक्य कहता है कि यहूदियों के प्रतिशोधी शत्रु से प्रसन्न होने के कारण परमेश्वर उसी के अनुसार उसे भी नुकसान पहुंचाएगा। सेईर पहाड़ और एदोम के देश उजाड़ हो जाएंगे, ताकि लोग जान लें कि मैं यहोवा हूँ।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यहोवा के ओझल-आदेशों में यह्रुश्लम के समय के भीतर ईश्वरीय न्याय की सख्ती और अन्यजातियों के विरुद्ध दंड का विषय प्रमुख है। यहेजकेल 35 अध्याय मूसा के समय से चले आ रहे शत्रुत्व के कारण सेईर और एदोम के विरोध को उजागर करता है। यहाँ क्या गया है कि अगर कोई देश दूसरे देशों के दुख-दर्द पर भी आनंदित होता है, तो परमेश्वर उसे भी उसकी ही प्रवृत्ति के अनुसार दंडित करेगा।

interpretive observations

• मुकाम यही है कि प्रेरित शत्रुता और आक्रामकता वह पाप है जिसे परमेश्वर स्वयं ही देखता है। अगर कोई देश शत्रु के पतन पर आनंदित होता है, तो वह अपने ही अंश से खतरे में पड़ सकता है।

• यह वादा यह बताता है कि परमेश्वर न्यायी है और वह दुष्टों के साथ-साथ उनके समर्थकों के लिए भी मानदंड तय करता है।

• सेईर पहाड़ और एदोम के देश एक प्रतीक के रूप में लिए जाते हैं, जो पृथ्वी पर ईश्वर के अधिकार और न्याय के आकार को दर्शाते हैं।

थीमेटिक बिंदु

  • ईश्वरीय न्याय की सख्ती बनाम मानव प्रवृत्ति—आनंदित होना पाप है
  • आत्म-प्रतिबिंब: अपने दुश्मन के दंड़ पर नहीं, बल्कि अपने रास्ते पर विचार करना
  • परमेश्वर की महान्ता और ग्रहणशीलता—न्याय के साथ करुणा का संतुलन

सामंजस्यपूर्ण क्रॉस-रेफरेंस

• योएल 2:32: परमेश्वर के दंड और उद्धार का संदेश एक साथ आता है; यह दर्शाता है कि उद्धार तब संभव है जब लोग संशोधित होते हैं।

• मत्ती 7:12: दूसरे के प्रति विवेकपूर्ण आचरण और दूसरों से वैसा ही व्यवहार—यही न्याय का ढांचा है।

• रोम 12:19: परमेश्वर के प्रति क्रोध-अनुरोध संतुलन; हेतू मनुष्य के लिए प्रतिशोध लेने के बजाय उसे सिखाने की प्रेरणा।

छोटे शोध-नोट

• “तू उजाड़ हो जाएगा” का भावाभिव्यक्ति यह नहीं कि केवल व्यक्ति या समुदाय को समाप्त किया जाएगा, बल्कि निर्भरता और प्रभाव की विनाशकारी स्थिति दर्शायी गई है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हमारे जीवन में अन्याय और शत्रुता पर आनंद लेना अस्वीकार्य है; परमेश्वर न्यायप्रिय है और वह ऐसे भावों के परिणाम दिखाता है। वह हमारी निष्ठा और आचरण को देखता है—सामर्थ्य के साथ करुणा, कठोरता के साथ नहीं।

छोटी मूल्यांकन सूची

नोट: इस व्याख्या में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के परंपरागत टिप्पणियों से संकेत-संरचनाएँ सम्मिलित की गई हैं; जहां संभव हो वहाँ उनके छोटे उद्धरण स्पष्ट रूप से पहचान योग्य रूप में दिए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यहेजकेल 35:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और उससे कह, परमेश्‍वर यहोवा यह कहता है : हे सेईर पहाड़, मैं तेरे विरुद्ध हूँ; और अपना हाथ तेरे विरुद्ध बढ़ाकर तुझे उजाड़ ही उजाड़ कर दूँगा।

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क्योंकि मेरी तलवार आकाश में पीकर तृप्त हुई है; देखो, वह न्याय करने को एदोम पर, और जिन पर मेरा श्राप है उन पर पड़ेगी।

विलापगीत 4:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
विलापगीत 4:21 (HINIRV) »
हे एदोम की पुत्री, तू जो ऊस देश में रहती है, हर्षित और आनन्दित रह; परन्तु यह कटोरा तुझ तक भी पहुँचेगा, और तू मतवाली होकर अपने आप को नंगा करेगी।

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