Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एज्रा 10:1 एज्रा 10:2 एज्रा 10:3 एज्रा 10:4 एज्रा 10:5 एज्रा 10:6 एज्रा 10:7 एज्रा 10:8 एज्रा 10:9 एज्रा 10:10 एज्रा 10:11 एज्रा 10:12 एज्रा 10:13 एज्रा 10:14 एज्रा 10:15 एज्रा 10:16 एज्रा 10:17 एज्रा 10:18 एज्रा 10:19 एज्रा 10:20 एज्रा 10:21 एज्रा 10:22 एज्रा 10:23 एज्रा 10:24 एज्रा 10:25 एज्रा 10:26 एज्रा 10:27 एज्रा 10:28 एज्रा 10:29 एज्रा 10:30 एज्रा 10:31 एज्रा 10:32 एज्रा 10:33 एज्रा 10:34 एज्रा 10:35 एज्रा 10:36 एज्रा 10:37 एज्रा 10:38 एज्रा 10:39 एज्रा 10:40 एज्रा 10:41 एज्रा 10:42 एज्रा 10:43 एज्रा 10:44


एज्रा 10:43 – संदर्भ में स्पष्ट समझ
इस पद में एज्रा के काल के भीतर सामाजिक पुनर्संरचना की कठिनाई सामने आती है। इस समय यहूदी समाज वापिस खण्डित हो चुका था और पवিত্রी शपथ के अनुसार विवाह-बंधन उस रीति-रिवाज के अनुरूप नहीं थे जैसा परमेश्वर चाहते थे। कंठस्थ किए गए शब्दों में नबू की सन्तान से तुरंत जो नाम आते हैं, वे प्रचलित विवाह-वेदना और निषेध के बीच की जटिलता को दर्शाते हैं। यह सूची एक समूह-परिवार या प्रमुख पूर्वज-परिवारों के पीछे का संकेत है, जो आगे चलकर राष्ट्र-समुदाय की पहचान बनता है।
मुख्य अर्थ
यह verse एक नैतिक चेतावनी और पुनर्संयोजन की दिशा दिखाता है: बासनियों के साथ विवाह के परिणामस्वरूप पूरानी आस्थाओं और पवित्र विधान की दूरी बन सकती है, इसलिए समूह-उन्नति के लिए गर्मजोशी और सुधार आवश्यक है। नबू की सन्तान की सूची से यह स्पष्ट होता है कि पाप के कारण संतानों के मिश्रण ने पारिवारिक और धार्मिक पुनर्संरचना के लिए एक व्यवस्थित योजना की मांग की है।
तीन मुख्य विषय
संबंद पाठ (Cross-references) – संक्षेप व्याख्या
व्यावहारिक चिंतन
हम अपने समाज में यह देखते हैं कि दृढ़ आस्था के साथ रिश्तों के चयन और पारिवारिक संरचना कैसे निर्माण पाती है। आज भी हमें विश्वास के साथ सामाजिक संबंधों में सावधानी, पारदर्शिता और पवित्रता बनाए रखने का पाठ मिलता है। यदि हम अपने आंतरिक विश्वास को मजबूत करें, तो सामाजिक जीवन में भी सुधार आ सकता है।
संक्षेप निष्कर्ष
एज्रा 10:43 हमें याद दिलाती है कि पवित्र व्यवस्था के अनुरूप जीवन जीना समाज-निर्माण का आधार है। नबो की सन्तान की सूची एक चेतावनी भी है: बहाव के बीच विवेक बनाकर, आध्यात्मिक शुद्धता और सामाजिक दायित्व के बीच संतुलन बनाकर ही समुदाय परमेश्वर के आह्वान की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
अत्यंत संक्षेप में चिह्नित उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke)
उद्धरण-चयन: यदि उपलब्ध हों, तो ये विचार स्पष्ट करते हैं कि पवित्रता और सामाजिक पुनर्संयोजन के बीच संतुलन कैसे आवश्यक है।