इब्रानियों 11:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्टि की रचना परमेश्‍वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्तुओं से बना हो। (उत्प. 1:1, यूह. 1:3, भज. 33:6,9)

इब्रानियों 11:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

विश्वास से परमेश्वर के निर्माण का सूत्र

सीधी बात यह है: विश्वास से हमें यह ज्ञात होता है कि सारी रचना परमेश्वर के वचन से बनी है; न कि जो कुछ आज दिखाई देता है वह अपने आप में पहले से स्थित होता रहा।

पृष्ठभूमि और परिप्रेक्ष्य

इब्रानियों 11:3 पुराने नियम के बनाए-कराए अनुभवों को नया प्रकाश देता है: विशेषज्ञताओं के चमत्कारों से नहीं, बल्कि_CREATOR के वचन की शक्ति से संसार बना। उस समय के ईसाई पाठकों के लिए यह संदेश यह पुष्टि करता है कि घटनाओं के पीछे एक वेदाने-परमेश्वर है, जो विश्व की नींव रखता है, और जिसे हमने विश्वास के द्वारा पहचाना है।

व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • वचन-शक्ति: परमेश्वर का शब्द सृजन का आधार है; उसने जो कहा वही मौजूद है।
  • दृष्यमान बनाम अ-दृश्य: जो कुछ दिखाई देता है वह पहली सिद्धि से बना है; दृश्यमान वस्तुओं से नहीं, बल्कि प्रभुवाच से।
  • विश्वास का कार्य: विश्वास केवल सूचना नहीं, बल्कि ग्रहण-गति है जो परमेश्वर की वास्तविक क्रिया को मान्यता देता है।

संकोंचित पाठानुरूप टिप्पणियाँ

मार्थुर अनुभव से एंट्रीज:

मैथ्यू हेनरी: शास्त्री ने कहा कि भू-विश्व के निर्माण के पीछे परमेश्वर की सत्ता और उसका भाषण-शक्ति है; यह विश्वास का केंद्र है कि संसार शब्द से प्रकट हुआ है।

আলবার্ট বার্নস: परमेश्वर के सृजन-कार्य की आरम्भिक प्रकटता ने दिखाया कि दृश्य世界 मौन नहीं; उसका मूल कर्म एक आदेश-शक्ति से प्रारम्भ हुआ है।

आदम क्लार्क: सृजन के पहले शब्द में ही परमेश्वर की स्थिति-निर्वहता है; कुछ भी बिना उसकी अनुमति के नहीं हो सकता।

कथा-संरचना और स्पष्टताएँ

यह पद प्रमाण देता है कि विश्व-निर्माण एक सुसंगत योजना का परिणाम है, न कि अराजकता का फल। विश्वास वह दृष्टिकोण है जो अतीत के ज्ञान को वर्तमान पर लागू करता है—परमेश्वर के वचन की विश्व-निर्माणशक्ति पर आधारित।

कुल मिलाकर निष्कर्ष और व्यवहारिक विचार

हमें यह समझना चाहिए कि विश्वास केवल तर्किक निष्ठा नहीं, बल्कि परमेश्वर की कथनी पर भरोसा है। हमारी दृष्टि में जो कुछ सत्य है, वह पहले से परमेश्वर के शब्द में निहित है। इसलिए जीवन के निर्णयों में भय नहीं, बल्कि विश्वासी विश्वास के अनुसार चलना उचित है।

संदर्भ-क्रॉस रेफरेंस

उत्पत्ति 1:1 — विश्व की आरम्भिक सृष्टि परमेश्वर के वचन से संबद्ध है; यह मूल कथन है।

यूहन्ना 1:3 — वही वचन जिसे सब कुछ बनाने पर सक्षम किया गया।

भज 33:6,9 — परमेश्वर के वचन से सारा देश और संपूर्ण निर्माण क्रियाशील हुआ।

निष्कर्षगत मार्गदर्शन: विश्वास के द्वारा हम परमेश्वर की शक्ति को अनुभव करते हैं कि वह संसार को आदि से चालित करता आया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

इब्रानियों 11:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुँह की श्‍वास से बने। (इब्रा. 11:3)

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2 पतरस 3:5 (HINIRV) »
वे तो जान-बूझकर यह भूल गए, कि परमेश्‍वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीनकाल से विद्यमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है (उत्प. 1:6-9)

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सब कुछ उसी के द्वारा उत्‍पन्‍न हुआ और जो कुछ उत्‍पन्‍न हुआ है, उसमें से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्‍पन्‍न न हुई।

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