Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42Verse
अय्यूब 5:1 अय्यूब 5:2 अय्यूब 5:3 अय्यूब 5:4 अय्यूब 5:5 अय्यूब 5:6 अय्यूब 5:7 अय्यूब 5:8 अय्यूब 5:9 अय्यूब 5:10 अय्यूब 5:11 अय्यूब 5:12 अय्यूब 5:13 अय्यूब 5:14 अय्यूब 5:15 अय्यूब 5:16 अय्यूब 5:17 अय्यूब 5:18 अय्यूब 5:19 अय्यूब 5:20 अय्यूब 5:21 अय्यूब 5:22 अय्यूब 5:23 अय्यूब 5:24 अय्यूब 5:25 अय्यूब 5:26 अय्यूब 5:27



अर्थ का प्रत्यक्ष संकेत
पद का सीधा अर्थ है: ईश्वर की शक्तियाँ अत्यन्त विशाल हैं—ऐसे बड़े कर्म जो हमारे समझ से बाहर हैं और ऐसे चमत्कार जो गिने नहीं जा सकते। यह दया-भरे, sovereign प्रभु के बारे में अत्यंत विनम्र स्मरण है कि उनका कार्य मानव माप से पार है और वे प्रत्यक्ष रूप से जीवन के हर क्षेत्र में हस्तक्षेप करते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
अय्यूब की पुस्तक में मित्रों की उक्ति और बजाय की ओर से चल रही बहस के बीच यह पाठ एक बड़ी theological स्थिति को उजागर करता है: परमेश्वर की क्रिया का गहरा और व्यापक आयाम। यहाँ कहा गया है कि ईश्वर ऐसे बड़े कार्य करता है जिन्हें हम गिन नहीं सकते—यह न केवल उसकी रचनात्मक क्षमता दर्शाता है, बल्कि उसकी नीति और विधान की गहराई भी बताता है। यह पाठ विश्वासी को धैर्य और विनय के साथ परमेश्वर की सत्ता को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- ईश्वर की महत्ता: यह वाक्य उनके गुणों की चौड़ाई को दर्शाता है—पवित्र दया, ज्ञान और शक्ति सभी मिलकर असीम हैं।
- चमत्कारों की सीमा: जो भी अविश्वास या शिकायत हो, वह इन शब्दों के द्वारा झड़ जाती है कि ईश्वर के काम अपरिपूरित नहीं हैं; वे गिने नहीं जाते, क्योंकि उनकी कार्यशक्ति अनंत है।
- मानव दृष्टिकोण बनाम दिव्य योजना: मनुष्य अक्सर सीमित रहते हैं, पर परमप्रधान की योजना समय-समय पर प्रकाश डालती है और उसे समझ पाना हमारे बस की बात नहीं।
थीमैटिक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंस और उनसे जुड़ी बातें
- आयतें जो ईश्वर की चमत्कारिक सत्ता को स्मरण कराती हैं, जैसे ऐसे परिच्छेद जहाँ परमेश्वर के कार्यों का गहराई से उल्लेख है।
- उद्धार की योजना में परमेश्वर की योजना और समय का संकेत देने वाले अन्य भाग, जहाँ विश्वासियों को धैर्य रखने के लिए कहा गया है।
- दया और न्याय के संतुलन पर आधारित अन्य उद्धरण, जो जीवन के कठिन दौर में भी परमेश्वर के नियंत्रण पर निर्देश देते हैं।
व्यावहारिक takeaway
1) हर परिस्थिति में ईश्वर की असीमत्ता को याद रखें; यह आपकी चिंताओं को हल्के करता है।
2) धैर्य और विनम्रता बनाए रखें—परमेश्वर की योजना मानव समझ से परे हो सकती है, पर वह भरोसेमंद है।
3) सांसारिक गड़बड़ियों में भी ईश्वर के चमत्कारिक उद्धार की उम्मीद रखें; यह जीवन के बीच-बीच में आशा बनकर रहता है।
संक्षिप्त एकीकृत विश्लेषण
यह वाक्य अय्यूब के पाठ में एक दृष्य-परिवर्तन की तरह है: संसार के बहस और दोषारोपण के बीच परमेश्वर की महानता अचानक स्पष्ट होती है। मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के विचारों में, जहां-जहां संभव हुआ, उन्होंने यह दर्शाया है कि परमेश्वर की क्रिया और ज्ञान मानव मापा-तोल से परे हैं—फलस्वरूप यह पाठ विश्वास के लिए विश्राम का कारण बनता है। “वह बड़े काम करता है जिनकी थाह नहीं लगती” — यह किसी भी समस्या के लिए एकधार्मिक उत्तर नहीं, बल्कि परमेश्वर की पूर्ण सत्ता की प्रशंसा है।
पवित्र पाठ का संक्षिप्त उद्धरण: “वह तो ऐसे बड़े काम करता है जिनकी थाह नहीं लगती, और इतने आश्चर्यकर्म करता है, जो गिने नहीं जाते।”
अनुवाद, संदर्भ और उद्धरणों के लिए नीचे की टिप्पणी एकीकृत भूमिका निभाती है ताकि पाठक सीधे संदर्भ समझ सकें, यही इस commentary का लक्ष्य है।
सूचित उद्धरण नोट
यदि आप चाहें, तो नीचे दिए गए पंक्तियों में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के समान विचारों के संक्षेप उद्धरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं। यहाँ भी मूल पाठ से अलग पूर्ण उद्धरण नहीं दिया गया है, बल्कि उनकी धारणा के अनुसार संक्षेपित सार दिया गया है।