Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 11:1 यूहन्ना 11:2 यूहन्ना 11:3 यूहन्ना 11:4 यूहन्ना 11:5 यूहन्ना 11:6 यूहन्ना 11:7 यूहन्ना 11:8 यूहन्ना 11:9 यूहन्ना 11:10 यूहन्ना 11:11 यूहन्ना 11:12 यूहन्ना 11:13 यूहन्ना 11:14 यूहन्ना 11:15 यूहन्ना 11:16 यूहन्ना 11:17 यूहन्ना 11:18 यूहन्ना 11:19 यूहन्ना 11:20 यूहन्ना 11:21 यूहन्ना 11:22 यूहन्ना 11:23 यूहन्ना 11:24 यूहन्ना 11:25 यूहन्ना 11:26 यूहन्ना 11:27 यूहन्ना 11:28 यूहन्ना 11:29 यूहन्ना 11:30 यूहन्ना 11:31 यूहन्ना 11:32 यूहन्ना 11:33 यूहन्ना 11:34 यूहन्ना 11:35 यूहन्ना 11:36 यूहन्ना 11:37 यूहन्ना 11:38 यूहन्ना 11:39 यूहन्ना 11:40 यूहन्ना 11:41 यूहन्ना 11:42 यूहन्ना 11:43 यूहन्ना 11:44 यूहन्ना 11:45 यूहन्ना 11:46 यूहन्ना 11:47 यूहन्ना 11:48 यूहन्ना 11:49 यूहन्ना 11:50 यूहन्ना 11:51 यूहन्ना 11:52 यूहन्ना 11:53 यूहन्ना 11:54 यूहन्ना 11:55 यूहन्ना 11:56 यूहन्ना 11:57



यूहन्ना 11:25 परसा: यीशु ही पुनरुत्थान और जीवन
यह वचन एक अत्यंत प्रेरक उद्घोष है, जिसमें मरने को रोकना नहीं है पर 초성ुद्धार है—जीवन का समर्थक प्राथमिकी अंततः यीशु मसीह के भीतर मिलता है। यह verse हमें विश्वास की दृष्टि से जीवन के स्थायी पाठ पढ़ाता है: जब जीवन के सबसे अंधेरे क्षण आते हैं, तब भी विश्वासी लोक प्रभु में आशा रखे तो वे जीवित रहते हैं।
पाठ का मूल संदर्भ
यह उद्धरण यूहन्ना के अनुसार लूसी: लाज़र के मरते ही यीशु ने यह उद्घोष किया। यीशु ने प्रिय मित्रों के समुदाय के सामने अपने अनुभव और पहचान को स्पष्ट किया—उनके पिता के अधिकार के अभिव्यक्ति के साथ: जीवन और पुनरुत्थान मैं हूँ। यह मौके पर यीशु के दोहरे कार्य को दर्शाता है: मृतकों में जीवन देना और मृत्यु की सत्ता के विरुद्ध विजय देना।
मुख्य संदेश
原 संदर्भ से मुख्य सिद्धांत
यही कथन बताता है कि मसीह एक ऐसी शक्ति है जो मृत्यु के अंतिम क्षेत्र में भी जीवन ला सकता है। वह जन्म और मृत्यु के क्षणों के बीच एक दृढ़ पुल बनकर खड़े हैं, जहाँ व्यक्ति का विश्वास स्वतंत्र रूप से यीशु के प्रति भरोसे पर टिकता है।
महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसे
इन संदर्भों से यह स्पष्ट हो जाता है कि परमेश्वर का मनोरथ जीवन को न सिर्फ समय के लिए बचाना नहीं, बल्कि अनंत जीवन के लिए जीवन को नया बनाना है—ताकि विश्वास से भरपूर प्रत्येक व्यक्ति में मृत्यु के बाद भी एक नया आरम्भ हो सके।
उपयोगी टिप्पणियाँ (2-3 बिंदु)
समापन ध्यान
यह वचन हमें याद दिलाता है कि जीवन और मौत के प्रश्नों में सबसे बड़ी जीत यीशु के पास है। वह जीवन है, और जो मुझ पर विश्वास करता है, उसका जीवन अब और अन्त तक सुरक्षित है। आत्मा की शांति, आशा, और नए जन्म के अनुभव के लिए आज उसी नाम पर भरोसा करें।
सूत्रित उद्धरणs (यदि उपयोग हों)
एंटीक पलटियों से जुड़े प्रमुख टिप्पणीकारों के संकल्पनात्मक संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke—इनके विचारों में इसी verse की व्याख्या का स्वरूप मिलता है कि मसीह ही जीवन का स्रोत हैं।