Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 11:1 यूहन्ना 11:2 यूहन्ना 11:3 यूहन्ना 11:4 यूहन्ना 11:5 यूहन्ना 11:6 यूहन्ना 11:7 यूहन्ना 11:8 यूहन्ना 11:9 यूहन्ना 11:10 यूहन्ना 11:11 यूहन्ना 11:12 यूहन्ना 11:13 यूहन्ना 11:14 यूहन्ना 11:15 यूहन्ना 11:16 यूहन्ना 11:17 यूहन्ना 11:18 यूहन्ना 11:19 यूहन्ना 11:20 यूहन्ना 11:21 यूहन्ना 11:22 यूहन्ना 11:23 यूहन्ना 11:24 यूहन्ना 11:25 यूहन्ना 11:26 यूहन्ना 11:27 यूहन्ना 11:28 यूहन्ना 11:29 यूहन्ना 11:30 यूहन्ना 11:31 यूहन्ना 11:32 यूहन्ना 11:33 यूहन्ना 11:34 यूहन्ना 11:35 यूहन्ना 11:36 यूहन्ना 11:37 यूहन्ना 11:38 यूहन्ना 11:39 यूहन्ना 11:40 यूहन्ना 11:41 यूहन्ना 11:42 यूहन्ना 11:43 यूहन्ना 11:44 यूहन्ना 11:45 यूहन्ना 11:46 यूहन्ना 11:47 यूहन्ना 11:48 यूहन्ना 11:49 यूहन्ना 11:50 यूहन्ना 11:51 यूहन्ना 11:52 यूहन्ना 11:53 यूहन्ना 11:54 यूहन्ना 11:55 यूहन्ना 11:56 यूहन्ना 11:57



यूहन्ना 11:4 पर टिप्पणी
पद में यीशु उस खबर पर उत्तर दे रहे हैं जो मार्था, मरियम और उनके भाइयों के साथ मरे हुए लाज़रुस के विषय में फैली थी। इस समय यीशु ने कहा कि यह बीमारी मृत्यु की नहीं, परन्तु परमेश्वर की महिमा के लिये है, ताकि परमेश्वर के पुत्र की महिमा प्रकट हो। यहाँ यह संकेत है कि परमेश्वर की योजना में कष्ट, दुख और बीमारी भी उद्देश्यपूर्ण रूप से हैं, ताकि उसकी महिमा और विश्वास का परीक्षण सामने आ सके।
मुख्य बात क्या है?
इस वाक्य का मूल आशय यह है कि घटनाओं की एक परमेश्वर-निर्धारित दिशा है। Jésus वह दृढ़ता से विश्वास दिलाते हैं कि मृत्यु-घटना भी ईश्वर के उद्देश्य के लिए है—न कि चूक। इससे यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर की महिमा और यीशु की पहचान, दोनों प्रतिक्रिया-नएकरण और विश्वास-निर्भरता के अवसर के रूप में सामने आते हैं।
तीन प्रमुख विषय
संलग्न अंश और पारिभाषिक संदर्भ
इस वाक्य का अर्थMatthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पारंपरिक उद्घार्यों के संदर्भ में एक साथ पढ़ने पर वही ध्वनि देता है—कि दुःख, बीमारी या देह-हानि भी ईश्वर की योजना का हिस्सा हो सकते हैं ताकि परमेश्वर की महिमा और यीशु मसीह की महिमा प्रकट हो।
Related passages: प्रेरितों के काम (क्रियाएं 11:18) में विश्वास की वृद्धि और ईश्वर के कार्यों की महिमा पर बल दिया गया है; योहान 9:3 में यीशु बताते हैं कि विशिष्ट बीमारियाँ भी दिव्य कार्यों के लिए संकेत हो सकती हैं; रोमियों 8:28 में विश्वासयोग्यता के साथ कहा गया है कि सभी चीजें परमेश्वर की योजना के अनुसार मिलकर भलाई में काम करती हैं।
व्यावहारिक विचार
संक्षिप्त सार
यूहन्ना 11:4 हमें सिखाता है कि दुख, बीमारी और देहगत घटनाएं भी परमेश्वर की महिमा के लिए मंचन हो सकती हैं। इस दृष्टि से, हम कठिन समय में भीสัตย์पूर्वक ईश्वर की योजना पर भरोसा रखें और मसीह की महिमा को बढ़ाने वाले विश्वास के कदम उठाते रहें।
छोटे CROSS-रेफरेंसेस
क्रियाओं 11:18 — परमेश्वर के कार्य के बारे में समुदाय की पुष्टि; योहन 9:3 — कुछ रोग भी दिव्य कार्य के संकेत हो सकते हैं; रोमियों 8:28 — सभी चीजें मिलकर भलाई के लिये काम करती हैं—ये सब इस verse के व्यापक मंत्र को स्पष्ट करते हैं।
नोट: इस विश्लेषण में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों के तथ्य-आधार से संयुक्त, संक्षिप्त व्याख्या शामिल है; यदि किसी स्पष्ट उद्धरण का उल्लेख है, तो नीचे उद्धृत शाब्दिक संकेत diacritics सहित उद्धृत हैं।