यूहन्ना 11:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब उसकी बहनों ने उसे कहला भेजा, “हे प्रभु, देख, जिससे तू प्‍यार करता है*, वह बीमार है।”

पिछला पद
« यूहन्ना 11:2
अगला पद
यूहन्ना 11:4 »

यूहन्ना 11:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

यूहन्ना 11:3 पर टिप्पणी: पयासेमुख स्थिति और प्रभु की नज़दीकी

मुख्य बिंदु: यहाँ मर्यादा से भरे सरल संदेश में भी प्रेम और विश्वास की कसौटी छिपी है—यह नहीं कि मसीह तुरंत हर चीज़ को ठीक कर दें, बल्कि वह दिखाते हैं कि कैसे विश्वास, प्रेम और उपस्थिति एक साथ चलकर परमेश्वर के उद्देश्य को पूरा करते हैं.

पाठ का साहित्यिक संदर्भ

यूहन्ना 11 अध्याय में लज़रु की बीमारी का समाचार उनके प्रेम-पत्‍यों को मिला। verse 3 में उनकी बहनें यह संदेश लाकर यीशु को बताते हैं: "हे प्रभु, देख, जिससे तू प्यार करता है, वह बीमार है"। यह वक्तव्य दो चीज़ों पर प्रकाश डालता है: पहले, मित्रता और आत्मीय संबंध; द्वितीय, प्रभु की पहचान—वह है जो प्रेम का स्रोत है और जिसे बीमारी की स्थिति स्पष्ट रूप से बताई गई है। लेखक यूहन्ना ने इसे एक नाटक के रूप में रखा है ताकि पाठक यह समझ सकें कि वास्तविक संकट में भी प्रभु के प्रेम की पहचान कैसे होती है।

थीमेटिक संकेत और theological significance

  • बहनों की सूचना में उन्होंने विश्वास के धागे को पहले प्रकट किया—उन्होंने कहा, “जो तू प्रेम करता है”—यानी प्रभु के निजी अनुभव के साथ उनके उपचार की उम्मीद जुड़ी है। यह संकेत देता है कि विश्वास की शुरुआत प्रेम के अनुभव से होती है, न कि बीमार स्वास्थ्य से पहले।
  • पाठ आगे दिखाता है कि बीमारी कितना भी गहरा क्यों न हो, यीशु की उपस्थिति और उसके शब्दों में शक्ति है। उनकी मरहमदारी प्रेम-आधारित है, पर वह समय और तरीकों से संचालित होते हैं जो भगवान के उद्देश्य को पूरा करते हैं।

धर्मशास्त्रीय आयाम

प्लग-इन विचारों के अनुसार, यह पाठ हमें स्मरण कराता है कि रोग और संकट के बीच भी प्रभु का प्रेम विश्वस्त है। कुछ पुरानी टिप्पणी कारों के अनुसार, यह घटना एक चिह्न है कि मृत्यु पर विजय वही अनुभव कराया जाएगा जो मरियम और मาร์था के बाद लज़र के पुनरुत्थान में प्रकट होगा। इसलिए यह पाठ विश्वास को स्थिर रखने का आह्वान है—कि हम संकट के समय भी प्रभु के प्रेम पर निर्भर रहें।

अन्य-पवित्र सन्दर्भों के साथ संबंध

- प्रेरित पथ पर ऐसे अवसर मिलते हैं जहां प्रभु की उपस्थिति परीक्षण-समय में विश्वास को प्रकट करती है (यूहन्ना 11:4, 11-14 में यीशु की शिक्षाएँ और शब्द)।

- यीशु के चमत्कारिक उपचारों की श्रृंखला में यह घटना बताती है कि मृत्यु से जीवन की ओर मार्ग प्रभु के शब्दों से होता है (यूहन्ना 11:25-26)।

- उद्धार की आशा का संकेत भी मिलता है कि प्रेम के साथ आने वाला प्रभाव अनंत जीवन के लिए पुनःजीवित करता है (यूहन्ना 11:26)।

आत्म-चिंतन के लिए प्रश्न

  • क्या आपके संकट में भी आप प्रभु के प्रेम की पहचान कर पाते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
  • प्रभु की उपस्थिति कब सबसे स्पष्ट रूप से आपको प्रेरित करती है—जब वह आपकी परिस्थितियों को बदल दें, या जब वह धैर्य और विश्वास को बढ़ावा दें?

संक्षेप निष्कर्ष

यूहन्ना 11:3 हमें यह सिखाता है कि प्रेम का परिचय संकट के समय और प्रभु की पहचान—दोनों एक साथ मिलकर संकेत बनते हैं कि विश्वसनीय मित्र यीशु हमारे साथ है। यह न सिर्फ बीमारी की स्थिति से निपटने के बारे में है, बल्कि यह बताने वाला है कि परमेश्वर की योजना में प्रेम और विश्वास कैसे साथ चलकर महान चमत्कार की राह बनाते हैं।

पवित्र-ग्रंथ से क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके विचार

- प्रेरित लेखन में विश्वास और प्रेम के साथ प्रभु के आशीष मिलते हैं; यह कहानी लज़र के बारे में है, परन्तु हमारे जीवन के रोग-भाव के साथ भी प्रासंगिक है।

- मत्ती 11:28-30 के साथ तुलना में, क्रोध-नहीं, विश्वास-भारी आराम है जो यीशु देता है।

- रोम 8:28 के संदर्भ में, यह समझना संभव है कि संकट भी भगवान के उद्देश्य के लिए मार्गदर्शक हो सकता है, देखने के तरीके से नहीं।

कृपया ध्यान दें: नीचे उद्धृत सटीक टिप्पणी-उद्धरण केवल Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के उपलब्ध सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से हैं, यदि उपलब्ध हो:

— "The sickness is known to be unto death" (यदि उपलब्ध हो) आदि; अन्यथा संक्षेप सामान्य सार है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यूहन्ना 11:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यूहन्ना 11:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 11:5 (HINIRV) »
और यीशु मार्था और उसकी बहन और लाज़र से प्रेम रखता था।

प्रकाशितवाक्य 3:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 3:19 (HINIRV) »
मैं जिन जिनसे प्रेम रखता हूँ, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूँ, इसलिए उत्साही हो, और मन फिरा। (नीति. 3:12)

यूहन्ना 11:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 11:11 (HINIRV) »
उसने ये बातें कहीं, और इसके बाद उनसे कहने लगा, “हमारा मित्र लाज़र सो गया है, परन्तु मैं उसे जगाने जाता हूँ।”

यूहन्ना 11 (HINIRV) Verse Selection

यूहन्ना 11:1 यूहन्ना 11:2 यूहन्ना 11:3 यूहन्ना 11:4 यूहन्ना 11:5 यूहन्ना 11:6 यूहन्ना 11:7 यूहन्ना 11:8 यूहन्ना 11:9 यूहन्ना 11:10 यूहन्ना 11:11 यूहन्ना 11:12 यूहन्ना 11:13 यूहन्ना 11:14 यूहन्ना 11:15 यूहन्ना 11:16 यूहन्ना 11:17 यूहन्ना 11:18 यूहन्ना 11:19 यूहन्ना 11:20 यूहन्ना 11:21 यूहन्ना 11:22 यूहन्ना 11:23 यूहन्ना 11:24 यूहन्ना 11:25 यूहन्ना 11:26 यूहन्ना 11:27 यूहन्ना 11:28 यूहन्ना 11:29 यूहन्ना 11:30 यूहन्ना 11:31 यूहन्ना 11:32 यूहन्ना 11:33 यूहन्ना 11:34 यूहन्ना 11:35 यूहन्ना 11:36 यूहन्ना 11:37 यूहन्ना 11:38 यूहन्ना 11:39 यूहन्ना 11:40 यूहन्ना 11:41 यूहन्ना 11:42 यूहन्ना 11:43 यूहन्ना 11:44 यूहन्ना 11:45 यूहन्ना 11:46 यूहन्ना 11:47 यूहन्ना 11:48 यूहन्ना 11:49 यूहन्ना 11:50 यूहन्ना 11:51 यूहन्ना 11:52 यूहन्ना 11:53 यूहन्ना 11:54 यूहन्ना 11:55 यूहन्ना 11:56 यूहन्ना 11:57

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें