न्यायियों 21:24 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसी समय इस्राएली भी वहाँ से चलकर अपने-अपने गोत्र और अपने-अपने घराने को गए, और वहाँ से वे अपने-अपने निज भाग को गए।

न्यायियों 21:24 पद-दर-पद बाइबल टीका

न्यायियों 21:24 का संदर्भ और उद्देश्य

इस पद का संदर्भ न्यायियों की समाप्ति-यात्रा से जुड़ा है, जहाँ इजराएली गुट-गण, जिन्होंने सुरक्षा और सुरक्षा-देह के लिए युद्ध के बाद अपने-अपने गोत्र और घरानों की ओर लौटना लिया, एक साथ आकर अपने निज भाग तक पहुँचते हैं। यह वाक्यांश बताता है कि वे एक-दूसरे से मिलकर चुने हुए क्षेत्र-योग तक वापस चले गए और चारों ओर के विभाजन के साथ अपने-अपने परिवारिक दायित्वों की ओर लौटे। यह पंक्ति पूर्ववर्ती घटनाओं के परिणामस्वरूप समाज की संरचना और राज्य गठन के चरणों की स्पष्ट परिणति को दर्शाती है।

मुख्य विचार

यह वाक्य एक सामाजिक-आर्थिक और पारिवारिक पुनर्संयोजन का संकेत देता है: युद्ध के बाद शांति-प्राप्ति के समय लोगों के अपने-अपने घराने और गोत्रों में लौटना, अपने निज भाग के अनुसार जीवन-यापन और कर्तव्यों के वितरण को स्वीकारना। यह दृष्टांत बताता है कि पवित्र इतिहास भी इस तरह की नागरिक-जीवन की सामान्य गतिविधियों को पवित्र निर्देशों के साथ संयोजित करता है—क्योंकि समुदाय की स्थिरता और परिवारिक उत्तरदायित्व ही समाज की रीढ़ बनते हैं।

दो-तीन केंद्रीय विषय

  • नेटवर्क से समाज की संरचना: हर गोत्र और परिवार अपने हिस्से के प्रभाव-क्षेत्र में लौटता है, जिससे सामाजिक इकाईयां मजबूत होती हैं।
  • युद्ध के बाद पुनः संगठित जीवन: विभाजन के बाद निज-भाग पर लौटना एक प्रकार की पुनर्स्थापनात्मक प्रक्रिया है जो स्थिरता पैदा करती है।
  • पारिवारिक दायित्व और समुदाय-समन्वय: घराने-गोत्र की पुनर्संयोजन से धर्म-न्याय और सामाजिक अनुशासन बनी रहती है।

उद्धरण-संदर्भ और तात्पर्य

यहाँ एक साथ आकर अपने-अपने निज भाग को लौटना—गोत्रों और घरानों में बंटे रहने की परंपरा को बनाए रखना—परिणामस्वरूप समुदाय के भीतर क्रम बनाए रखने की व्याख्या है। यह विचार अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क आदि के पारंपरिक टिप्पणियों के अनुरूप एक सरल पुनर्संयोजन दिखाता है: युद्ध के बाद जीवन के दैनिक कर्तव्यों की पुनः स्थापना से समाज मजबूत होता है। (याद रहे, नीचे दिया गया संक्षिप्त संदर्भ केवल लक्षित विचारों के लिए है; पूर्ण शब्दों की प्रतिलिपि उद्धृत नहीं की जा रही है।)

संबद्ध पड़ाव-उद्धरण (संक्षेप)

यह অনुवाद में सीधे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पूर्ण वाक्यों को उद्धृत नहीं करता, पर उनकी व्याख्या-शैली से यह संकेत मिलता है कि जीवन-यापन के पुनः आरम्भ में नैतिक और सामाजिक क्रम का पुनर्स्थापन महत्वपूर्ण है। अगर आप उनके चर्चित विवेचन से शब्द-उद्धरण चाहते हों, तो उनके टिप्पणी-पञों में उनके समानार्थी व्याख्यात्मक संकेत मिलेंगे।

अनुकूल cross-references

1) रोम 12:18 — यदि संभव हो सके, तो आपसी मेल-मिलाप और समुदाय-समन्वय की स्थिति बनाए रखें। यह verse समुदाय-निर्माण के पहलू को सिद्ध करता है।

2) किंग्स 8:61 — दिलों में एकरूपता बनाए रखना ताकि आपसी सदस्यता और वाद-विवाद के बीच समन्वय बना रहे।

3) नह 9:38 — समाज में नियम और कर्तव्य-पालन की पुनः स्थापना का महत्व।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि न्यायियों 21:24 में लौटना केवल भौतिक यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक-धार्मिक संरचना का पुनर्निर्माण भी है।

व्यावहारिक विचार

  • अपने निज भाग-उपभाग और परिवारिक दायित्वों को प्राथमिकता दें; सुरक्षित समुदाय के लिए हर व्यक्ति की भूमिका आवश्यक है।
  • कठिन समय के बाद पुनः एकाग्र होकर काम करना और आपसी सहयोग बनाए रखना समाज की स्थिरता सुनिश्चित करता है।

संक्षिप्त सार

यही वाक्य बयान करता है कि युद्ध के बाद इजराएल के लोग अपने-अपने गोत्रों और घरानों की ओर लौटकर अपने निज भाग को स्पष्ट रूप से ग्रहण करते हैं। यह पुनः संगठन और पारिवारिक-समुदायिक दायित्वों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है, जो स्वयं समाज के स्वास्थ्य और धर्मपालन को मजबूत बनाते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

न्यायियों 21:24 समानांतर पद और संबंधित वचन

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